राजनीति

ब्याज दरें घटाने का आदेश ‘चूक’ के चलते जारी हुआ या चुनावों के कारण वापस लेना पड़ा: कांग्रेस

सरकार की ओर से छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दरें घटाने और फ़िर अपने इस फैसले को वापस लिए जाने के बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पर निशाना साधते हुए कांग्रेस ने कहा कि उन्हें पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है. पार्टी ने ये भी कहा कि भाजपा को रजनीकांत को दादा साहेब फाल्के पुरस्कार पर राजनीतिक फायदा उठाने से बाज़ आना चाहिए.

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण. (फोटो साभार: पीटीआई)

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण. (फोटो साभार: पीटीआई)

नई दिल्ली: कांग्रेस ने सरकार की ओर से छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दरें घटाने और फिर अपने इस फैसले को वापस लिए जाने के बाद बृहस्पतिवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पर निशाना साधा और सवाल किया कि दरें कम करने का आदेश करने में ‘चूक’ हुई थी या फिर विधानसभा चुनावों के चलते उसे वापस लेना पड़ा.

मुख्य विपक्षी पार्टी ने यह भी कहा कि अब निर्मला को वित्त मंत्री के पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है.

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट किया, ‘पेट्रोल-डीज़ल पर तो पहले से ही लूट थी, चुनाव ख़त्म होते ही मध्य वर्ग की बचत पर फिर से ब्याज कम करके लूट की जाएगी. जुमलों की झूठ की. ये सरकार जनता से लूट की!’

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने दावा किया कि विधानसभा चुनावों के बीत जाने के बाद केंद्र सरकार अपना ‘अनर्थशास्त्र’ फिर से लागू करेगी.

उन्होंने ट्वीट कर सवाल किया, ‘भारत सरकार की बचत योजनाओं पर ब्याज दर घटाने के लिए आदेश जारी करने में ‘चूक’ हुई या फिर चुनावों की वजह से इन्हें वापस लेना पड़ा?’

इससे पहले उन्होंने फेसबुक पोस्ट में कहा, ‘कल रात में सरकार ने आमजनों की छोटी बचत वाली स्कीमों की ब्याज दरों में कटौती कर दी थी. आज सुबह जब सरकार जागी तो उसको पता चला कि अरे ये तो चुनाव का समय है. सुबह उठते ही सारा दोष ‘ओवरसाइट’ (चूक) शब्द पर मढ़ते हुए सरकार ने ये फैसला वापस ले लिया.’

प्रियंका ने दावा किया, ‘चुनाव है तो पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस के दाम भी नहीं बढ़ रहे हैं. एक बार चुनाव जाने दीजिए भाजपा अपना अनर्थशास्त्र फिर से लागू करेगी.’

कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट किया, ‘मैडम वित्त मंत्री, क्या आप सर्कस चला रही हैं या सरकार? कोई भी इस स्थिति में अर्थव्यवस्था के चलने को लेकर कल्पना ही कर सकता है जब करोड़ों लोगों को प्रभावित करने वाले फैसले को चूकवश जारी कर दिया जाए. यह आदेश किसने जारी किया?’

उन्होंने कहा, ‘आपको वित्त मंत्री के पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है.’

गौरतलब है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बृहस्पतिवार को कहा कि सरकार पीपीएफ तथा एनएससी जैसी छोटी बचत योजनाओं में की गई बड़ी कटौती वापस लेगी और साथ ही यह भी कहा कि ऐसा चूकवश हो गया था.

उल्लेखनीय है कि छोटी बचत योजनाओं में निवेश करने वाले लोगों को झटका देते हुए सरकार ने बुधवार को लोक भविष्य निधि (पीपीएफ) और एनएससी (राष्ट्रीय बचत प्रमाण पत्र) समेत लघु बचत योजनाओं पर ब्याज दरों में 1.1 प्रतिशत तक की कटौती की थी. यह कटौती एक अप्रैल से शुरू वित्त वर्ष 2021-22 की पहली तिमाही के लिए की गई थी.

भाजपा को रजनीकांत को फाल्के पुरस्कार पर राजनीतिक फायदा उठाने से बाज आना चाहिए

कांग्रेस ने बृहस्पतिवार को कहा कि भाजपा को अभिनेता रजनीकांत को दादासाहेब फाल्के पुरस्कार दिए जाने की घोषणा पर राजनीतिक फायदा उठाने से बाज आना चाहिए.

पार्टी के वरिष्ठ नेता राजीव शुक्ला ने संवाददाताओं से कहा, ‘रजनीकांत जी एक बहुत बड़े अभिनेता हैं, हम सब उनका बहुत सम्मान करते हैं. हम तो कहते हैं कि उनको पिछले साल ही दादा साहेब फाल्के अवार्ड दे देना चाहिए था.’

उन्होंने इस बात पर जोर दिया, ‘कोई भी चीज इस तरह चुनाव को ध्यान में रखकर करना उचित नहीं है. लोग जानते हैं इस चीज से कोई फर्क नहीं पड़ेगा. कांग्रेस रजनीकांत जी का पूरा सम्मान करती है, लेकिन ये सरकार हर चीज का राजनीतिक फायदा लेने की कोशिश करती है, उससे इस सरकार को बाज आ जाना चाहिए.’

रजनीकांत को तीन मई को वर्ष 2019 के लिए दादा साहेब फाल्के पुरस्कार दिया जाएगा. केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने बृहस्पतिवार को इस संबंध में घोषणा की.

यह घोषणा ऐसे समय में की गई है, जब छह अप्रैल को तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव होने हैं. 70 वर्षीय रजनीकांत तमिलनाडु के रहने वाले हैं और वहां बड़ी संख्या में उनके प्रशंसक हैं.

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से ठीक पहले यह घोषणा किए जाने के बारे में सवाल पूछने पर जावड़ेकर ने कहा था, ‘यह फिल्म जगत से जुड़ा पुरस्कार है और रजनीकांत 50 साल से काम कर रहे हैं. व्यक्ति को उचित सवाल पूछना चाहिए.’

बाद में रजनीकांत ने ट्विटर पर तमिल में पोस्ट किए गए एक लंबे नोट में कहा था, ‘भारतीय सिनेमा के सर्वोच्च सम्मान दादा साहब फाल्के पुरस्कार के लिए मेरे नाम की घोषणा के लिए मैं केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिल से धन्यवाद देता हूं.’

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)