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महाराष्ट्र में फिर बढ़े कोविड-19 संक्रमण के मामले, पांच ज़िलों में कड़े प्रतिबंध लगाए गए

कोविड-19 के बढ़ते मामलों के मद्देनज़र यवतमाल, अमरावती, अकोला, बुलढाना और वाशिम ज़िलों में कड़े प्रतिबंध लगा दिए हैं और दो जिलों में आंशिक लॉकडाउन लगाया है. वहीं मुंबई में बीएमसी ने नए दिशानिर्देश जारी किए हैं, जिसके अनुसार पांच से ज़्यादा संक्रमितों वाली इमारतों को सील किया जाएगा.

मुंबई के छत्रपति शिवजी टर्मिनस पर यात्रियों का तापमान लेते बीएमसी कर्मचारी. (फोटो: पीटीआई)

मुंबई के छत्रपति शिवजी टर्मिनस पर यात्रियों का तापमान लेते बीएमसी कर्मचारी. (फोटो: पीटीआई)

मुंबई: कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच महाराष्ट्र एक बार फिर लॉकडाउन की ओर बढ़ता नजर आ रहा है. महाराष्ट्र सरकार ने कई जिलों में सख्त पाबंदियां लगा दी है.

कोविड-19 के बढ़ते मामलों से चिंतित पूर्वी महाराष्ट्र के यवतमाल जिला प्रशासन ने गुरुवार रात से दस दिवसीय लॉकडाउन का आदेश दिया.

इससे पहले दिन इसी विदर्भ क्षेत्र के अमरावती जिले में शनिवार रात 8 बजे से सोमवार सुबह 7 बजे तक सप्ताहांत लॉकडाउन की घोषणा की गई थी.

यवतमाल के जिलाधिकारी एमडी सिंह ने कहा कि जिले में कोरोना वायरस मामलों की संख्या एक फरवरी से बढ़ रही है और जिले में बुधवार तक की स्थिति के अनुसार यहां इसके 606 उपचाराधीन मामले हैं.

उन्होंने कहा कि नए मामलों में से लगभग 80 से 90 प्रतिशत मामले यवतमाल, पंढरकावड़ा और पुसद शहरों से सामने आ रहे हैं.

उन्होंने कहा कि इस दौरान स्कूल, कॉलेज, कोचिंग क्लास बंद रहेंगे और किसी भी धार्मिक कार्य की अनुमति नहीं दी जाएगी जबकि शादियों में केवल 50 व्यक्तियों को अनुमति दी जाएगी.

इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, यवतमाल, अमरावती, अकोला, बुलढाना और वाशिम जिलों में कोविड-19 की स्थिति को देखते हुए कड़े प्रतिबंध लगा दिए हैं और दो जिलों में आंशिक लॉकडाउन लगाया है.

विदर्भ क्षेत्र के 11 में से पांच जिलों में गुरुवार को कोविड-19 के 1,188 नए मामले आए, जिनमें अमरावती सबसे ज्यादा 597 मामलों के साथ आगे है, इसके बाद यवतमाल (237), अकोला (179), बुलढाना (134) और वाशिम (41) हैं.

अमरावती जिले में सक्रिय मामले बुधवार को 3,468 थे, जो कि एक महीने पहले 423 था. अधिकारियों ने कहा कि जिले में कोविड-19 से प्रतिदिन होने वाली मौतें एक महीने पहले एक-दो थी जो अब बढ़कर तीन-चार हो गई.

अमरावती डिविजनल कमिश्नर पीयूष सिंह ने द इंडियन एक्सप्रेस को बताया, ‘सभी पांच जिलों में प्रतिबंध लगाए गए हैं. दो सबसे अधिक प्रभावित जिले – अकोला और अमरावती में शनिवार शाम पांच बजे से रविवार सुबह सात बजे तक आंशिक लॉकडाउन लागू रहेगा.’

इन प्रतिबंधों के अलावा अकोला जिले के अकोला, अकोट और मुर्तिजापुर, अमरावती जिले के अमरावती और अचलपुर, यवतमाल जिले के यवतमाल, पुसद और पंढरकवाड़ा को कंटेनमेंट ज़ोन घोषित किया गया है.

विदर्भ क्षेत्र के नागपुर डिवीजन में, नागपुर और वर्धा जिलों में मामले बढ़ रहे हैं. गुरुवार को क्षेत्र के 11 जिलों में कोविड -19 से 15 लोगों की मौतों हुई, फरवरी में एक दिन में सर्वाधिक बुधवार को 18 मौतें हुई थीं.

अमरावती डिवीजन में नए प्रतिबंध लागू होने के बाद सामाजिक-धार्मिक सभाओं की अनुमति नहीं होगी और विवाह समारोहों में 50 से अधिक लोगों को शामिल होने की अनुमति नहीं दी जाएगी. स्कूलों और अन्य शैक्षणिक संस्थान अगले नोटिस तक बंद रहेंगे.

इसके अलावा सार्वजनिक स्थानों पर पांच से अधिक लोगों को अनुमति नहीं दी जाएगी, दुकानें रात 8 बजे से पहले बंद हो जाएंगी और मास्क और सैनिटाइज़र के इस्तेमाल को सख्ती से लागू किया जाएगा.

सिंह ने कहा कि पांचों जिलों में कोविड रोगियों के संस्थागत क्वारंटीन पर भी जोर दिया जाएगा, जिनके घर में उचित पृथकवास की सुविधा है, वे अपने निवास पर खुद को क्वारंटीन कर सकते हैं.

इसके अलावा मुंबई में बढ़ते मामलों को रोकने के लिए बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) ने गुरुवार को नई गाइडलाइन जारी की है.

शादी, सभागृह, रेस्टोरेंट, पब्स, क्लब्स इत्यदि जगहों पर नियमों का उलंघन करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी. पांच से ज्यादा मरीजों वाली इमारतों पर प्रतिबंध रहेगा.

एक इमारत में 5 से अधिक मरीज पाए जाने पर उस इमरात को सील किया जाएगा. बिना मास्क के रेल में यात्रा करने वाले यात्रियों के विरुद्ध कार्रवाई करने के लिए 300 मार्शल नियुक्त किए गए हैं.

नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, जिन लोगों को होम क्वारंटीन किया जाएगा उनकी कलाई पर मुहर लगाया जाएगा और रोगियों की जानकारी हाउसिंग सोसाइटियों को दी जाएगी.

यदि रोगियों को क्वारंटीन मानदंडों का उल्लंघन करते हुए पाया जाता है, तो रोगी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाएगी और उसे संस्थागत क्वारंटीन सेंटर में स्थानांतरित कर दिया जाएगा.

मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने मंगलवार को चेतावनी दी थी कि यदि सार्वजनिक समारोहों में मास्क पहनने की मानक प्रक्रियाओं की अनदेखी की जाती है तो लॉकडाउन फिर से लागू किया जा सकता है.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)