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असम के मंत्री ने पत्रकार को ‘गायब’ करने की धमकी दी, कांग्रेस ने उम्मीदवारी रद्द करने की मांग की

असमी समाचार चैनल प्रतिदिन टाइम्स ने एक ऑडियो क्लिप प्रसारित किया था, जिसमें कथित तौर पर मंत्री और भाजपा नेता पीयूष हज़ारिका को पत्रकार नजरूल इस्लाम से बातचीत करते सुना जा सकता है. इस बातचीत के दौरान मंत्री ने नजरूल और एक अन्य पत्रकार तुलसी को उनके घरों से घसीट कर बाहर निकालने और ‘गायब’ करने की धमकी दी.

पत्नी एमी बरूआ के साथ भाजपा नेता और मंत्री पीयूष हजारिका. (फोटो साभार: फेसबुक)

पत्नी एमी बरूआ के साथ भाजपा नेता और मंत्री पीयूष हजारिका. (फोटो साभार: फेसबुक)

गुवाहाटी/मोरीगांव: असम सरकार के एक मंत्री ने अलग-अलग समाचार चैनलों के दो पत्रकारों को ‘गायब’ करने की कथित तौर पर धमकी दी है, जिन्होंने मंत्री की पत्नी के विवादास्पद चुनावी भाषण की रिपोर्टिंग की थी. इसके तुरंत बाद कांग्रेस ने मांग की कि विधानसभा चुनाव के लिए उनकी उम्मीदवारी रद्द की जाए.

पुलिस के अनुसार, उनमें से एक पत्रकार ने मोरीगांव जिले के जगीरोड थाने में प्रदेश के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री पीयूष हजारिका के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है, लेकिन अब तक प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है.

असमी समाचार चैनल प्रतिदिन टाइम्स ने एक ऑडियो क्लिप प्रसारित किया था, जिसमें कथित तौर पर हजारिका को पत्रकार नजरूल इस्लाम से बातचीत करते सुना जा सकता है. इस बातचीत के दौरान मंत्री ने नजरूल और एक अन्य पत्रकार तुलसी को उनके घरों से घसीट कर बाहर निकालने और ‘गायब’ करने की धमकी दी.

भाजपा उम्मीदवार ने फोन पर बातचीत में कहा कि वह दुखी हैं क्योकि उन लोगों ने उनकी पत्नी एमी बरूआ के विवादास्पद बयान की रिपोर्टिंग की, जो उन्होंने एक चुनावी सभा के दौरान दिया था. यह बातचीत अब वायरल हो रही है.

इस संबंध में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रिपुन बोरा ने राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नितिन खाड़े को एक ज्ञापन दिया और मंत्री की उम्मीदवारी रद्द करने तथा उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की मांग की.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि भाजपा नेता के शब्द चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन है. ज्ञापन में कांग्रेस ने पत्रकारों को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी देने के लिए हजारिका पर  असंसदीय भाषा का प्रयोग करने का आरोप लगाया गया है.

हजारिका मोरीगांव जिले की जगीरोड सीट को बरकरार रखने की कोशिश कर रहे हैं, जहां बृहस्पतिवार को दूसरे चरण के तहत मतदान हुए हैं.

पत्रकारों द्वारा की गई रिपोर्ट मंत्री की पत्नी एमी बरूआ की जगीरोड में एक चुनावी रैली से जुड़ी है, जो राज्य की एक प्रसिद्ध कलाकार भी है. इसमें उन्हें कथित तौर पर यह कहते हुए सुना जा सकता है कि जो लोग नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) को स्वीकार नहीं करेंगे उन्हें असम से ही नहीं बल्कि देश से भी निकाल दिया जाएगा.

बाद में एमी बरूआ ने एक स्थानीय चैनल पर बयान दिया था कि उनके बयान का गलत मतलब निकाला गया है और अगर उन्होंने किसी की भावनाएं आहत की हैं तो वह माफी मांगती हैं.

रिपोर्ट के अनुसार, असम कांग्रेस अध्यक्ष रिपुन बोरा के हस्ताक्षर वाले ज्ञापन में कहा गया है कि हजारिका ने नजरुल इस्लाम को कथित तौर कांग्रेस और (बदरुद्दीन) अजमल की पार्टी एआईयूडीएफ के लिए ‘मिया पॉलिटिक्स’ करने के लिए चेतावनी दी. साथ ही धमकी दी कि वह नजरुल इस्लाम की जिंदगी बर्बाद कर देंगे.

कांग्रेस की ओर से कहा गया है कि यह ‘मौजूदा मतभेदों को बढ़ाता है’ और राज्य के समुदायों के बीच ‘आपसी द्वेष’ पैदा करता है. यह आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन भी है.

गुवाहाटी प्रेस क्लब ने भी एक बयान जारी कर कहा है कि एक जनप्रतिनिधि द्वारा एक पत्रकार को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी देना अशोभनीय है.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)