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उत्तर प्रदेश: कानपुर में सामूहिक बलात्कार मामले में पुलिस की भूमिका की जांच के आदेश

उत्तर प्रदेश में कानपुर ज़िले के सजेती इलाके में बीते आठ मार्च को एक पुलिसकर्मी के दो बेटों समेत तीन लोगों पर 13 वर्षीय लड़की को अगवा कर सामूहिक बलात्कार करने का आरोप है. 10 मार्च को पीड़िता के मेडिकल परीक्षण के दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में ट्रक की चपेट में आकर पिता की मौत हो गई थी. मामले में तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है.

(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

कानपुर: उत्तर प्रदेश के कानपुर में 13 साल की एक किशोरी के साथ कथित सामूहिक बलात्कार के मामले की जांच के दौरान पुलिस पर पीड़िता के साथ अपमानजनक व्यवहार करने के आरोपों की जांच के आदेश दे दिए गए हैं. पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इसकी जानकारी दी.

कानपुर के पुलिस उप महानिरीक्षक प्रीतिंदर सिंह ने शुक्रवार को बताया कि पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) बृजेश श्रीवास्तव को पूरे मामले की जांच करने और पुलिस पर लग रहे आरोपों की मुकम्मल जांच के निर्देश दिए गए हैं.

उन्होंने कहा कि सामूहिक बलात्कार की जांच कर रहे पुलिसकर्मियों पर बच्‍ची से अपमानजनक व्यवहार करने जैसे आरोप लगे हैं.

पुलिस के अनुसार, कानपुर के घाटमपुर इलाके में स्वास्थ्य केंद्र के बाहर सड़क दुर्घटना में बुधवार को 13 वर्षीय बलात्कार पीड़िता के पिता की मौत उस अस्पताल के पास संदेहास्पद परिस्थितियों में हो गई थी, जहां उसे मेडिकल परीक्षण के लिए ले जाया गया था.

मीडियाकर्मियों के साथ बातचीत करते हुए पीड़ित परिवार ने दावा किया कि लड़की के पिता की योजनाबद्ध तरीके से हत्‍या कर दी गई.

पुलिस के अनुसार, आठवीं कक्षा में पढ़ने वाली लड़की बीते आठ मार्च को सजेती थाना क्षेत्र में जब मवेशियों के लिए चारा लेने गई थी, तब उसका अपहरण कर उसके साथ कथित रूप से गोलू और दीपू यादव ने बलात्‍कार किया, जबकि गोलू के भाई सौरभ ने घटना के बारे में किसी से जिक्र करने पर लड़की के परिजनों को परिणाम भुगतने की धमकी दी थी.

गोलू यादव के पिता एक पुलिसकर्मी हैं, जिन्हें निलंबित कर दिया गया है.

शुक्रवार को डीआईजी ने अपने आदेश में पुलिस अधीक्षक को यह भी निर्देश दिया कि इस बात की भी जांच की जाए कि पीड़ित को जब मेडिकल जांच के लिए ले जाया गया तो क्या उससे आपत्तिजनक सवाल पूछे गए और उसके चरित्र पर सवाल उठाया गया था.

गौरतलब है कि परिवार ने आरोप लगाया था कि एक सर्किल पुलिस अधिकारी ने कथित तौर पर पीड़िता के पिता को अपमानित किया था. परिवार ने ये भी आरोप लगाया कि अधिकारी गिरीश चंद्र ने लड़की को भी परेशान और अपमानित किया था.

परिवार के एक सदस्य ने कहा था कि गिरीश चंद्र मेडिकल परीक्षण के लिए लड़की को एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल भेजते रहे. उन्होंने कहा कि चंद्र ने दूसरे के सामने उनके भाई और भतीजी को अनेकों बार गालियां भी दी थीं.

बहरहाल एसपी को सभी आरोपों की जांच कर निर्धारित समय सीमा में रिपोर्ट प्रस्‍तुत करने के डीआईजी ने निर्देश दिए हैं. डीआईजी ने कहा कि पीड़ित लड़की से जानकारी जुटाने के लिए महिला पुलिस तैनात की गई थी.

उन्‍होंने कहा कि घटना की सटीक जानकारी और तथ्‍यों का पता लगाने के लिए हर पीड़ित से सवाल पूछे जाते हैं.

डीआईजी ने कहा कि अब तक कोई ऐसा साक्ष्‍य नहीं मिला है जिसके आधार पर कहा जाए कि पीड़िता के पिता पुलिस की भूमिका से इतने अवसाद में थे और उन्‍होंने आत्‍महत्‍या कर ली.

कानपुर के पुलिस उप महानिरीक्षक सिंह ने दावा किया कि अगर जांच के दौरान किसी की भी असंवेदनशीलता और लापरवाही की भूमिका उजागर हुई तो उसे बख्‍शा नहीं जाएगा.

उल्लेखनीय है कि कुछ लोगों ने यह भी आरोप लगाए थे कि लड़की के साथ पुलिस के अपमानजनक व्‍यवहार से क्षुब्‍ध होकर पिता ने ट्रक के आगे कूदकर जान दे दी.

डीआईजी ने इस बात की पुष्टि की कि क्षेत्राधिकारी द्वारा सामूहिक बलात्कार मामले में प्रारंभिक जांच के बाद सजेती थाना प्रभारी राम शिरोमणि तथा आरक्षी आदेश कुमार को निलंबित कर दिया गया, जबकि ट्रक दुर्घटना में पीड़ित लड़की के पिता की मौत के मामले में घाटमपुर चौकी प्रभारी अब्दुल कलाम के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई.

सामूहिक दुष्कर्म के मुख्‍य आरोपी के पिता एवं उपनिरीक्षक देवेंद्र यादव को जालौन जिले में मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ की यात्रा के दौरान वीआईपी ड्यूटी पर भेजा गया था, लेकिन अनुपस्थित पाए जाने के कारण गुरुवार को निलंबित कर दिया गया.

लड़की के परिजनों ने आरोप लगाया कि उपनिरीक्षक ने पिता की हत्या की साजिश रची, इस मामले में पहले ही उनके खिलाफ हत्या के आरोपों के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है. डीआईजी ने कहा कि कथित हत्या की जांच में अगर उपनिरीक्षक (देवेंद्र यादव) की संलिप्तता पाई गई तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी.

डीआईजी ने कहा कि बलात्कार के आरोप में उपनिरीक्षक के बेटे गोलू और उसके दोस्‍त दीपू यादव को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है.

इस बीच मामले में तीसरे आरोपी सौरभ यादव को भी कानपुर पुलिस ने शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया है. उस पर लड़की के परिवार को डराने-धमकाने का आरोप है. सौरभ यादव मुख्य आरोपी गोलू यादव का भाई है.

कानपुर के डीआईजी प्रीतीन्द्र सिंह ने बताया कि तीसरे आरोपी सौरभ यादव को कानपुर देहात इलाके से गिरफ्तार किया गया है.

डीआईजी ने कहा कि हमने तीनों आरोपियों के खिलाफ जल्द से जल्द आरोप पत्र दाखिल करने का फैसला किया है. पुलिस इस मामले को गंभीरता से ले रही है और पूरी कोशिश रहेगी कि अपराधियों को सख्त से सख्त सजा मिले ताकि दूसरे लोग इससे सीख ले सकें. उन्होंने कहा कि इस मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट में भी चलवाने के लिये कार्रवाई की जा रही है.

(समाचार एजेंसी भाषा से  इनपुट के साथ)