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उत्तराखंड: फटी जींस वाले बयान पर मचे बवाल के बाद मुख्यमंत्री की पत्नी ने उनका बचाव किया

हाल ही में उत्तराखंड का मुख्यमंत्री पद संभालने वाले तीरथ सिंह रावत ने कहा था कि फटी जींस पहनने वाली महिला क्या संस्कार देगी. रावत ने कहा था कि घुटने दिखाना, रिप्ड जींस पहनना अमीर बच्चों की तरह दिखना है, घुटनों पर फटी जींस पहनकर ख़ुद को बड़े बाप का बेटा समझते हैं. ऐसे फैशन में लड़कियां भी पीछे नहीं हैं.

एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत. (फोटो: पीटीआई)

एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत. (फोटो: पीटीआई)

देहरादून: उत्तराखंड के नवनियुक्त मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत द्वारा युवतियों के रिप्ड जींस (कुछ जगहों से फटी हुई जींस) पहनने संबंधी दिए बयान पर मचे बवाल के बाद बृहस्पतिवार को उनकी पत्नी रश्मि त्यागी बचाव करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री की बात पूरे संदर्भ में प्रस्तुत नहीं की जा रही है.

देहरादून में एक वीडियो के जरिये अपने बयान में रश्मि ने कहा कि मुख्यमंत्री रावत ने जिस पूरे संदर्भ में यह बात कही है उसका वर्णन नहीं किया जा रहा है.

रश्मि त्यागी ने कहा, ‘उन्होंने (तीरथ सिंह) ने कहा कि महिलाओं की भागीदारी समाज और देश के निर्माण में अभूतपूर्व है. हमारे देश की महिलाओं के कंधों पर ही यह जिम्मेदारी है कि वह हमारी सांस्कृतिक धरोहर को बचाएं, हमारी पहचान को बचाएं, हमारी वेशभूषा को बचाएं.’

मंगलवार को एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री रावत ने कहा था कि संस्कारों के अभाव में युवा अजीबोगरीब फैशन करने लगे हैं और घुटनों पर फटी जींस पहनकर खुद को बडे़ बाप का बेटा समझते हैं. उन्होंने कहा कि ऐसे फैशन में लड़कियां भी पीछे नहीं हैं.

उन्होंने कहा था, ‘अब हम अपने बच्चों को ‘कैंची से संस्कार’ दे रहे हैं, घुटने दिखाना, रिप्ड जींस पहनना अमीर बच्चों की तरह दिखना है. ये सब कहां से आ रहा है, ये घर से नहीं आ रहा? इसमें शिक्षकों या स्कूलों की क्या गलती है? मैं अपने बेटे को घुटनों से फटी जींस में कहा ले जा रहा हूं? अपने घुटने दिखाने में लड़कियां भी कम नहीं है, क्या ये सही है? हम ये सब पश्चिमीकरण की पागल दौड़ में कर रहै हैं. जबकि पश्चिमी दुनिया हमारा अनुसरण कर रही है, अपना शरीर ढककर… योग कर रही है.

उन्होंने इस संबंध में एक घटना का भी उल्लेख किया और कहा कि एक बार जब वह हवाई जहाज में बैठे तो उनके साथ एक महिला बैठी थीं जो गम बूट पहने हुई थीं, उनकी जींस घुटनों पर फटी थीं, हाथों में कई कडे़ थे और उनके साथ दो बच्चे भी थे.

रावत ने कहा कि वह महिला एनजीओ (गैर सरकारी संगठन) चलाती हैं जो समाज के बीच में जाती हैं और स्वयं उनके दो बच्चे हैं, लेकिन घुटने फटे हुए हैं तो ऐसे में वह क्या संस्कार देंगीं.

रावत के इस बयान पर खासा बवाल मच गया और कांग्रेस और आम आदमी पार्टी जैसे राजनीतिक दलों से लेकर शिवसेना नेता प्रियंका चतुर्वेदी और अभिनेत्री से सांसद बनीं जया बच्चन के अलावा आम लोगों ने भी सोशल मीडिया पर रावत की आलोचना की थी.

मुख्यमंत्री रावत के इस बयान को ‘निर्लज्ज’ बताते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कहा था कि उन्हें महिलाओं से माफी मांगनी चाहिए.

कांग्रेस महासचिव और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा था कि मुख्यमंत्री कोई सांस्कृतिक शिक्षक नहीं हैं, जो यह बताएं कि महिलाओं को कैसे वस्त्र पहनने चाहिए.

उन्होंने कहा कि इसके बजाय मुख्यमंत्री को उत्तराखंड के विकास पर ध्यान देना चाहिए.

प्रदेश में पांव पसारने का प्रयास कर रही आम आदमी पार्टी ने भी मुख्यमंत्री के इस बयान को ‘भद्दा’ बताते हुए कहा कि कपड़ों पर तंज कसने वाले मुख्यमंत्री पर लानत है.

रावत की पत्नी के अलावा उत्तर प्रदेश में उनकी पार्टी (भाजपा) के बैरिया से विधायक सुरेंद्र सिंह ने उनका बचाव किया था. उन्होंने कहा था, महिलाओं और पुरुषों को सभ्य कपड़े पहनने की आवश्यकता है. महिलाएं खासकर बेटियां परिवार की प्रतिष्ठा होती है, उन्हें गरिमापूर्ण तरीके से व्यवहार करना चाहिए.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)