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असम: एनडीए से नाता तोड़ कांग्रेस नेतृत्व वाले महागठबंधन का हिस्सा बनी बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट

भाजपा नेतृत्व वाले एनडीए के ख़िलाफ़ मज़बूती से विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए कांग्रेस ने पहले एआईयूडीएफ, भाकपा, माकपा, भाकपा (माले) और आंचलिक गण मोर्चा के साथ महागठबंधन का गठन किया था. अब बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट और राजद भी उसके साथ आ गए हैं.

बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट का लोगो. (फोटो साभार: विकिपीडिया)

बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट का लोगो. (फोटो साभार: विकिपीडिया)

गुवाहाटी: असम में वर्तमान में भाजपा के नेतृत्व वाली राज्य सरकार में शामिल बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (बीपीएफ) ने शनिवार को भाजपा को झटका देते हुए कांग्रेस की अगुवाई वाले छह दलों के विपक्षी महागठबंधन का हिस्सा बन गई.

बीपीएफ के अलावा राष्ट्रीय जनता दल (राजद) भी कांग्रेस नेतृत्व वाली इस गठबंधन का हिस्सा हो गई है, जिससे असम में तीन चरणों के विधानसभा चुनाव में भाजपा के खिलाफ उसकी स्थिति और मजबूत हो गई.

वहीं, भाजपा-नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के खिलाफ मजबूती से विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए कांग्रेस ने पहले एआईयूडीएफ, भाकपा, माकपा, भाकपा (माले) और आंचलिक गण मोर्चा (एजीएम) के साथ महागठबंधन का गठन किया था.

भाजपा विरोधी समूह को मजबूत करने के लिए शनिवार को बीपीएफ और राजद गठबंधन में शामिल हो गए. राजद बिहार विधानसभा में सबसे बड़ी पार्टी है और जिसके राज्यसभा में पांच सदस्य थे, लेकिन लोकसभा में कोई भी नहीं है.

भाजपा असम गण परिषद (एजीपी) और यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी लिबरल (यूपीपीएल) के साथ असम चुनाव में उतरेगी.

बीपीएफ ने दिन में घोषणा की कि वे आगामी विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए महागठबंधन में शामिल होंगे.

असम कांग्रेस प्रमुख रिपुन बोरा और एआईयूडीएफ प्रमुख बदरुद्दीन अजमल से मुलाकात के बाद राजद नेता तेजस्वी यादव ने घोषणा की कि उनकी पार्टी असम में महागठबंधन का हिस्सा होगी.

बीपीएफ प्रमुख हग्रामा मोहिलारी ने ट्वीट किया, ‘शांति, एकता और विकास के लिए काम करने और असम में भ्रष्टाचार से मुक्त एक स्थिर सरकार लाने के लिए बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट ने महाजथ (महागठबंधन) के साथ हाथ मिलाने का फैसला किया है. बीपीएफ अब भाजपा के साथ दोस्ती या गठबंधन नहीं बनाएगा. आगामी असम विधानसभा चुनाव में बीपीएफ महाजथ के साथ काम करेगा.’

वहीं, इस कदम का स्वागत करते हुए कांग्रेस नेता प्रद्युत बोरदोलोई ने कहा, ‘हमारे पुराने साथी साथ आ रहे हैं. साफ दिखाई दे रहा है कि हवा किस तरफ बह रही है. कांग्रेस सत्ता में आ रही है और हमें बीपीएफ के साथ गठबंधन करने पर गर्व है.’

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, भाजपा पहले ही कह चुकी है कि उसका विधानसभा चुनाव में बीपीएफ के साथ कोई गठबंधन नहीं है.

बता दें कि बीपीएफ साल 2006 और 2011 में कांग्रेस नेतृत्व वाली सरकार का हिस्सा थी और 2014 के आम चुनाव के दौरान अलग हो गई थी.

साल 2016 के 126 सदस्यीय असम विधानसभा चुनाव में सत्ताधारी गठबंधन भाजपा ने 60, बीपीएफ ने 12 और एजीपी ने 14 सीटें जीती थीं.

बीपीएफ महासचिव प्रबीन बोरो ने कहा, हम निश्चित रूप से उन 12 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे और जीतेंगे. इसके अलावा, हम देखेंगे कि कहां और कैसे चुनाव लड़ें.

बोरो ने कहा कि बोडोलैंड टेरिटोरियल काउंसिल (बीटीसी) के चुनाव से 16 विधानसभा सीटों का अनुमान लगता है.

पिछले साल दिसंबर में हुए बीटीसी चुनाव की 40 में से यूपीपीएल ने 12, भाजपा ने नौ, जीएसपी ने एक, कांग्रेस ने एक और बीपीएफ ने 17 सीटें जीती थीं.

इसके बाद भाजपा ने यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी लिबरल (यूपीपीएल) के साथ गठबंधन कर लिया और उसी के साथ आगामी विधानसभा चुनाव लड़ने का फैसला किया है.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)