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उत्तराखंड: सड़क चौड़ीकरण की मांग को लेकर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प

उत्तराखंड के चमोली ज़िले के नंदप्रयाग-घाट मोटर मार्ग के चौड़ीकरण की मांग को लेकर हज़ारों प्रदर्शनकारी विधानसभा का घेराव करने पहुंचे थे. मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने घटना की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए हैं. उन्होंने कहा कि मार्ग के चौड़ीकरण की घोषणा पहले ही की जा चुकी है.

(फोटो: एएनआई)

(फोटो: एएनआई)

चमोली: उत्तराखंड के चमोली जिले के नंदप्रयाग-घाट मोटर मार्ग के चौड़ीकरण की मांग को लेकर सोमवार को विधानसभा का घेराव करने के लिए पहुंचे प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी झड़प की घटना की मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए हैं.

प्राप्त जानकारी के अनुसार, सड़क चौड़ीकरण की मांग को लेकर घाट ब्लॉक के प्रदर्शनकारी बजट सत्र के पहले दिन विधानसभा घेराव के लिए निकले थे. रास्ते में दीवालीखाल में उन्होंने पुलिस द्वारा लगाए गए बैरीकेड हटा दिए, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच तीखी झड़प हो गई थी.

विधानसभा जाने पर अड़े प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने पानी की बौछार की तथा हल्का लाठीचार्ज भी किया. इसके बाद भी प्रदर्शनकारी जुलूस की शक्ल में विधानसभा की ओर चलते गए, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया.

मुख्यमंत्री ने ट्वीट कर कहा कि गैरसैंण के समीप दीवालीखाल में घाट ब्लॉक के लोगों द्वारा किए जा रहे प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों और पुलिस प्रशासन के बीच घटित घटना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है और इसे गंभीरता से लिया गया है.

त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा, ‘संपूर्ण घटना की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए गए हैं और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा.’

एक अन्य ट्वीट में त्रिवेंद्र सिंह ने कहा, ‘दिवालीखाल, गैरसैण की घटना के जांच के आदेश दिए जा चुके हैं. मेरे द्वारा नंदप्रयाग-घाट मार्ग के चौड़ीकरण की घोषणा पहले ही की जा चुकी थी. एक और विचारणीय बात ये है कि मैंने सल्ट दौरे के दौरान प्रदेश के विकासखंड मुख्यालय तक की सभी सड़कों को 1.5 लेन चौड़ीकरण किए जाने की घोषणा की थी.’

उन्होंने कहा, ‘इसको देखते हुए मेरा अपने सभी भाई-बहनों से अनुरोध है कि आप पेशेवर आंदोलनजीवियों के बहकावे में ना आएं. आपकी सरकार प्रदेश के सभी क्षेत्रों एवं नागरिकों के विकास हेतु पूरी ईमानदारी से कार्य कर रही है. मैं विश्वास दिलाता हूं कि निष्पक्ष जांच के पश्चात दोषियों को उचित दंड दिया जाएगा.’

पिछले दो माह से नंदप्रयाग-घाट मोटर मार्ग के चौड़ीकरण की मांग कर रहे घाट व्यापार संघ के अध्यक्ष तथा आंदोलन के नेता चरण सिंह ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पुलिस ने बल प्रयोग किया.

वहीं जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक यशवंत सिंह चौहान ने बताया कि दीवालीखाल से करीब 450 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया, जिन्हें बाद में छोड़ दिया गया.

उन्होंने कहा कि घटना की वीडियो के आधार पर उपद्रव करने वालों की पहचान की जा रही है और उसके आधार पर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा.

उन्होंने कहा कि घटना में एक पुलिस सर्किल अधिकारी और एक महिला कांस्टेबल सहित 6 से 7 पुलिसकर्मी घायल भी हुए हैं.

सत्तारूढ़ पार्टी भाजपा ने भी घटना पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है. उत्तराखंड भाजपा के मुख्य प्रवक्ता मुन्ना सिंह चौहान ने कहा कि यह घटना घटित नहीं होनी चाहिए थी, क्योंकि मुख्यमंत्री पहले ही प्रदेश के सभी ब्लॉक मुख्यालयों को मुख्य सड़क से जोड़ने की सैद्धांतिक घोषणा कर चुके थे.

अमर उजाला के मुताबिक, कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने नंदप्रयाग-घाट सड़क की मांग कर रहे आंदोलनकारियों पर किए गए लाठीचार्ज की निंदा की है.

हरीश रावत ने कहा कि नंद प्रयाग के लोग लंबे समय से इस सड़क की मांग कर रहे हैं. भराड़ीसैंण में इस समय सरकार है और इस वजह से सरकार का ध्यान खींचने के लिए लोगों ने प्रदर्शन तेज किया.

उन्होंने कहा कि सरकार ने उनकी मांग पर ध्यान देने की बजाय आंदोलन को कुचलना तय किया, जो लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप नहीं है. सरकार को चाहिए कि जितनी जल्दी हो सके, लोगों की मांगों को पूरा करे.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)