राजनीति

पश्चिम बंगाल: भाजपा के उम्मीदवारों के चयन को लेकर पार्टी समर्थकों का प्रदर्शन जारी

विधानसभा चुनाव राउंड-अप: टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने कहा कि अपनी रैलियों में कम भीड़ से हताश हैं अमित शाह. भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने बिष्णुपुर में किया रोडशो. भाकपा नेता एनी राजा ने कहा कि केरल के सभी राजनीतिक दल महिलाओं को सीटें देने में बुरी तरह नाकाम रहे हैं. टिकट न मिलने पर सिर मुंडाने वालीं केरल की कांग्रेस नेता लतिका सुभाष ने निर्दलीय चुनाव लड़ने की घोषणा की.

पश्चिम बंगाल में भाजपा के चुनावी कार्यालय के बाहर टिकट बंटवारे पर विरोध जताते कार्यकर्ता. (फोटो: पीटीआई)

पश्चिम बंगाल में भाजपा के चुनावी कार्यालय के बाहर टिकट बंटवारे पर विरोध जताते कार्यकर्ता. (फोटो: पीटीआई)

कोलकाता: पश्चिम बंगाल के विभिन्न हिस्सों के भाजपा कार्यकर्ताओं का कोलकाता में पार्टी के प्रदेश चुनाव कार्यालय के बाहर मंगलवार को भी प्रदर्शन जारी रहा, जिससे पार्टी के पुराने एवं नए कार्यकर्ताओं के बीच मतभेद खुलकर सामने आ गया है.

केनिंग वेस्ट, मगराहट, कुलटली, जोयनगर और बिष्णुपुर के भाजपा कार्यकर्ता सुबह से कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं. उनके बीच कई बार झड़प भी देखने को मिलीं, जब पुलिस को दखल देना पड़ा.

केनिंग वेस्ट के एक भाजपा कार्यकर्ता ने कहा, ‘हम चाहते हैं कि केनिंग वेस्ट सीट से अर्णब रॉय की उम्मीदवारी तत्काल वापस हो. वह बस पांच दिन पहले ही तृणमूल से भाजपा में शामिल हुए और उन्हें नामांकन दे दिया गया.’

प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार में शामिल रहे तृणमूल कांग्रेस के नेताओं को भाजपा ने टिकट दे दिया.

लंबे समय से भाजपा के कार्यकर्ता रहे मगराहट के रोनी मन्ना ने कहा, ‘यदि उम्मीदवार तत्काल वापस नहीं लिए जाते हैं, हम यूं ही बैठे रहेंगे और पार्टी का चुनाव प्रचार नहीं करेंगे .’

कुछ प्रदर्शनकारियों ने मुख्य द्वार से बैरीकेड हटाने और कार्यालय परिसर में दाखिल होने का प्रयास किया, तब पुलिस को दखल देना पड़ा.

भाजपा के चुनाव कार्यालय एवं राज्य के अलग-अलग हिस्सों में प्रदर्शन रविवार शाम से जारी है, जब पार्टी ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के तीसरे और चौथे चरण के लिए 75 सीटों पर होने वाले मतदान के मद्देनजर 63 उम्मीदवारों की दूसरी सूची की घोषणा की.

इस घोषणा के बाद तृणमूल कांग्रेस छोड़कर हाल ही में भाजपा में शामिल हुए सोवन चट्टोपाध्याय और उनके साथ बैसाखी बंदोपाध्याय ने टिकट नहीं मिलने पर भगवा पार्टी छोड़ दी. चट्टोपाध्याय कई दशकों से बेहाला पूर्व सीट का प्रतिधित्व करते आ रहे हैं, यहां से पायल सरकार को टिकट दे दिया गया, जो हाल में पार्टी में शामिल हुई हैं.

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष को भेजे इस्तीफे में चट्टोपाध्याय ने भाजपा पर अपमानित करने का आरोप लगाया.

सरकार के पूर्व मुख्य आर्थिक सलाहकार अशोक लाहिड़ी को अलीपुरद्वार सीट से उम्मीदवार बनाने तथा गोरखा जनमुक्ति मोर्चा छोड़कर भाजपा में आए बिशाल लामा को कालचिनी से उतारने का उत्तर बंगाल में विरोध शुरू हो गया तथा स्थानीय नेता सड़कों पर उतर आए.

तृणमूल से भाजपा में शामिल हुए हुगली जिले के सिंगुर क्षेत्र से वर्तमान विधायक रबींद्रनाथ भट्टाचार्य को उम्मीदवार बनाने पर कार्यकर्ताओं ने नाराजगी जताई. तृणमूल से टिकट नहीं मिलने पर भट्टाचार्य भाजपा में शामिल हुए हैं.

श्यामपुर से भी तनुश्री चक्रवर्ती को टिकट दिया गया है, जो हाल में भाजपा में आई हैं. वहीं, हावड़ा जिले के पंचला सीट से मोहितलाल घाटी को टिकट मिलने पर नाराज भाजपा कार्यकर्ताओं ने पार्टी कार्यालय में तोड़फोड़ की.

अपनी रैलियों में कम भीड़ से अमित शाह हैं हताश, रच रहे हैं हमारे विरूद्ध साजिश: ममता

मेजिया: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पर विधानसभा चुनाव से पहले तृणमूल कांग्रेस के नेताओं को परेशान करने की साजिश रचने का आरोप लगाया और आश्चर्य जताया कि कहीं चुनाव आयोग उनके इशारे पर तो काम नहीं कर रहा है.

Bankura: West Bengal CM and TMC supremo Mamata Banerjee, sitting on a wheel-chair, addresses an election campaign rally ahead of state assembly polls, in Bankura, Tuesday, March 16, 2021. (PTI Photo)(PTI03 16 2021 000071B)

बांकुड़ा में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी ने ह्वीलचेयर पर बैठकर एक चुनावी सभा को संबोधित किया. (फोटो: पीटीआई)

उन्होंने दावा किया कि शाह अपनी रैलियों में कम भीड़ से हताश हो गए हैं. ममता ने यह आरोप भी लगाया कि भाजपा उनकी हत्या की साजिश रच रही है, क्योंकि पूर्ब मेदिनीपुर जिले के नंदीग्राम में पिछले सप्ताह उनके घायल होने के बाद चुनाव आयोग ने उनके सुरक्षा निदेशक विवेक सहाय को हटा दिया था.

नंदीग्राम में अपने ऊपर हुए कथित हमले का जिक्र करते हुए बनर्जी ने कहा कि कोई भी उन्हें भाजपा के खिलाफ अपनी लड़ाई आगे ले जाने से नहीं रोक पाएगा.

तृणमूल प्रमुख ने यहां एक रैली में कहा, ‘अमित शाह हताश हो गए हैं क्योंकि उनकी रैलियों में भीड़ नहीं जुट रही है. देश चलाने के बजाय वह कोलकाता में बैठे हैं और तृणमूल कांगेस के नेताओं को परेशान करने की साजिश रच रहे हैं. वे चाहते क्या हैं? क्या वे सोचते हैं कि वे मुझे मार कर यह चुनाव जीत लेंगे. वे गलती पर हैं.’

उन्होंने सवाल किया, ‘क्या अमित शाह चुनाव आयोग को चला रहे हैं? उसकी (आयोग की) स्वतंत्रता को को क्या हुआ? मेरे सुरक्षा निदेशक (विवेक सहाय) को (आयोग ने) उनके (शाह के) निर्देश पर हटा दिया.’

बनर्जी ने दावा किया कि गुवाहाटी से सोमवार रात रात कोलकाता लौटे शाह ने प्रदेश भाजपा के साथ जो बैठकें की हैं, उनमें वह दरअसल साजिश रच रहे हैं क्योंकि अपनी रैलियों में कम भीड़ देखकर वह समझ गए हैं कि भाजपा विधानसभा चुनाव जीतने से मीलों दूर है.

बंगाल: भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने बिष्णुपुर में रोडशो किया

बिष्णुपुर: भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले शक्ति प्रदर्शन करते हुए मंगलवार को बांकुड़ा जिले के विष्णुपुर में रोड शो किया, जहां 27 मार्च को पहले और एक अप्रैल को दूसरे चरण में मतदान होना है.

नड्डा ने कुमारी टॉकीज सिनेमाघर से दोपहर करीब 2 बजकर 10 मिनट पर रोड शो शुरू किया. दो किलोमीटर का यह रोड शो बिष्णुपुर बस स्टैंड पर खत्म हुआ.

पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय के साथ एक सजी-धजी गाड़ी पर खड़े नड्डा ने हाथ हिलाकर पार्टी समर्थकों का अभिवादन किया.

भाजपा कार्यकर्ताओं ने पार्टी के झंडे लहराते हुए ‘जय श्री राम’, ‘नरेंद्र मोदी जिंदाबाद’ और ‘जेपी नड्डा जिंदाबाद’ जैसे नारे लगाए. रोडशो को देखने के लिए सड़क के दोनों ओर सैकड़ों लोग जमा थे.

असम विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में 28 उम्मीदवारों के नामांकन पत्र खारिज

गुवाहाटी: असम विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के लिए नामांकन दाखिल करने वाले कुल 408 उम्मीदवारों में से 28 के नामांकन पत्र जांच के दौरान खारिज कर दिए गए हैं. मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय के प्रवक्ता ने मंगलवार को यह जानकारी दी.

प्रवक्ता ने बताया कि एक अप्रैल को होने वाले चुनाव के दूसरे चरण के लिए 39 सीटों पर 408 उम्मीदवारों ने नामांकन पत्र दाखिल किए थे, जिनमें से सोमवार को जांच के दौरान 28 उम्मीदवारों का नामांकन खारिज कर दिया गया.

दूसरे चरण के लिए नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि 17 मार्च है.

इस बीच छह अप्रैल को होने वाले तीसरे और अंतिम चरण के चुनाव के लिए अब तक सात उम्मीदवार अपने नामांकन पत्र दाखिल कर चुके हैं. कोकराझार से लोकसभा सांसद नव कुमार सरानिया ने बारमा से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर नामांकन पत्र दाखिल किया. असम गण परिषद से तीन बार विधायक रहे भूपेन रॉय ने अभयपुरी उत्तर से नामांकन भरा है.

तीसरे चरण के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने की अंतिम तिथि 19 मार्च है. 20 मार्च को नामांकन पत्रों की जांच होगी. 22 मार्च तक नाम वापस लिए जा सकते हैं.

केरल के सभी प्रमुख मोर्चे महिलाओं को सीट देने में नाकाम रहे हैं: भाकपा नेता एनी राजा

तिरुवनंतपुरम: भाकपा नेता व नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन वूमन की महासचिव एनी राजा ने सोमवार को केरल के सभी राजनीतिक मोर्चों पर निशाना साधते हुए कहा कि वे महिलाओं को सीटें देने में ‘बुरी तरह नाकाम’ रहे हैं.

एनी राजा. (फोटो साभार: फेसबुक)

एनी राजा. (फोटो साभार: फेसबुक)

टिकट ने मिलने के कारण महिला कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष लतिका सुभाष के पद से इस्तीफा देने पर प्रतिक्रिया देते हुए राजा ने कहा, ‘उम्मीदवारों की सूची से दिखता है कि सभी राजनीतिक मोर्चे महिलाओं को सीट देने में बुरी तरह नाकाम रहे हैं. ऐसा लगता है कि उम्मीदवारों का चयन करने के दौरान महिलाओं के प्रति बदले की भावना रखी गई है.’

उन्होंने नई दिल्ली में संवाददाताओं से कहा कि कुछ नेता सोचते हैं कि महिलाओं के लिए इतना ही काफी है और संसद तथा विधानसभा की सीटें सिर्फ पुरुषों के लिए हैं.

भाकपा नेता ने दावा कि राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता रमेश चेन्नीतला सहित कुछ नेताओं की सोच है कि महिलाओं को प्रदर्शन करने का भी अधिकार नहीं है.

उन्होंने सवाल किया, ‘ऐसा लगता है, वह चाहते हैं कि महिलाएं प्रदर्शन भी पुरुषों के हिसाब से करें. कितनी महिला विरोधी बात है.’

केरल: मुंडन कराने के बाद लतिका सुभाष ने कांग्रेस से इस्तीफा दिया, निर्दलीय लड़ेंगी चुनाव

तिरुवनंतपुरम/एत्तुमनूर: केरल विधानसभा चुनाव के लिए टिकट न मिलने के बाद महिला कांग्रेस प्रमुख के पद से इस्तीफा देने और इसके विरोध में अपना सिर मुंडवाने के एक दिन बाद लतिका सुभाष ने सोमवार को पार्टी छोड़ दी और कोट्टायम के एत्तुमनूर से छह अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ने का फैसला किया.

एआईसीसी की सदस्य 56 वर्षीय लतिका ने कहा कि उन्होंने कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी और केपीसीसी अध्यक्ष मुल्लापल्ली रामचंद्रन को अपना त्याग-पत्र भेज दिया था.

गांधी को लिखे पत्र में लतिका ने कहा, ‘कांग्रेस महिला कांग्रेस और उसके कार्यकर्ताओं की भावना को समझने में बुरी तरह विफल रही. एक महिला के रूप में मुझे लगता है कि यह हमारे खिलाफ एक योजनाबद्ध उपेक्षा है.’

उन्होंने कहा कि महिला कांग्रेस के किसी भी प्रतिनिधि को चुनाव लड़ने के लिए टिकट नहीं मिला. एआईसीसी से इस्तीफा देते हुए पार्टी की वरिष्ठ नेता ने कहा कि महिला कांग्रेस को न्याय नहीं मिला.

लतिका ने कहा कि उन्होंने केपीसीसी की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है.

अपने गृह नगर एत्तुमनूर में शाम को अपने शुभचिंतकों की एक सभा में लतिका ने घोषणा की कि वह निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ेंगी और उन्होंने अपने प्रशंसकों और शुभचिंतकों की भावनाओं का सम्मान करते हुए यह फैसला लिया.

उन्होंने कहा, ‘कई नेताओं ने मुझे भरोसा दिलाया था और मुझे एक सीट की उम्मीद थी.’

लतिका सुभाष ने राज्य में छह अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी उम्मीदवारों की सूची नई दिल्ली में जारी होने के बाद अपने पद से इस्तीफा दे दिया.

कांग्रेस द्वारा जारी 86 उम्मीदवारों की सूची में केवल 10 महिलाएं हैं.

केरल के पूर्व मुख्यमंत्री ओमान चांडी, विपक्ष के नेता चेन्नीथला ने नामांकन भरा

कोट्टायम/अलप्पुझा: केरल के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ओमान चांडी और विपक्ष के नेता रमेश चेन्नीथला ने मंगलवार को अपने नामांकन दाखिल किया. राज्य में विधानसभा चुनावों के लिए छह अप्रैल को मतदान होना है.

ओमान चांडी. (फोटो साभार: फेसबुक)

ओमान चांडी. (फोटो साभार: फेसबुक)

कोट्टायम जिले के पुथुप्पल्ली सीट से चुनाव लड़ रहे चांडी ने सुबह 11:30 बजे पम्बदी ब्लॉक कार्यालय में पर्चा भरा. वहीं अलप्पुझा के हरिपद सीट से चुनाव लड़ रहे चेन्नीथला ने अपराह्न 12:10 पर नामांकन भरा.

सितंबर 2020 में 77 वर्षीय चांडी ने राज्य विधानसभा सदस्य के रूप में अपने 50 साल पूरे किए. चांडी पिछले 11 बार से पुथुपल्ली सीट से विजेता रहे हैं. हालांकि, पुथुपल्ली एक समय में वामपंथी दलों का गढ़ हुआ करता था.

गौरतलब है कि मीडिया में यह खबर आने के बाद कि चांडी राज्य में भाजपा की इकलौती सीट तिरुवनंतपुरम के नेमोम से अपना नामांकन भर सकते हैं, उनके अपने विधानसभा क्षेत्र पुथुपल्ली में समर्थकों ने शनिवार को जोरदार प्रदर्शन किया था.

वह अपनी बार 1970 में 27 साल की उम्र में विधानसभा सदस्य चुने गए थे.

माकपा ने युवा नेता जैक सी. थॉमस को चांडी के खिलाफ उतारा है. भाजपा ने एन. हरि को अपना उम्मीदवार बनाया है.

हालांकि, हरिपद कांग्रेस का गढ़ नहीं है, लेकिन 64 वर्षीय चेन्नीथला 1982 में पहली बार यहां से चुनाव लड़ने के बाद कभी हारे नहीं हैं.

कांग्रेस नेता यहां से 1982, 1987, 2011 और 2016 में चुनकर विधानसभा गए हैं.

तमिलनाडु: पनीरसेल्वम की सम्पत्ति में हुआ इजाफा

चेन्नई: तमिलनाडु के उप-मुख्यमंत्री ओ. पनीरसेल्वम ने आगामी विधानसभा चुनाव के लिए दाखिल किए हलफनामे में अपनी कुल सम्पत्ति 61.19 लाख रुपये घोषित की है. 2016 में उन्होंने अपनी कुल सम्पत्ति 33.20 लाख रुपये बताई थी.

तमिलनाडु के उप-मुख्यमंत्री ओ. पन्नीरसेल्वम. (फोटो: पीटीआई)

तमिलनाडु के उप-मुख्यमंत्री ओ. पन्नीरसेल्वम. (फोटो: पीटीआई)

अन्नाद्रमुक संयोजक पनीरसेल्वम ने तीसरी बार थेनी जिले के बोदिनायक्कनूर से नामांकन दाखिल किया है. विधानसभा चुनाव के लिए इस सीट पर छह अप्रैल का मतदान होगा. पनीरसेल्वम ने कहा कि यह घोषित सम्पत्ति केवल चल है.

सम्पत्ति में तीन चार-पहिया वाहनों की भी घोषणा की गई है. उन्होंने अपनी आय का जरिया उप-मुख्यमंत्री के तौर पर मिलने वाला वेतन और उनकी पत्नी की कृषि क्षेत्र से होने वाली आय बताया है.

उन्होंने बताया कि उनकी देनदारी 65,55,411 रुपये की है. उन्हें यह राशि अपनी पत्नी को देनी है.

इसी तरह, अम्मा मक्कल मुनेत्र कषगम (एएमएमके) के नेता टीटीवी दिनाकरण ने हलफनामे में अपनी सम्पत्ति 19.18 लाख रुपये घोषित की है, जो 2017 में 16.73 लाख रुपये थी.

दिनाकरण कोविलापट्टी से अन्नाद्रमुक के स्थानीय नेता एवं सूचना मंत्री कदम्बुर राजू के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं.

तमिलनाडु की सभी 234 विधानसभा सीटों के लिए छह अप्रैल को मतदान होगा

तमिलनाडु: पलानीस्वामी ने 47 लाख रुपये की संपत्ति घोषित की

चेन्नई: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के. पलानीस्वामी ने सोमवार को एदापदी निर्वाचन क्षेत्र से छह अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करते समय 47 लाख रुपये से अधिक की चल संपत्ति घोषित की और कहा कि उनके नाम पर कोई अचल संपत्ति नहीं है.

उन्होंने यह भी कहा कि उनकी पत्नी की चल-अचल संपत्ति 104,11,631 रुपये की है और हिंदू अविभाजित परिवार (एचयूएफ) के अंतर्गत 50.21 लाख रुपये की संपत्ति है.

उन्होंने अपनी पत्नी के नाम पर 1.78 करोड़ रुपये और पैतृक संपत्ति सहित हिंदू अविभाजित परिवार (एचयूएफ) के तहत 2.10 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति की घोषणा की.

साल 2016 के चुनावी हलफनामे के अनुसार, उस दौरान पलानीस्वामी की चल संपत्ति 12.83 लाख रुपये और अचल संपत्ति 1.97 करोड़ रुपये थी.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)