राजनीति

टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी की पत्नी को नोटिस भेजने के बाद सीबीआई ने रिश्तेदार से पूछताछ की

रविवार को कथित कोयला चोरी मामले की जांच में शामिल होने का नोटिस पाने के बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे एवं तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी की पत्नी रुजिरा बनर्जी ने सीबीआई को पूछताछ के लिए मंगलवार को बुलाया है. वहीं रुजिरा की बहन मेनका गंभीर से सीबीआई ने सोमवार को क़रीब तीन घंटे पूछताछ की.

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी. (फोटो: पीटीआई)

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी. (फोटो: पीटीआई)

कोलकाता: केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की एक टीम रविवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे एवं तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी के कोलकाता स्थित घर पर पहुंची और उनकी पत्नी को नोटिस थमाकर कोयला चोरी मामले की जांच में शामिल होने को कहा.

रविवार को अभिषेक बनर्जी ने ट्वीट कर कहा, ‘आज अपराह्न दो बजे, सीबीआई ने मेरी पत्नी के नाम एक नोटिस तामील किया. हमें देश के कानून पर पूरा भरोसा है. हालांकि, यदि वे सोचते हैं कि वे हमें डराने के लिए इन हथकंडों का इस्तेमाल कर सकते हैं तो वे गलत हैं. हम वे लोग नहीं हैं, जो झुक जाएं.’

हालांकि, अभिषेक बनर्जी की पत्नी रुजिरा बनर्जी उस दौरान घर पर मौजूद नहीं थीं.

उन्होंने सोमवार को सीबीआई के समन का जवाब देते हुए कहा कि कथित कोयला चोरी घोटाले में पूछताछ के लिए केंद्रीय एजेंसी अपना एक दल मंगलवार को उनके घर पर भेजें.

रुजिरा ने सोमवार को समन का जवाब देते हुए सीबीआई से मंगलवार को पूर्वाह्न 11 बजे से अपराह्न तीन बजे के बीच अपने आवास पर आने को कहा है.

उन्होंने सीबीआई को लिखे एक पत्र में कहा, ‘हालाकि मैं इस कारण से अनभिज्ञ हूं कि मुझे पूछताछ के लिए क्यों बुलाया जा रहा है या जांच का विषय क्या है, आप अपनी सुविधानुसार कल 23 फरवरी 2021 को पूर्वाह्न 11 बजे से अपराह्न दोपहर तीन बजे के बीच मेरे आवास पर आ सकते हैं.’

उन्होंने कहा, ‘आप कब आएंगे कृपया इसकी जानकारी मुझे दे दें.’

सीबीआई ने अभिषेक बनर्जी की रिश्तेदार मेनका से की पूछताछ

सीबीआई की एक टीम कोयला चोरी मामले में पूछताछ के लिए मंगलवार को तृणमूल सांसद अभिषेक बनर्जी की पत्नी की बहन मेनका गंभीर के कोलकाता स्थित आवास पहुंची.

अधिकारियों ने बताया कि मेनका को रविवार को नोटिस दिया गया था, जिसके बाद सीबीआई की दो महिला अधिकारियों ने उनके आवास पर उनसे पूछताछ की

उन्होंने बताया कि मेनका अभिषेक की पत्नी रुजिरा बनर्जी की बहन हैं. बनर्जी ने सीबीआई को एक दिन पहले बताया था कि वह 23 फरवरी को पूर्वाह्न 11 बजे से अपराह्न तीन बजे तक हरीश मुखर्जी मार्ग पर स्थित अपने आवास पर मामले के संबंध में पूछताछ के लिए उपलब्ध रहेंगी.

समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, सीबीआई की टीम ने करीब तीन घंटे तक मेनका से उनके आवास पर पूछताछ की और करीब तीन बजे उनके आवास से निकली.

केंद्रीय जांच एजेंसी ने बीते साल नवंबर में कोयला चोरी रैकेट के कथित सरगना मांझी उर्फ लाला, ईस्टर्न कोलफील्ड लिमिटेड (ईसीएल) के महाप्रबंधकों- अमित कुमार धर (तत्कालीन कुनुस्तोरिया क्षेत्र और अब पांडवेश्वर क्षेत्र) तथा जयेश चंद्र राय (काजोर क्षेत्र), ईसीएल के सुरक्षा प्रमुख तन्मय दास, क्षेत्र सुरक्षा निरीक्षक, कुनुस्तोरिया, धनंजय राय और एसएसआई एवं काजोर क्षेत्र के सुरक्षा प्रभारी देबाशीष मुखर्जी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी.

आरोप है कि मांझी उर्फ लाला कुनुस्तोरिया और काजोर क्षेत्रों में ईसीएल की पट्टे पर दी गईं खदानों से कोयले के अवैध खनन और चोरी में लिप्त है.

तृणमूल कांग्रेस ने प्रतिशोध की राजनीति का आरोप लगाया

कोयला चोरी मामले में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे एवं तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी की पत्नी रुजिरा बनर्जी को पूछताछ के लिए नोटिस देने और रुजिरा की बहन मेनका गंभीर से सीबीआई द्वारा पूछताछ के बाद पश्चिम बंगाल में राजनीतिक तापमान को और बढ़ा दिया है, जहां अप्रैल-मई में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं.

एक तरफ, तृणमूल कांग्रेस ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध करार दिया, तो दूसरी तरफ भाजपा ने मामले का राजनीतिकरण नहीं करने की बात कही.

वहीं, सीबीआई की कार्रवाई के बाद ममता बनर्जी ने एक कार्यक्रम में कहा, ‘हमें जेल से डराने की कोशिश न करें, हमने बंदूकों के खिलाफ लड़ाई लड़ी है और हम चूहों के खिलाफ लड़ाई से नहीं डरते.’

उन्होंने कहा कि उनकी मातृभाषा बांग्ला ने उन्हें बाघ की तरह लड़ना सिखाया है और वह चूहों से नहीं डरतीं.

किसी व्यक्ति या किसी राजनीतिक दल का नाम लिए बिना तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने कहा कि उन्होंने हारना नहीं सीखा है.

मुख्यमंत्री ने यहां अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में कहा, ‘जब तक मैं जीवित हूं, मैं किसी डर या धमकी से नहीं डरने वाली.’

केंद्रीय जांच एजेंसी की कार्रवाई पर तृणमूल कांग्रेस ने राजनीतिक प्रतिशोध का आरोप लगाते हुए केंद्र में सत्तारूढ़ भाजपा पर हमला बोला और कहा कि सीबीआई इसका एकमात्र औजार है जो अब उसके पास बचा है.

वहीं, भाजपा ने तृणमूल कांग्रेस पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि वह मामले का राजनीतिकरण कर रही है और कानून अपना काम करेगा.

उधर, तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने आरोप लगाया कि बनर्जी की पत्नी को केंद्रीय जांच एजेंसी ने ऐसे दिन नोटिस थमाया है, जब एक दिन बाद कोलकाता की एक अदालत में बनर्जी द्वारा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ दायर किए गए मानहानि के मामले में सुनवाई होनी है.

अदालत ने शाह को सोमवार को अपने समक्ष ‘व्यक्तिगत रूप से या वकील के जरिये’ पेश होने को कहा है.

तृणमूल कांग्रेस के नेता कुणाल घोष ने आरोप लगाया कि अमित शाह को समन जारी करने के चलते ही भाजपा ध्यान बंटाने के लिए सीबीआई का इस्तेमाल कर रही है.

बंगाल के मंत्री फिरहाद हकीम ने कहा कि भाजपा को हार का डर सता रहा है, इसलिए राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों की पत्नियों और बेटियों को निशाना बनाया जा रहा है.

भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता शमिक भट्टाचार्य ने कहा कि अगर कुछ भी गलत नहीं किया है तो तृणमूल कांग्रेस इतना भयभीत और तनाव में क्यों है?

भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने कहा, ‘यदि किसी ने कुछ गलत किया है तो कानून अपना काम करेगा. जो दोषी हैं, उन्हें दंड मिलना चाहिए. किसी को भी मामले का राजनीतिकरण नहीं करना चाहिए.’

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अधीर चौधरी ने कहा कि सीबीआई को बिना किसी राजनीतिक हस्तक्षेप के जांच करनी चाहिए.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)