नॉर्थ ईस्ट

असम-मिज़ोरम सीमा पर फ़िर हुई हिंसा, असम के हैलाकांडी ज़िले में निषेधाज्ञा लागू

मिज़ोरम के कोलासिब और असम के हैलाकांडी ज़िले में बीते नौ फरवरी की रात हुई झड़प में कई लोग घायल हो गए. पिछले साल अक्टूबर-नवंबर में भी असम के कछार ज़िले और मिज़ोरम के कोलासिब ज़िले के लोगों के बीच हिंसक झड़प हुई थी, जिसके बाद सीमा पर तब कई दिन तक तनाव रहा था.

(फोटो साभार: ट्विटर/@kushaldebroy)

(फोटो साभार: ट्विटर/@kushaldebroy)

हैलाकांडी/आइजोल: असम-मिजोरम सीमा पर विवादित क्षेत्र में दोनों राज्यों के लोगों के बीच हुई झड़पों में कई लोग घायल हो गए. अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी.

मिजोरम-असम सीमा के साथ कोलासिब जिले (मिजोरम) में जोफई क्षेत्र (कचूरथोल क्षेत्र) में दोनों पड़ोसी राज्यों के निवासियों के बीच झड़प में मिजोरम के कुछ लोग और असम के कुछ लोग घायल हो गए हैं.

मिजोरम के कोलासिब जिले से सटे असम के हैलाकांडी जिले में स्थिति की गंभीरता को देख प्रशासनिक अधिकारियों ने क्षेत्र में धारा 144 लागू कर दी है.

इस संबंध में बुधवार को एक अधिकारी ने बताया कि हिंसा और आगजनी की घटना नौ फरवरी की रात रामनाथपुर थानांतर्गत कचूरथोल में हुई.

हैलाकांडी और कोलासिब दोनों के अधिकारियों ने कहा कि क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और स्थिति अब नियंत्रण में है. प्रशासन तथा पुलिस के अधिकारी डेरा डाले हुए हैं.

स्थिति को और बिगड़ने से रोकने के लिए अतिरिक्त जिलाधिकारी आरके डाम ने धारा 144 के तहत तत्काल प्रभाव से निषेधाज्ञा लागू कर दी है.

हैलाकांडी के उपायुक्त मेघ निधि दहल, पुलिस अधीक्षक पबिंद्र कुमार नाथ और डीआईजी (दक्षिणी रेंज) दिलीप कुमार डे ने घटनास्थल का दौरा किया.

कोलासिब के उपायुक्त एच लालथलंगलियाना ने कहा, ‘मैं अपने हैलाकांडी समकक्ष के साथ लगातार संपर्क में हूं. बुधवार को कोई और घटना सामने नहीं आई.’

इस बीच क्षेत्र के विधायक सुजामुद्दीन लश्कर ने मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल और पुलिस महानिदेशक भास्कर ज्योति महंत को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि पड़ोसी राज्य से सशस्त्र हमले के चलते सीमा पर रह रहे लोगों के मन में सुरक्षा की भावना पैदा करने के लिए तत्काल कदम उठाए जाएं.

कल्तीचेरा के विधायक लश्कर ने दावा किया कि नौ फरवरी की रात पड़ोसी राज्य के शरारती तत्वों के हमले में लगभग 30 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं और लगभग 50 मकान आगजनी में नष्ट हो गए हैं.

नॉर्थईस्ट नाउ के मुताबिक मिजो नेशनल फ्रंट (एमएनएफ) ने घारमौरा में मिजो लोगों पर हमले की कड़ी निंदी की है.

मिजोरम के मुख्यमंत्री जोरमथांगा घारमौरा में मिजोस पर हमले की निंदा की. उन्होंने बुधवार को मिजो नेशनल फ्रंट (एमएनएफ) विधानमंडल दल की बैठक में घारमौरा में उपद्रवियों द्वारा मिजो समुदाय के लोगों पर किए गए हमले को कायरतापूर्ण बताया.

बीते बुधवार को उन्होंने ट्वीट कर कहा, ‘मिजो नेशनल फ्रंट के विधायक दल की आज (बुधवार) बैठक हुई, जिसमें हैलाकांडी जिले के घारमौरा में असम के उपद्रवियों द्वारा निर्दोष मिजो समुदाय के लोगों पर कायरतापूर्ण हमले की निंदा की गई. मैं बच्चों, महिलाओं और पुरुषों के खिलाफ हिंसा के इस नीच कृत्य की निंदा करता हूं.’

बैठक में असम से लगी सीमा जोफई क्षेत्र में हुई हिंसा के लिए असम के कुछ उपद्रवियों को जिम्मेदार ठहराया गया.

कोलासिब जिला के डिप्टी कमिश्नर एच. लालथेल्लियाना ने कहा कि मिजोरम के बिजली विभाग के एक अधिकारी और दो कर्मचारी बिजली लाइन का निरीक्षण करने गए थे, तभी असम के बाईराबाई गांव के लोगों ने उन्हें पीटा, उसके बाद झड़प हुई.

उन्होंने कहा कि तीनों लोग असम सरकार द्वारा विवादित भूमि में एक लिंक सड़क के निर्माण की तस्वीरें ले रहे थे, जब स्थानीय लोगों ने उन पर हमला किया.

उन्होंने कहा कि अज्ञात बदमाशों द्वारा 19 झोपड़ियों को जला दिया गया. स्थिति सामान्य करने के लिए दोनों राज्यों द्वारा क्षेत्र में सुरक्षा बल तैनात की गई है.

डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि अज्ञात बदमाशों ने नौ फरवरी की रात करीब 9 बजे हैलाकांडी जिले (असम) के घारमौरा के एक मिशन परिसर में विस्फोट किया था. यह जोफई में सीमा विवाद का नतीजा था.

उन्होंने कहा कि उपद्रवियों द्वारा मिशनरी पर हमले में करीब पांच लोग घायल हो गए, जो वहां रह रहे थे. इसके अलावा एक अन्य घर में भी तोड़फोड़ की और एक कार को जला दी.

पांचों घायलों को बुधवार सुबह आइजोल लाया गया और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

इससे पहले, तीन फरवरी को मिजोरम की सीमा के नजदीक हैलाकांडी के मुलियाला में एक शक्तिशाली बम विस्फोट में एक स्कूल की इमारत नष्ट हो गई थी.

बता दें कि पिछले साल अक्टूबर-नवंबर में भी असम-मिजोरम सीमा पर तब कई दिन तक तनाव रहा था, जब असम के कछार जिले और मिजोरम के कोलासिब जिले के लोगों के बीच हिंसक झड़प हुई थी, जिसमें कई लोग घायल हो गए थे तथा कई कच्चे मकान जला दिए गए थे.

मिजोरम और असम के बीच 164.6 किलोमीटर लंबी सीमा है. सीमा विवाद को सुलझाने के लिए 1995 से कई दौर की वार्ता हो चुकी है, लेकिन इसका कोई ठोस परिणाम नहीं निकला है.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)