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चुनाव आयोग निर्णायक क़दम उठाए, राष्ट्रीय दल ईवीएम के उपयोग का पुनर्मूल्यांकन करें: कांग्रेस

असम में एक अप्रैल को दूसरे चरण के मतदान समाप्त होने के बाद करीमगंज ज़िले में पथरकांडी से भाजपा उम्मीदवार कृष्णेंदु पॉल की कार में कथित तौर पर ईवीएम मिली थीं, जिसे लेकर विवाद हो गया था. विवाद के बाद चुनाव आयोग ने चार अधिकारियों को निलंबित करते हुए राताबाड़ी के एक मतदान केंद्र पर दोबारा मतदान कराने का आदेश दिया है.

New Delhi: Congress President Rahul Gandhi speaks as AICC chief spokesperson Randeep Singh Surjewala looks on, during a press conference at AICC HQ, in New Delhi, Thursday, Oct 11, 2018. (PTI Photo/Subhav Shukla) (PTI10_11_2018_000032B)

कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला के साथ राहुल गांधी. (फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली: कांग्रेस ने असम में भाजपा के एक विधायक के वाहन से कथित तौर पर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) मिलने के बाद शुक्रवार को निर्वाचन आयोग को निशाने पर लिया और कहा कि इस पर आयोग को निर्णायक कदम उठाने चाहिए तथा सभी राष्ट्रीय दलों को ईवीएम के उपयोग का ‘गंभीर पुनर्मूल्यांकन’ करने की जरूरत है.

मुख्य विपक्षी दल ने यह भी कहा कि अगर चुनाव आयोग मूक बना रहता है तो यह लोकतंत्र के लिए घातक होगा.

कांग्रेस ने चुनाव आयोग पर उस वक्त निशाना साधा है जब सोशल मीडिया में एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक निजी वाहन में ईवीएम रखे होने और यह वाहन भाजपा के एक विधायक का होने का दावा किया गया है.

असम में एक अप्रैल को दूसरे चरण के मतदान समाप्त होने के बाद करीमगंज जिले में पथरकांडी से भाजपा उम्मीदवार कृष्णेंदु पॉल की कार में कथित तौर पर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) मिली थीं, जिसे लेकर विवाद हो गया था.

शुक्रवार को चुनाव आयोग की ओर बयान जारी कर कहा गया है कि पीठासीन अधिकारी को परिवहन प्रोटोकॉल का उल्लंघन के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था. पोलिंग अधिकारी और तीन अन्य को निलंबित कर दिया गया है. हालांकि ईवीएम की सील बरकरार पाई गई थी, लेकिन राताबाड़ी (एससी) सीट के 149 नंबर पोलिंग बूथ- इंदिरा एमवी स्कूल पर दोबार चुनाव कराए जाएंगे.

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, शुक्रवार को अधिकारियों ने बताया कि राताबाड़ी विधानसभा क्षेत्र के इंदिरा एमवी स्कूल की पोलिंग पार्टी का वाहन करीमगंज कस्बे में स्ट्रॉन्ग रूम की तरफ जा रहा था, जब गाड़ी खराब हो गई.

जिला प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया, उन्होंने एक निजी वाहन से लिफ्ट लिया. संयोग से ये वाहन पथरकांडी से भाजपा विधायक कृष्णेंदु पॉल के नाम रजिस्टर है. जब यह वाहन निमल बाजार क्षेत्र में पहुंचा, तो कुछ लोगों ने इसे देख लिया.

पॉल इस सीट से वर्तमान चुनाव में भाजपा उम्मीदवार भी हैं.

इस घटना को लेकर कांग्रेस की ओर से एक ट्वीट कर कहा गया, ‘इस तरह की लोकतंत्र विरोधी फिल्मी स्क्रिप्ट सिर्फ भाजपा वाले ही लिख सकते हैं, लेकिन इनका असली खेल जनता समझ गई है.’

एक अन्य ट्वीट में कहा गया, ‘भाजपा राज में लोकतंत्र का अपहरण किया जा रहा है, हमारी संवैधानिक संस्थाओं पर हमला किया जा रहा है. ईवीएम में गड़बड़ी और खराबी की खबरें चुनाव आयोग पर प्रश्नचिह्न खड़े कर रही हैं.’

इस ट्वीट में ये भी कहा गया है, ‘27 मार्च 2021: तृणमूल कांग्रेस ने मतदान में गड़बड़ी और ईवीएम में खराबी का आरोप लगाया. 1 अप्रैल 2021: पोल पैनल टीम द्वारा ईवीएम को ले जाने के लिए निजी वाहन का उपयोग करने के तर्कहीन फैसले ने असम के बराक घाटी क्षेत्र में हिंसा को बढ़ावा दिया. 2 अप्रैल 2021: असम में ईवीएम कथित तौर पर भाजपा विधायक की जीप में मिली.’

एक ट्वीट में कांग्रेस ने भाजपा द्वारा ईवीएम में छेड़छाड़ करने का इतिहास होने का आरोप लगाया है. इसके अनुसार, ‘अक्टूबर 2019: हरियाणा भाजपा के प्रत्याशी ने ईवीएम से छेड़छाड़ की और चुनाव आयोग का नोटिस मिला. मई 2019: हरियाणा के फतेहाबाद में ईवीएम से भरा एक ट्रक दस्तावेजों के सत्यापन के बिना स्टॉन्ग रूम में घुस गया. मई 2019: चुनाव आयोग ने फरीदाबाद में एक पोलिंग बूथ पर फिर से चुनाव कराने का आदेश दिया और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की.’

पार्टी ने कहा, ‘लोकतंत्र की किस्मत पर भाजपाई नीयत का हमला हो रहा है. इसके खिलाफ देश को आवाज बुलंद करनी होगी, अन्यथा भाजपा लोक और तंत्र दोनों को निगल जाएगी.’

पार्टी के अनुसार, ‘जब हमारी लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं की हत्या जैसी गंभीर बात हो तो मूर्खतापूर्ण तर्क देना पर्याप्त नहीं होगा. यह कोई संयोग नहीं है कि मतदान अधिकारी ईवीएम के साथ एक भाजपा उम्मीदवार की कार पर सवार हो गए, यह एक पैटर्न है, जिसका हर चुनाव में भाजपा पालन करती है.’

कांग्रेस ने कहा, ‘असम के पथरकांडी में ईवीएम के चोरी की घटना ऐसी इकलौती घटना नहीं है. ऐसी घटनाएं असम और दूसरे राज्यों में वर्तमान में और इससे पहले के चुनावों में हो चुकी हैं. चुनाव आयोग को स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराकर नागरिकों के विश्वास को बहाल करना चाहिए.’

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने इस मामले पर तंज कसते हुए ट्वीट किया, ‘चुनाव आयोग की गाड़ी ख़राब, भाजपा की नीयत ख़राब, लोकतंत्र की हालत ख़राब!’

पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी ने एक खबर का हवाला देते हुए चुनाव आयोग पर निशाना साधा और कटाक्ष करते हुए सवाल पूछा कि इस मामले में क्या पटकथा लिखी गई थी?

उन्होंने ट्वीट किया, ‘क्या स्क्रिप्ट है? चुनाव आयोग की गाड़ी खराब हुई, तभी वहां एक गाड़ी प्रकट हुई. गाड़ी भाजपा के प्रत्याशी की निकली. मासूम चुनाव आयोग उसमें बैठकर सवारी करता रहा. प्रिय चुनाव आयोग, माजरा क्या है? आप देश को इस पर कुछ सफाई दे सकते हैं? या हम सब मिलकर बोलें चुनाव आयोग की निष्पक्षता को वणक्कम?’

इससे पहले प्रियंका ने घटना से संबंधित कथित वीडियो साझा करते हुए कहा, ‘जब भी निजी वाहन में ईवीएम ले जाये जाने के वीडियो सामने आते हैं तो ये चीजें आम होती हैं कि वाहन सामान्यत: भाजपा उम्मीदवारों या उनके सहयोगियों का होता है, इन वीडियो को इकलौती घटना के तौर पर लिया जाता है और खारिज कर दिया जाता है. भाजपा अपनी मीडिया मशीनरी का इस्तेमाल कर उन लोगों को आरोपी बनाती है जिन्होंने इसका खुलासा किया होता है.

कांग्रेस महासचिव ने कहा, ‘सच्चाई यह है कि इस तरह की कई घटनाओं की सूचना दी जा रही है और उनके बारे में कुछ भी नहीं किया जा रहा है. चुनाव आयोग को इन शिकायतों पर निर्णायक रूप से कार्रवाई करने और सभी राष्ट्रीय दलों द्वारा ईवीएम पर गंभीर पुनर्मूल्यांकन करने की आवश्यकता है.’

पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, ‘ईवीएम से जुड़ी जालसाजी हर तरफ देखने को मिलती है. असम में दूसरे चरण के मतदान के बाद भाजपा विधायक कृष्णेंदु पॉल की कार में ईवीएम मिली. क्या चुनाव आयोग को ईवीएम ले जाने के लिए भाजपा की जरूरत है?

सुरजेवाला ने चुनाव आयोग पर सवाल उठाते हुए पूछा है, ‘भाजपा उम्मीदवार कृष्णेंदु रॉय की कार से ईवीएम क्यों मिली? असम के दीफू में हथिपुरा पोलिंग स्टेशन के पास एक लक्जरी कार में ईवीएम क्यों मिले? चुनाव आयोग के नियमों का उल्लंघन करते हुए बिना सुरक्षा अधिकारियों के जमुनुख में चुनाव अधिकारी ईवीएम क्यों ले जा रहे थे?’

उन्होंने सवाल किया, ‘क्या कलईगांव के वोटरों ने ईवीएम गायब होने की शिकायत की है? इसकी क्या जांच हुई और क्या कार्रवाई की गई? क्यों डिब्रूगढ़ के एक स्ट्रॉन्ग रूप के अंदर जहां ईवीएम रखे गए हैं, वहां संदिग्ध अधिकारी पाए गए हैं? क्या कार्रवाई की गई?’

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अगर चुनाव आयोग अब भी नहीं जागता है और खामोश बना रहा है या फिर ‘मिलीभगत’ करता है तो यह लोकतंत्र के लिए घातक है.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)