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शरद के सम्मेलन में बोले राहुल- आरएसएस को जब तक सत्ता नहीं मिली तब तक तिरंगा नहीं फ़हराया

शरद यादव के नेतृत्व में ‘साझी विरासत बचाओ सम्मलेन’ में विपक्षी दलों के नेताओं ने कहा, संविधान ख़तरे में, देश में अघोषित आपातकाल.

New Delhi: Congress Vice-President Rahul Gandhi, former PM Manmohan Singh, former JD(U) president Sharad Yadav and CPI(M) General Secretary Sitaram Yechuri attend a day-long convention 'Sajha Virasat Bachao Sammelan' in New Delhi on Thursday. PTI Photo by Kamal Kishore (PTI8_17_2017_000025B) *** Local Caption ***

गुरुवार को दिल्ली में साझा विरासत बचाओ सम्मेलन में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, जदयू के पूर्व अध्यक्ष शरद यादव और सीपीआईएम के महासचिव सीताराम येचुरी. (फोटो: पीटीआई)

राजधानी दिल्ली के कॉन्स्टीट्यूशनल क्लब में गुरुवार को जेडीयू सांसद शरद यादव के नेतृत्व में साझी विरासत बचाओ सम्मेलन का आयोजन किया गया. सम्मेलन में तमाम विपक्षी दलों के नेताओं ने शिरकत की. पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी, झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी, नेशनल कांफ्रेंस के फ़ारूक़ अब्दुल्ला, बाबासाहेब अंबेडकर के पोते प्रकाश अंबेडकर, वामदलों से डी राजा और सीताराम येचुरी जैसे और कई नेताओं ने सम्मेलन में मौजूदगी दर्ज़ कराई.

शरद यादव ने मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा ‘मौजूदा सरकार की नीतियों की वजह से संविधान ख़तरे में है. संविधान बचाने के लिए समूचे विपक्ष को एक जुट होना पड़ेगा. हमारे देश में ग़रीब, किसान, अल्पसंख्यक, दलित और आदिवासी लोगों पर ख़तरा मंडरा रहा है. मोदी जी खुद को भगवान समझने लगे हैं, पर वो यह भूल रहे हैं कि जिसके मन में भगवान होने की भावना उत्पन्न होती है उसी समय से उसका पतन शुरू हो जाता है.

शरद यादव ने बिहार की राजनीति पर कहा, ‘सबको लगा मैं खिसक न जाऊं, मंत्री से संत्री न बन जाऊं, पर मैंने ऐसा नहीं किया. संविधान और लोकतंत्र के लिए किसी भी प्रकार का समझौता नहीं कर सकता. देश की जनता जब खड़ी होती है, तब उससे हिटलर भी नहीं जीत सकता.’

राज्यसभा में कांग्रेस के नेता गुलाम नबी आज़ाद ने सरकार पर आरोप लगाया कि वह लोकतंत्र को ख़त्म करना चाहती है. वो कहते हैं, ‘इंदिरा जी ने कैबिनेट बैठक कर राष्ट्रपति से मंजूरी लेकर आपातकाल लगाया था, पर मोदी जी के राज में बिना किसी के अनुमति के हर रोज़ आपातकाल है.

आज़ाद ने नीतीश कुमार पर हमला करते हुए उन्हें नकली जेडीयू का नेता बताया और कहा, ‘नीतीश अब भाजपा जेडीयू के नेता हैं और अब वे सर के बल भाजपा में घुस गए हैं. शरद यादव को मंत्री पद दिया गया, पर उन्होंने मना कर दिया और नीतीश को उनसे सीखना चाहिए.’

राहुल गांधी ने अपने भाषण में आरएसएस पर हमला बोलते हुए कहा, ‘यह लोग जब तक सत्ता पर नहीं आए, तब तक उन्होंने तिरंगा नहीं फहराया. वे लोग कहते हैं ये देश हमारा है और तुम इस देश के नहीं हो, उसके बाद गुजरात में दलितों को पीटा और कहा कि तुम इस देश के नहीं हो. आरएसएस की विचारधारा पर देश के लोगों का भरोसा नहीं, इसलिए वो सभी संस्थानों में अपने लोगों को भर रहे हैं.’

मोदी पर हमला करते हुए राहुल ने कहा, ‘मोदी जी का मेक इन इंडिया फेल हो चुका है क्योंकि अब भी सब कुछ मेड इन चाइना है. जहां जाते हैं झूठ बोलते हैं. किसानों का कर्ज़ माफ़ करने का वादा करते हैं और उनके मंत्री संसद में बोलते हैं कि किसानों का क़र्ज़ माफ़ करना उनकी नीतियों में शामिल नहीं है. हम सभी लोगों को एक होकर लड़ना होगा, तभी हम संविधान और लोकतंत्र की रक्षा कर पाएंगे.’

सीपीआई के सांसद डी राजा ने सत्तापक्ष पर हमला बोलते हुए कहा, ‘मोदी जी बहुत सारी योजना लाए और उसी के तर्ज पर कहते हैं कि वो नए भारत का निर्माण करना चाहते हैं. मैं उनको बताना चाहता हूं कि हमारे वाले नए भारत में जातिवाद नहीं होगा और आर्थिक भेदभाव नहीं होगा. हम यह वाला भारत बनाना चाहते हैं.’

राजा ने आगे कहा, ‘आरएसएस और हिंदुत्व की विचारधारा वाले लोगों ने आज़ादी के संघर्ष में कोई योगदान नहीं दिया. उनके लोग जेल में बैठकर माफ़ीनामा लिखते थे. इन लोगों ने उस वक़्त अंग्रेज़ी हुक़ूमत का साथ दिया था. हम सब एक होंगे और कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक फासीवादी ताक़तों से लड़ेंगे.’

हाल ही में गुजरात से राज्यसभा चुनाव जीत चुके अहमद पटेल भी सम्मेलन में पहुंचे. उन्होंने मोदी सरकार और जांच एजेंसियों को लेकर कहा, ‘हमारे लोकतांत्रिक देश में जो तमाम एजेंसी हैं, उन्हें मोदी जी ने बर्बाद कर दिया है. अब सारे फ़ैसले मोदी जी के कमरे से होते हैं और देश की तमाम एजेंसी का अब कोई महत्व नहीं बचा है. अब उसका हर रोज़ सिर्फ़ दुरुपयोग हो रहा है.

साझी विरासत बचाओ सम्मेलन पर न्यूज़ एजेंसी एएनआई को दिए अपने बयान में जेडीयू महासचिव केसी त्यागी ने कहा है कि वे ऐसे किसी भी कार्यक्रम में शामिल नहीं होना चाहते जहां टेंटेड और पेंटेड लोग शामिल हो रहे हों.’

प्रधानमंत्री चाहते हैं स्वच्छ भारत, हम चाहते हैं सच भारत: राहुल गांधी

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री स्वच्छ भारत बनाना चाहते हैं, जबकि लोग सच भारत बनाना चाहते हैं. जदयू के असंतुष्ट नेता शरद यादव द्वारा बुलाई गई विपक्षी दलों के नेताओं की बैठक में भाग लेते हुए राहुल ने भाजपा पर 2014 के आम चुनावों में लोगों से किए गए वादे पूरे नहीं करने का आरोप लगाया, जिसमें विदेशों में रखे काले धन को वापस लाने और युवाओं के लिए रोजगार सृजित करने के वादे शामिल हैं.

उन्होंने सरकार के प्रमुख कार्यक्रम मेक इन इंडिया को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि देश में उपलब्ध अधिकतर उत्पाद मेड इन चाइना हैं. मोदी जी कहते हैं कि वह स्वच्छ भारत बनाना चाहते हैं किन्तु हम सच भारत चाहते हैं. वे जहां भी जाते हैं झूठ बोलते हैं.

जयदू की शरद को नसीहत, बुरी ताकतों के साथ नहीं जाना चाहिए

शरद यादव द्वारा बुलाए गए विपक्षी दलों के सम्मेलन के एक दिन पहले जदयू ने शरद यादव को नसीहत भी दी और लालू प्रसाद यादव पर जमकर निशाना साधा.

लालू यादव की पार्टी राजद पर निशाना साधते हुए जदयू ने बुधवार को शरद यादव से कहा कि उन्हें बुरी ताकतों से दूर रहना चाहिए. शरद के इस सम्मेलन में राजद समेत सभी विपक्षी दलों के नेता शामिल हुए.

जदयू प्रवक्ता केसी त्यागी ने शरद यादव द्वारा विपक्षी नेताओं को आमंत्रित करने के कदम को तवज्जो नहीं देते हुए कहा कि साझी विरासत बचाने को लेकर बैठक किए जाने पर किसी को आपत्ति नहीं होगी. शरद यादव के कार्यक्रम का मकसद साझी विरासत बचाना है.

इस आयोजन को जदयू प्रमुख और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खिलाफ शरद यादव के शक्ति प्रदर्शन के तौर पर देखा जा रहा है. भाजपा के साथ हाथ मिलाने के नीतीश कुमार के फैसले को लेकर दोनों नेताओं के बीच अनबन शुरू हो गई है.

त्यागी ने सुझाव दिया कि अगर वरिष्ठ समाजवादी नेता 27 अगस्त को पटना में राजद की रैली में शामिल होते हैं तो वह पार्टी के अनुसाशन की लक्ष्मण रेखा को पार करेंगे. त्यागी ने लालू प्रसाद की पार्टी को भ्रष्ट और बुरी ताकतें बताया.

त्यागी ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि भगवान के लिए शरद यादव को उस रैली में नहीं जाना चाहिए. हमें उन सवालों से कोई दिक्कत नहीं है जो वह उठा रहे हैं. लेकिन दागी लोगों के साथ उनके मंच साझा करने पर हमें आपत्ति होगी. अगर वह लालू की रैली में शामिल नहीं होते तो हम उनका और अधिक सम्मान करेंगे. उन्हें बुरी ताकतों के साथ नहीं जाना चाहिए.

त्यागी ने कहा कि यादव को राजद के साथ अपने जुड़ाव पर पुनर्विचार करना चाहिए क्योंकि वह उन कुछेक नेताओं में से हैं जिन्होंने नैतिकता के आधार पर तीन बार संसद की सदस्यता से इस्तीफा दिया है.