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अगर सड़क पर नमाज़ नहीं रोक सकता तो थानों में जन्माष्टमी रोकने का अधिकार नहीं: योगी आदित्यनाथ

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कांवड़ यात्रा में डमरू और माइक नहीं बजेगा, लोग नाचेंगे-गाएंगे नहीं तो यात्रा कांवड़ यात्रा कैसे होगी? शव यात्रा हो जाएगी.

Allahabad: Uttar Pradesh Chief minister Yogi Adityanath along with Deputy chief minister Keshaw Prasad Maurya and Akhara Parishad President Narendra Giri and other BJP leader perform ritual Aarti at Sangam in Allahabad on Saturday. PTI Photo (PTI6_3_2017_000215B)

योगी आदित्यनाथ. (फोटो: पीटीआई)

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि ईद के दिनों में अगर वह सड़कों पर नमाज़ होने से नहीं रोक सकते तो फिर थानों में जन्माष्टमी मनाने पर रोक लगाने का उन्हें कोई अधिकार नहीं है.

इंडियन एक्सप्रेस अख़बार की रिपोर्ट के अनुसार, सावन के दिनों में होने वाली सालाना धार्मिक कांवड़ यात्रा को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि जब कांवड़ यात्रा के दौरान माइक्रोफोन, डीजे और म्यूज़िक सिस्टम बजाने पर अधिकारियों के रोक लगाने की बात पर उन्होंने अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि माइक्रोफोन का इस्तेमाल हर जगह पर प्रतिबंधित हो और किसी भी प्रार्थना स्थल से किसी भी तरह की आवाज़ नहीं आनी चाहिए.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, ‘मैंने सभी अधिकारियों से कहा… सभी प्रदेशों के जो अधिकारी आए थे… मैंने कहा कि मेरे सामने एक आदेश पारित करिए कि माइक हर जगह से प्रतिबंधित होनी चाहिए… हर जगह बैन करो… और ये तय करिए कि किसी भी धर्मस्थल में… उसके कैंपस के बाहर आवाज़ आनी ही नहीं चाहिए… क्या इसको लागू कर पाएंगे? अगर लागू नहीं कर सकते हैं तो फिर इसको भी हम लागू नहीं होने देंगे. यात्रा चलेगी.’

नोएडा के प्रेरणा जनसंचार संस्थान एवं सिद्ध संस्थान और लखनऊ जनसंचार एवं पत्रकारिता संस्थान की ओर से हुए कार्यक्रम में संघ के सहकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले भी मौजूद थे.

मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारियों ने बताया कि कांवड़ यात्रा में माइक्रोफोन, डीजे और संगीत बजाने की अनुमति नहीं दिया जाना चाहिए.

इस पर योगी आदित्यनाथ ने कहा, ‘मैंने कहा कि कांवड़ यात्रा है या शव यात्रा?… अरे कांवड़ यात्रा में बाजे नहीं बजेंगे… डमरू नहीं बजेगा, ढोल नहीं बजेगा, चिमटे नहीं बजेंगे, लोग नाचेंगे-गाएंगे नहीं, माइक नहीं बजेगा तो वो यात्रा कांवड़ यात्रा कैसे होगी?’

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, संघ विचारक दीनदयाल उपाध्याय की बात का उदाहरण देते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हर गांव और कस्बे में गणेश उत्सव का आयोजन बिना किसी आपत्ति के होना चाहिए. देश में त्योहार मनाने के लिए सभी स्वतंत्र हैं.

योगी आदित्यनाथ ने कहा, ‘हम सबके लिए कहेंगे… आप क्रिसमस भी मनाइए… कौन रोक रहा है… भारत के अंदर कभी नहीं रोका गया… आप नमाज़ भी पढ़िए, आराम से पढ़िए… कानून के दायरे में रहकर पढ़िए, कोई रोकेगा नहीं… लेकिन कानून का उल्लंघन कोई करेगा तो उस पर फिर टकराव पैदा होगा… और इसलिए इन मुद्दों को प्रखरता के साथ उन्होंने (दीनदयाल उपाध्याय) ने रखा.’

उन्होंने कहा कि जो लोग देश की सांस्कृतिक एकता को मज़बूत करने के लिए काम कर रहे हैं उन्हें सांप्रदायिक कहा जा रहा है. योगी ने कहा, ‘जैसे अगर मैं कहूं कि गर्व से कहो मैं हिंदू हूं… तो कहेंगे कि देखिए सांप्रदायिक हो गया.’

योगी ने कहा कि नेपाल, मॉरिशस और किसी दूसरे देश में जहां भारतीय मूल के हिंदू रहते हैं, उन्हें हिंदू कहलाने का गर्व होता है लेकिन अगर हम यही बात भारत में कहते हैं तो सांप्रदायिक कहलाए जाएंगे.

पूर्व की सपा सरकार पर हमला करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जो लोग ख़ुद को यदुवंशी कहते थे, उन्होंने पुलिस थाने और पुलिस लाइन में जन्माष्टमी मनाने पर प्रतिबंध लगा दिया. योगी ने कहा कि उनका मानना है कि प्रार्थना और कीर्तन पुलिस तंत्र में सुधार लेकर आएगा.