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उत्तराखंड सरकार ने हरिद्वार ज़िले में सभी बूचड़खाने बंद करने का आदेश दिया

हरिद्वार ज़िले में बूचड़खानों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने की मांग को लेकर उत्तराखंड के पर्यटन और संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज की अगुवाई में हरिद्वार के क्षेत्रीय विधायकों ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को एक मार्च को एक पत्र सौंपा था. उन्होंने कहा कि हरिद्वार देश की आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक राजधानी है. यहां बूचड़खानों का कोई औचित्य नहीं है.

(फोटो साभार: विकिपीडिया)

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हरिद्वार: उत्तराखंड सरकार ने हरिद्वार जिले में सभी बूचड़खाने (स्लॉटर हाउस) बंद करने का बृहस्पतिवार को आदेश दिया. साथ ही जिले में बूचड़खानों को जारी किए गए अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) को भी रद्द कर दिया है.

राज्य के सचिव शैलेश बगोली ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के निर्देश पर हरिद्वार में सभी बूचड़खाने बंद करने के आदेश जारी कर दिए.

प्रदेश के पर्यटन और संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज की अगुवाई में हरिद्वार के क्षेत्रीय विधायकों ने मुख्यमंत्री रावत को एक मार्च को एक पत्र सौंपा था, जिसमें उन्होंने हरिद्वार जिले में बूचड़खानों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने की मांग की थी.

महाराज का कहना था कि हरिद्वार में बूचड़खाने होने का कोई मतलब नहीं है. उन्होंने कहा कि हरिद्वार देश की आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक राजधानी है और यहां बूचड़खानों का कोई औचित्य नहीं है.

अमर उजाला के मुताबिक राज्य सरकार ने हरिद्वार जिले के सभी निगम, पालिका और पंचायतों को पशु वधशालाविहीन क्षेत्र घोषित कर दिया है. इसके साथ पूर्व में जारी सभी अनापत्तियों (एनओसी) को भी निरस्त कर दिया गया.

शैलेश बगोली ने अपने आदेश में कहा है कि नगर निगम अधिनियम 1959 की धारा 429 क और नगरपालिका अधिनियम 1916 की धारा 237 क द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए हरिद्वार जिले के सभी निकायों में पशु वधशालाओं के संचालन के लिए दी गई अनापत्तियां निरस्त करने की स्वीकृति दी गई है.

न्यूज़ 18 के मुताबिक भाजपा के राज्य प्रवक्ता विनय गोयल ने इस आदेश पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि यह लंबे समय से प्रतीक्षित आदेश था, जो लाखों लोगों की भावनाओं के साथ पूरी तरह से मेल खाती है.

गोयल ने कहा, ‘हरिद्वार गंगा और धर्म के लिए जाना जाता है. गोवध हरिद्वार के लोकाचार के खिलाफ जाता है, इसलिए यह आदेश आया और हम इसका स्वागत करते हैं.’

यह पूछे जाने पर कि क्या यह कदम राजनीतिक रूप से संवेदनशील जिले में वोटों का ध्रुवीकरण करेगा तो भाजपा नेता ने कहा, ‘पार्टी नफा और नुकसान की परवाह नहीं करती है.’

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)