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वायु प्रदूषण: दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता बहुत ख़राब श्रेणी में पहुंची

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में शनिवार सुबह घना कोहरा छाया रहा. सफ़दरजंग में दृश्यता गिरकर 50 मीटर और पालम में 250 मीटर रह गई थी. वायु गुणवत्ता और मौसम पूर्वानुमान एवं अनुसंधान केंद्र के अनुसार, वायु गुणवत्ता सूचकांक सुबह नौ बजे 331 रहा.

राष्ट्रीय राजधानी में शनिवार को घना कोहरा छाया रहा. (फोटो: एएनआई)

राष्ट्रीय राजधानी में शनिवार सुबह घना कोहरा छाया रहा. (फोटो: एएनआई)

नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में शनिवार सुबह घना कोहरा छाया रहा और इसके चलते सुबह 8:30 बजे सफदरजंग इलाके में दृश्यता गिरकर 50 मीटर और पालम में 250 मीटर रह गई. मौमस विभाग के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी.

राष्ट्रीय राजधानी में वायु गुणवत्ता ‘बेहद खराब’ श्रेणी में दर्ज की गई. वायु गुणवत्ता और मौसम पूर्वानुमान एवं अनुसंधान केंद्र के अनुसार वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) सुबह नौ बजे 331 रहा.

मौमस विभाग के अधिकारी ने बताया कि शहर में न्यूनतम तापमान 10.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. उन्होंने बताया कि सुबह 8:30 बजे सापेक्ष आर्द्रता सौ प्रतिशत रही. दिन में अधिकतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रहने का पूर्वानुमान व्यक्त किया गया है.

हिन्दुस्तान टाइम्स के मुताबिक, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार शनिवार सुबह आईटीओ में एक्यूआई 392, आरकेपुरम में 412 और चांदनी चौक में 406 दर्ज किया गया, जो कि बहुत खराब श्रेणी में आता है.

दिल्ली हवाई अड्डे ने एक बयान में कहा कि कोहरे के कारण दिल्ली हवाई अड्डे पर दृश्यता बहुत कम हो गई है. हालांकि, सभी उड़ानों का संचालन सामान्य हैं.

इससे पहले भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने 13 फरवरी की सुबह पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पूर्वी उत्तर प्रदेश और उत्तर-पश्चिम राजस्थान के अलग-अलग इलाकों में घने कोहरे की आशंका जताई थी.

शुक्रवार को भी राष्ट्रीय राजधानी समेत पड़ोसी शहरों में वायु गुणवत्ता बहुत खराब श्रेणी में दर्ज की गई थी. गाजियाबाद, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गुड़गांव और फरीदाबाद में वायु गुणवत्ता (एक्यूआई) बहुत खराब श्रेणी में दर्ज की गई थी.

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के वायु गुणवत्ता सूचकांक के मुताबिक, शुक्रवार को दिल्ली के पांचों पड़ोसी शहरों में वायु में प्रदूषक तत्वों ‘पीएम 2.5’ (वायु में 2.5 माइक्रॉन या इससे कम व्यास वाले कण) और ‘पीएम 10’ की मौजूदगी बनी रही.

सूचकांक के मुताबिक, शून्य और 50 के बीच एक्यूआई को ‘अच्छा’, 51 और 100 के बीच ‘संतोषजनक’, 101 और 200 के बीच ‘मध्यम’, 201 और 300 के बीच ‘खराब’, 301 तथा 400 के बीच ‘बेहद खराब’ और 401 तथा 500 के बीच ‘गंभीर’ माना जाता है.

सीपीसीबी के समीर ऐप के मुताबिक, शुक्रवार को शाम चार बजे तक औसत एक्यूआई गाजियाबाद में 372, नोएडा में 363, ग्रेटर नोएडा में 352, फरीदाबाद 326 और गुड़गांव में 347 दर्ज किया गया था.

सीपीसीबी के मुताबिक, एक्यूआई के ‘बेहद खराब’ श्रेणी में रहने से लोगों को सांस लेने संबंधी बीमारी हो सकती है.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)