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जदयू की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में राजग में शामिल होने पर लगी औपचारिक मुहर

17 साल तक राजग का हिस्सा रही जदयू 2013 में गठबंधन से बाहर हो गई थी.

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पटना: बिहार की राजधानी पटना में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आवास पर बुलाई गई जदयू की राष्‍ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में भाजपा के नेतृत्‍व वाले राजग में शामिल होने के प्रस्‍ताव पर औपचारिक मुहर लग गई है. भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने बिहार में गठबंधन होने के बाद राजग में औपचारिक तौर पर शामिल होने का प्रस्ताव रखा था.

पार्टी के प्रधान महासचिव केसी त्यागी ने बताया कि राष्ट्रीय कार्यकारिणी ने राजद-जदयू-कांग्रेस के महागठबंधन से जदयू के बाहर निकलने के पार्टी की बिहार इकाई के फैसले पर भी मुहर लगाई है और जदयू अध्यक्ष नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में राजग का हिस्सा बनने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है.

17 साल तक राजग का हिस्सा रही जदयू 2013 में बाहर हो गई थी. लोकसभा चुनाव में जब नरेंद्र मोदी को भाजपा की तरफ़ से उम्मीदवार बनाया गया था तब जदयू ने विरोध करते हुए खुद को राजग से दूर कर लिया था. चार साल बाद जदयू फिर से बिहार में महागठबंधन तोड़ते हुए राजग में शामिल होने जा रही है.

नीतीश के भाजपा के साथ मिलकर बिहार में सरकार बनाने से जदयू के वरिष्ठ नेता शरद यादव नाखुश हैं और इस बैठक में उन्होंने हिस्सा नहीं लिया. नीतीश के आवास पर आयोजित राष्‍ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के दौरान शरद यादव और लालू प्रसाद यादव के समर्थकों को नारेबाजी करते देखा गया.

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार उनकी अगुआई वाले जदयू के प्रतिद्वंद्वी धड़े ने भी पटना में उसी समय अपनी अलग बैठक की. इससे पार्टी में विभाजन के संकेत मिल रहे हैं.

दैनिक जागरण की ख़बर के मुताबिक़ जदयू की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक साढ़े दस बजे से पटना में मुख्यमंत्री आवास, 1 अणे मार्ग पर शुरू हुई. बैठक में जदयू के सभी आमंत्रित 70 सदस्यों में से 67 सदस्य शामिल हुए. एनडीए में शामिल होने के प्रस्ताव के बाद आरसीपी सिंह ने संगठन प्रस्ताव पेश किया.

बैठक में शरद यादव पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने को लेकर उन पर कड़ी कार्रवाई करने की बात कही गई लेकिन इसे फिलहाल टाल दिया गया है.

वहीं, शरद यादव ने अपने कार्यक्रम में कहा ‘हम किसी व्यक्ति के खिलाफ नहीं हैं. बिहार की जनता आज दुखी है, उसका विश्वास टूटा है. सबसे पहले राज्य पर आई बाढ़ की त्रासदी पर दुःख जताएंगे. इस मुश्किल घड़ी में हम जनता के साथ खड़े हैं. बाकी हमारा किसी से लेना देना नहीं है.

शरद यादव ने कहा कि आज जनता परेशान है. जदयू को फिर से पहले की तरह समेटने में लगा हूं. भारत में लोकतंत्र है और लोकतंत्र को बचाने के लिए जितनी जरूरी सरकार है उतना ही जरूरी मजबूत विपक्ष भी. दो पहिए होते हैं किसी गाड़ी को चलाने के लिए, विपक्ष की मजबूती जरूरी है इसीलिए साझी विरासत को बचाने में लगा हूं.’

त्यागी ने कहा, हमारे अध्यक्ष नीतीश कुमार के साथ हाल में एक मुलाकात में भाजपा के अध्यक्ष अमित शाह ने उनसे जदयू को एनडीए में लाने का अनुरोध किया था. राष्ट्रीय कार्यकारिणी ने इसे मंजूरी दी और अब हम एनडीए का हिस्सा हैं.

पत्रकारों से बातचीत के दौरान केसी त्यागी के साथ पार्टी के नेता आरसीपी सिंह, हरिवंश और पवन वर्मा भी थेत्यागी ने पार्टी में किसी तरह की फूट से साफ इनकार किया .

न्यूज़ वेबसाइट द क्विंट की ख़बर के अनुसार शरद यादव गुट की ओर से आयोजित होने वाले ‘जन अदालत’ नाम के कार्यक्रम के बारे में त्यागी ने कहा कि यह पार्टी का आधिकारिक कार्यक्रम नहीं है. बिहार जेडीयू के प्रमुख प्रवक्ता संजय सिंह ने कहा कि ‘जन अदालत’ से हमारा कोई लेना-देना नहीं है.

पटना में कुछ पोस्टर लगाए गए हैं, जिनमें लिखा है, ‘जन अदालत का फैसला….महागठबंधन जारी है.’ इन पोस्टरों पर शरद यादव, जेडीयू के राज्यसभा सदस्य अली अनवर और पूर्व मंत्री रमई राम की तस्वीरें हैं.

पटना में हुई राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के बाद जेडीयू प्रवक्ता केसी त्यागी ने कहा कि पार्टी में कोई दो फाड़ नहीं है. 71 विधायक, 30 एमएलसी और सभी पार्टी पदाधिकारी नीतीश कुमार के साथ हैं.

सामचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ आज मीटिंग के दौरान मुख्यमंत्री आवास के बाहर नीतीश कुमार के समर्थकों और शरद यादव के समर्थकों में झड़प हुई. बिना हेलमेट के बाइक पर सवार शरद यादव के समर्थक पटना हवाई अड्डे से उनके साथ जन अदालत कार्यक्रमस्थल एस के मेमोरियल हाल जा रहे थे. मुख्यमंत्री आवास के सामने आने पर वो शरद यादव के पक्ष में नारेबाजी करने लगेउनमें से कुछ समर्थकों के हाथों में डंडे थे और. कुछ ही देर में नीतीश के समर्थक भी बड़ी संख्या में वहां पहुंच गए और दोनो गुटों में झड़प हो गई.

 

 

 

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