राजनीति

राजनयिक सामान के ज़रिये सोना तस्करी मुरलीधरन के केंद्रीय मंत्री बनने के बाद शुरू हुई: सीएम

केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने आरोप लगाया कि राज्य के भाजपा नेता मुरलीधरन के केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री बनने के बाद से ही राजनयिक सामान के जरिये सोने की तस्करी की शुरुआत हुई. इस पर मुरलीधरन ने कहा कि उन्हें पता होना चाहिए तस्करी के मामलों को देखना मेरा काम नहीं है. यह सीमा शुल्क विभाग का काम है, जो वित्त मंत्रालय के तहत आता है.

New Delhi: Kerala CM Pinarayi Vijayan during a press conference in New Delhi on Saturday,June 23,2018.( PTI Photo/ Atul Yadav)(PTI6_23_2018_000063B)

केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन. (फोटो: पीटीआई)

तिरुवनंतपुरम: केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने सोना तस्करी मामले पर की गई टिप्पणी को लेकर केंद्रीय मंत्री वी. मुरलीधरन पर शनिवार को हमला बोला.

विजयन ने आरोप लगाया कि राज्य के भाजपा नेता मुरलीधरन के केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री बनने के बाद से ही राजनयिक सामान के जरिये सोने की तस्करी की शुरुआत हुई.

मुख्यमंत्री ने दावा किया कि मुरलीधरन ने कई अवसरों पर कह चुके हैं कि सीमा शुल्क विभाग द्वारा जब्त किया गया सामान राजनयिक श्रेणी का नहीं था.

विजयन ने प्रेस वार्ता के दौरान पूछा, ‘हमने सुना है कि एक केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री हैं, जिन्हें मध्य-पूर्व का प्रभारी कहा जाता है. इस बात का कोई आकलन है कि उनके मंत्री बनने के बाद से कितने सोने की तस्करी की गई?’

उन्होंने आरोप लगाया, ‘क्या इन मंत्री के पदभार संभालने के बाद से राजनयिक सामान के जरिये सोने की तस्करी की शुरुआत नहीं हुई?’

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, क्या इस मंत्री का उस व्यक्ति से कोई लेना-देना है, जिसने अभियुक्त को यह कहने के लिए राजी किया कि तस्करी राजनयिक सामान में नहीं थी?

दरअसल, केरल में माकपा ने आरोप लगाया था कि मुरलीधरन लगातार इस बार पर जोर दे रहे हैं कि पिछले साल 5 जुलाई को अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर सीमा शुल्क अधिकारियों द्वारा जिस बैग में 30 किलोग्राम सोना जब्त किया गया था, वह राजनयिक कार्गो नहीं था.

राजनयिक सामान के माध्यम से सोने की तस्करी के मुद्दे पर मुरलीधरन द्वारा उठाए गए रुख का उल्लेख करते हुए विजयन ने कहा कि जब वित्त मंत्री ने संसद में कहा कि राजनयिक सामान में सोने की तस्करी की गई थी, तो इस राज्य मंत्री (मुरलीधरन) ने बार-बार विपरीत प्रतिक्रिया क्यों दी?

विजयन ने कहा, ‘यह वही मंत्री हैं जो अब राज्य सरकार के खिलाफ सीमा शुल्क का डर दिखा रहे हैं.’

भाजपा द्वारा जांच एजेंसियों के राजनीतिक इस्तेमाल के माकपा का आरोपों को मुरलीधरन द्वारा बचकाना बताने के बाद मुख्यमंत्री ने यह टिप्पणी की.

इससे पहले सोना तस्करी मामले की जांच रहे सीमा शुल्क विभाग के द्वारा कहा गया था कि मुख्य आरोपी स्वपना सुरेश ने संयुक्त अरब अमीरात के वाणिज्य दूतावास से जुड़े डॉलर स्मगलिंग के संबंध में उनके (विजयन), विधानसभा अध्यक्ष पी. श्रीरामकृष्णन और कुछ मंत्रियों को लेकर चौंकाने वाले खुलासे किए हैं.

इस दावे के एक दिन बाद मुख्यमंत्री विजयन ने कहा कि मामले को लेकर विभाग राज्य मंत्रिमंडल के सदस्यों की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहा है.

सीमा शुल्क विभाग ने बीते साल पांच जुलाई को तिरुवनंतपुरम एयरपोर्ट पर कथित राजनयिक सामानों में से 15 करोड़ रुपये मूल्य के 30 किलोग्राम सोना जब्त किया था. इस संबंध में स्वपना सुरेश, सरिथ पीएस, संयुक्त अरब अमीरात के वाणिज्य दूतावास के पूर्व कर्मचारियों समेत तमाम लोगों को गिरफ्तार किया गया था.

तस्करी के मामले सीमा शुल्क देखता है, विदेश मंत्रालय नहीं: मुरलीधरन

समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, मुख्यमंत्री पिनारई विजयन के आरोपों पर पलटवार करते हुए रविवार को विदेश राज्यमंत्री वी. मुरलीधरन ने कहा, ‘मुख्यमंत्री का कहना है कि मेरे विदेश राज्यमंत्री बनने के बाद तस्करी बढ़ गई लेकिन उन्हें पता होना चाहिए कि तस्करी के मामलों को देखना मेरा काम नहीं है. यह सीमा शुल्क का काम है जो केंद्रीय वित्त मंत्रालय के अंतर्गत आता है.’

उन्होंने आगे कहा, ‘ऐसे मामलों को संभालने में वित्त मंत्रालय पूरी तरह सक्षम है.’

मुरलीधरन ने कहा, ‘बिना जांच-पड़ताल के उन्होंने (मुख्यमंत्री विजयन) ने पूछा कि सीमा शुल्क ने हलफनामा क्यों दाखिल किया. उन्हें पता होना चाहिए कि जब सीमा शुल्क अधीक्षक को नोटिस दिया जाता है तो यह स्वाभाविक है कि एजेंसी के प्रमुख जवाब दाखिल करेंगे.’

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)