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उत्तर प्रदेश: पुलिस हिरासत में युवक की मौत, थानाध्यक्ष समेत तीन पुलिसकर्मी निलंबित

उत्तर प्रदेश के जौनपुर ज़िले के बक्शा थाने का मामला. लूट के एक मामले में अपराध शाखा का दल मृतक युवक समेत चार-पांच लोगों को पूछताछ के लिए बक्शा थाने लाया था. परिवारवालों ने पिटाई द्वारा युवक की हत्या करने का आरोप पुलिस पर लगाया है.

(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

जौनपुर: उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के बक्शा थाने में पूछताछ के लिए लाए गए एक युवक की बीते 11 फरवरी की देर रात हिरासत में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई.

पुलिस अधीक्षक राज करन नैय्यर ने इस घटना के बाद बक्शा थाने के थानाध्यक्ष सहित तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया. उन्होंने घटना की मजिस्ट्रेट जांच का भी आदेश दिया है.

इस घटना की सूचना पर बीते शुक्रवार को हज़ारों की संख्या में आक्रोशित ग्रामीणों ने लखनऊ वाराणसी राजमार्ग को जाम कर पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन कर पथराव किया.

इस घटना में पुलिस क्षेत्राधिकारी (नगर) जितेंद्र दुबे सहित कई पुलिस अधिकारी और कर्मचारी घायल हो गए हैं. घटना की गंभीरता को देख थाना परिसर से लेकर जिला अस्पताल तक पुलिस और पीएसी के जवानों के अलावा कई थानों की फोर्स तैनात कर दी गई है.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, जौनपुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक त्रिभुवन सिंह ने बताया कि थानाध्यक्ष अजय कुमार सिंह, जौनपुर पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप के इंचार्ज और तीन अज्ञात कॉन्स्टेबलों के खिलाफ हत्या से संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है.

पुलिस अधीक्षक नैय्यर ने बताया कि लूट के एक मामले में अपराध शाखा का दल चार-पांच युवकों को पूछताछ हेतु बक्शा थाने लाया था.

उन्होंने बताया कि पूछताछ के बाद 11 फरवरी को थाना क्षेत्र के चकमिर्जापुर निवासी तिलकधारी यादव के 25 वर्षीय पुत्र किशन यादव उर्फ पुजारी को पुलिस ने हिरासत में लिया था, देर रात किशन की तबीयत खराब हो गई, पुलिसकर्मी उसे रात करीब एक बजे अस्पताल ले गए, जहां से चिकित्सकों ने उसे जिला अस्पताल भेज दिया और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई.

पुलिस अधीक्षक का कहना है कि अभियुक्त के पास लूट के घटना में शामिल होने के कई साक्ष्य मिले थे, जिसके आधार पर उसको हिरासत में लिया गया था. वहीं परिवारवाले पुलिस द्वारा पिटाई करके हत्या का आरोप लगा रहे है.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)