भारत

यूपी: गैंगरेप में नाकाम होने पर छात्रा को जलाने के आरोप में चार गिरफ़्तार

बीते सोमवार को शाहजहांपुर के स्वामी शुकदेवानंद पीजी कॉलेज की एक छात्रा लखनऊ-बरेली हाईवे पर नग्न अवस्था में बुरी तरह झुलसी मिली थी, जिसने गैंगरेप में असफल होने के बाद आरोपियों द्वारा जलाने की बात कही थी. मामले में छात्रा की एक दोस्त और उसके संबंधी समेत चार लोगों को गिरफ़्तार किया गया है.

(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

शाहजहांपुर: उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले में स्नातक की छात्रा को जलाने के मामले में पुलिस ने उसकी सहेली समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है. पुलिस के अनुसार हालांकि आरोपियों ने इस घटना में शामिल होने से इनकार किया है.

पुलिस ने बताया कि मामले में चार आरोपियों- पिंकी, सुभाष, राजू तथा मनीष को शुक्रवार की सुबह विभिन्न स्थानों से गिरफ्तार कर लिया गया. आरोपियों को भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत गिरफ्तार किया गया है.

पीड़िता पूर्व केंद्रीय गृह राज्य मंत्री स्वामी चिन्मयानंद के स्वामी शुकदेवानंद महाविद्यालय में स्नातक की छात्रा हैं.

पुलिस अधीक्षक एस. आनंद ने बताया, ‘मामले की जांच के लिए चार टीम लगी हुई है जो अभी भी विधिवत इस मामले की विवेचना में जुटी है, क्योंकि पीड़िता के कथन के आधार पर एक छात्रा पिंकी समेत चार आरोपियों की गिरफ्तारी की गई है जबकि आरोपियों ने घटना में शामिल होने से पूरी तरह इनकार किया है.’

लाइव हिंदुस्तान के अनुसार, चारों आरोपियों को शुक्रवार को पुलिस कस्टडी में अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया. इस दौरान अभियुक्तों ने आरोपों से इनकार किया है.

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि थाना तिलहर के अंतर्गत राईखेड़ा गांव के पास 22 फरवरी को राजमार्ग के किनारे 21 वर्षीय एक लड़की मिली थी जो पूरी तरह निर्वस्त्र तथा काफी जली हुई थी.

उन्होंने बताया कि सूचना पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पीड़िता को तत्काल मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया था जहां हालत गंभीर होने पर उसे लखनऊ रेफर कर दिया गया था.

उन्होंने बताया कि पीड़िता ने 22 फरवरी को शाहजहांपुर में दिए गए बयान में कहा था कि घटना के दिन वह कॉलेज की तीसरी मंजिल पर गई और इसके बाद क्या हुआ उसे कुछ याद नहीं है.

आनंद ने बताया कि लखनऊ में पीड़िता ने मजिस्ट्रेट को दिए गए अपने बयान में कहा था कि उसके साथ पढ़ने वाली उसकी दोस्त पिंकी ने उसे अपने साथ पढ़ने वाले छात्र मनीष (जो पिंकी का संबंधी भी है) और अपनी बुआ के बेटे राजू से मिलने के लिए भेजा था और खुद बाद में आने की बात कही. पिंकी ने ही पीड़िता को उन लोगों के साथ राई खेड़ा गांव के पास बाग में भेजा था.

अमर उजाला के मुताबिक, पुलिस ने बताया कि छात्रा घटनास्थल तक खुद ही पैदल पहुंची थी. पीड़िता कॉलेज की टूटी दीवार के रास्ते से कॉलेज से निकल गई थी और अकेले ही घटनास्थल की तरफ चली गई. इसकी पुष्टि कॉलेज एवं शहर में अलग-अलग जगह लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज से हुई. इसी बीच मनीष आदि भी कॉलेज से चले गए थे.

पुलिस अधीक्षक ने बयान के हवाले से बताया कि आरोपियों ने नशा सुंघाकर पीड़िता के साथ दुष्कर्म का प्रयास किया जिसका उसने विरोध किया और जब आरोपी अपने मकसद में कामयाब नहीं हुए तो उन्होंने पीड़िता पर केरोसिन डालकर आग लगा दी.

मामले में पीड़िता के यह बयान आने के बाद नई धाराओं को जोड़ दिया गया है. पुलिस अधीक्षक ग्रामीण संजीव बाजपेई ने बताया कि पुलिस में दर्ज कराई गई 22 फरवरी को रिपोर्ट में धारा 307 हत्या का प्रयास लगाई गई थी. अब पीड़िता के बयानों के बाद इसी प्राथमिकी पर धारा 376 डी तथा 511 (जबरदस्ती दुराचार की कोशिश) तथा 120 बी (षड्यंत्र करना) और धारा 201 की नई धाराएं जोड़ दी गई हैं.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)