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निकिता तोमर हत्या मामले में अदालत ने दो दोषियों को उम्रक़ैद की सज़ा सुनाई

पिछले साल 26 अक्टूबर को बीकॉम अंतिम वर्ष की छात्रा निकिता तोमर परीक्षा देकर कॉलेज से बाहर निकली थीं, तभी तौसीफ़ और रेहान नाम के युवकों ने उन्हें जबरन कार में बैठाने की कोशिश की थी. असफल होने पर तौसीफ़ ने गोली मारकर निकिता की हत्या कर दी थी. हरियाणा के गृह मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार हाईकोर्ट में अपील दायर कर दोनों को मौत की सज़ा देने का अनुरोध करेगी.

चंडीगढ़: हरियाणा में फरीदाबाद की एक फास्ट ट्रैक अदालत ने बहुचर्चित निकिता तोमर हत्याकांड मामले में शुक्रवार को दो दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई.

अदालत द्वारा सजा सुनाए जाने के तुरंत बाद हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज ने कहा कि राज्य सरकार उच्च न्यायालय के समक्ष अपील दायर करेगी और दोनों अभियुक्तों को मौत की सजा देने का अनुरोध करेगी.

अभियोजन पक्ष के वकील एदल सिंह रावत ने बताया कि अदालत ने दोनों दोषियों तौसीफ और रेहान पर 20-20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया. अदालत ने दोनों पर अपहरण को लेकर पांच साल की सजा और दो हजार रूपए का जुर्माना लगाया है.

उन्होंने कहा कि तौसीफ और रेहान को हत्या, साजिश रचने और विवाह के लिए अपहरण की कोशिश करने का दोषी ठहराते हुए उम्र कैद की सजा सुनाई गई है. अदालत ने इस मामले में एक आरोपी को बरी कर दिया था.

उन्होंने कहा कि तौसीफ को अवैध हथियार रखने का भी दोषी ठहराया गया है. उन्होंने कहा कि सभी सजाएं एक साथ चलेंगी.

अदालत द्वारा सजा सुनाए जाने के बाद पुलिस ने दोनों दोषियों को हिरासत में ले लिया और उन्हें नीमका जेल भेज दिया.

रावत ने कहा कि इन धाराओं के तहत अधिकतम फांसी की सजा का प्रवधान है और वह इसके लिए अपील करेंगे.

अदालत ने इस बेहद चर्चित मामले का पांच महीने के अंदर निपटारा किया है. मामले में अभियोजन पक्ष ने फॉरेंसिक एवं अन्य सबूतों के साथ 57 गवाहों को भी पेश किया.

अदालत के फैसले पर हरियाणा के गृह मंत्री ने कहा, ‘हम फैसले का अध्ययन करेंगे. हम उच्च न्यायालय में अपील करेंगे ताकि दोषियों को मौत की सजा मिल सके.’

रावत ने कहा कि निकिता तोमर का परिवार भी उच्च न्यायालय में अपील करेगा.

एनडीटीवी के मुताबिक वकील एदल सिंह ने बताया कि अदालत ने तौसीफ और रेहान को भारतीय दंड संहिता की धारा 366-34 (अपहरण) के तहत पांच साल की सजा सुनाई है और दो-दो हजार रुपये का जुर्माना लगाया.

उन्होंने बताया कि तौसीफ को शस्त्र अधिनियम के तहत चार साल की जेल की सजा सुनाई है.

गौरतलब है कि गत वर्ष 26 अक्टूबर को बीकॉम अंतिम वर्ष की छात्रा निकिता तोमर परीक्षा देकर कॉलेज से बाहर निकली थीं, तभी तौसीफ और रेहान ने उन्हें जबरन कार में बैठाने की कोशिश की और असफल होने पर तौसीफ ने गोली मारकर निकिता की हत्या कर दी थी.

बाद में सीसीटीवी फुटेज के आधार पर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था.

इस मामले को लेकर मृतका के परिजनों ने फरीदाबाद के सेक्टर-23 में भी प्रदर्शन भी किया था और आरोप लगाया था कि मुख्य आरोपी छात्रा पर शादी का दबाव बना रहा था.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)