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उन्नाव मामलाः पीड़िता ने कहा- यौन उत्पीड़न का प्रयास नहीं, ज़हर दिया गया

बीते हफ्ते उन्नाव ज़िले के बबुरहा गांव में तीन लड़कियां अचेत अवस्था में मिली थीं, जिनमें से दो की मौत हो गई और एक अस्पताल में है. पुलिस के अनुसार मामले में गिरफ़्तार एक युवक ने स्वीकारा है कि उसने उपचाराधीन युवती के फोन नंबर देने से मना करने पर नाराज़ होकर पानी में कीटनाशक मिलाया, जिसे तीनों ने पिया था.

उन्नाव के बबुरहा गांव में घटनास्थल पर पुलिसकर्मी. (फोटो: पीटीआई)

उन्नाव के बबुरहा गांव में घटनास्थल पर पुलिसकर्मी. (फोटो: पीटीआई)

नई दिल्लीः उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले के एक गांव में कथित तौर हत्या के इरादे से जहर मिला पानी पिलाने के मामले में 17 साल की नाबालिग लड़की ने मंगलवार को मजिस्ट्रेट के समक्ष अपने बयान में कहा है कि उसे जहर दिया गया.

पीड़िता ने हालांकि यौन उत्पीड़न के आरोपों से इनकार किया है.

ज्ञात हो कि 17 फरवरी को बबुरहा गांव में दलित समुदाय की तीन लड़कियां बेसुध अवस्था में मिली थी, जिनमें से दो को अस्पताल ले जाने पर मृत घोषित कर दिया गया था जबकि 17 साल की नाबालिग का कानपुर के अस्पताल में इलाज चल रहा है.

लड़कियों के परिवार के मुताबिक, ये तीनों लड़कियों जानवरों के लिए चारा इकट्टा करने खेत गई थीं लेकिन वापस नहीं लौटी.

उन्हें खेत में बेसुध पाकर स्थानीय लोग उन्हें अस्पताल ले गए, जहां दो बच्चियों की मौत हो गई जबकि 17 साल की नाबालिग को कानुपर अस्पताल रेफर किया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है.

जिन दो लड़कियों की मौत हुई है, उसमें से एक की उम्र 13 और दूसरे की 16 साल थी. वहीं तीसरी लड़की 17 साल की है. मृत युवतियां बुआ-भतीजी थीं.

यूपी पुलिस ने इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है, जिसमें से एक 28 साल का युवक है जबकि एक नाबालिग बताया जा रहा है. हालांकि पुलिस का कहना है कि युवक के आधार कार्ड के मुताबिक, वह नाबालिग नहीं है, उसकी उम्र 19 साल है.

आरोप है कि 28 साल के युवक विनय उपचाराधीन लड़की को पसंद करता था और उसने लड़की से उसका मोबाइल नंबर मांगा था लेकिन लड़की से इससे इनकार कर दिया, जिसके बाद नाराज होकर युवक ने पानी में जहर मिलाकर लड़की को दे दिया था.

पीटीआई के मुताबिक, उन्नाव के पुलिस अधीक्षक आनंद कुलकर्णी ने कहा कि लड़की का बयान मंगलवार सुबह को दर्ज किया गया.

उन्होंने कहा कि लड़की ने अपने बयान में कहा कि विनय और उसका दोस्त घटना के दिन खेत पर आए थे. उस समय वह और बाकी दोनों लड़कियों मवेशियों के लिए चारा इकट्ठा कर रही थीं.

पुलिस के मुताबिक, ‘लड़की ने अपने बयान में कहा है कि विनय ने उन्हें नमकीन वगैरह की पेशकश की, जिससे उन्होंने इनकार कर दिया. इसके बाद विनय ने उन्हें पानी दिया, जब उन्होंने पानी पिया तो वे बेहोश हो गईं.’

कुलकर्णी का कहना है कि लड़की ने बयान में कहा है कि आरोपी ने उसका यौन उत्पीड़न करने का प्रयास नहीं किया.

पुलिस के मुताबिक, ‘आरोपी ने तीनों लड़कियों को पानी में कीटनाशक मिलाकर पिलाया था.’ आरोपी और पीड़ित सभी अनुसूचित समुदाय से हैं.

इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, कुलकर्णी ने कहा, ‘सोमवार को पीड़िता ने कार्यकारी मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान दिया था. मंगलवार को उसने पुलिस के और न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष अपना बयान दर्ज कराया.’

उन्होंने कहा कि लैब रिपोर्ट में सल्फोसल्फ्यूरन नाम के जहर की पुष्टि हुई है. एसपी ने कहा, ‘अखबारों के मुताबिक जहर में लगभग कोई गंध नहीं थी, यही वजह है कि लड़कियों को यह महसूस नहीं हुआ कि वे जहर पी रहे हैं.’

कुलकर्णी ने यह भी कहा कि गांव में पानी की सप्लाई में सल्फर की मात्रा अधिक है.

उन्होंने कहा, ‘यही कारण हो सकता है कि लड़कियों को यह महसूस ही नहीं हुआ कि पानी में जहर मिला है.’

उन्नाव पुलिस ने रविवार को कहा कि इस मामले में गलत और भ्रामक सूचनाएं पोस्ट करने के लिए पत्रकार बरखा दत्ता के यूट्यूब चैनल मोजो स्टोरी सहित आठ ट्विटर हैंडल के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है.

(समाचार एजेंसी पीटीआई से इनपुट के साथ)