भारत

मध्य प्रदेश: मास्क न लगाने को लेकर व्यक्ति की बर्बर पिटाई, दो पुलिसकर्मी सस्पेंड

घटना इंदौर के परदेशीपुरा क्षेत्र की है, जहां मास्क न लगाने को लेकर दो पुलिसकर्मियों द्वारा एक व्यक्ति को सड़क पर गिराकर बुरी तरह पीटने का वीडियो सामने आया है. एसपी ने बताया कि वीडियो में दिख रहे दोनों आरक्षकों को निलंबित कर दिया गया है और एक शहर पुलिस अधीक्षक को जांच का ज़िम्मा सौंपा गया है.

मारपीट के वीडियो का स्क्रीनशॉट.

मारपीट के वीडियो का स्क्रीनशॉट.

इंदौर: कोविड-19 से बचाव के लिए कथित तौर पर मास्क न लगाने को लेकर विवाद के बाद इंदौर के परदेशीपुरा क्षेत्र में 35 वर्षीय व्यक्ति को दो पुलिस आरक्षक ने मंगलवार को सड़क पर गिराकर बुरी तरह पीटा.

घटना का वीडियो वायरल होने पर दोनों पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है. वीडियो में दो पुलिस कर्मी एक व्यक्ति को बुरी तरह पीटते दिखाई दे रहे हैं, जबकि उसका किशोर बेटा और कुछ महिलाएं पुलिसकर्मियों से रहम की विनती करती नजर आ रही हैं.

घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद दोनों पुलिसकर्मियों – कमल प्रजापत और धर्मेंद्र जाट को निलंबित कर दिया गया.

एनडीटीवी के मुताबिक, पीटा जा रहा व्यक्ति कृष्णकांत कुंजीर (35) एक ऑटोचालक है. वह अपने पिता से मिलने के लिए अस्पताल जा रहा था और उसका मास्क उसकी नाक से फिसल गया था.

पुलिसकर्मियों ने उसे पकड़ा और जोर देकर उनके साथ पुलिस स्टेशन चलने के लिए कहा. जब उसने उनके साथ चलने मना कर दिया, तो उन्होंने उसकी पिटाई शुरू कर दी.

रिपोर्ट के मुताबिक बेटे की मदद के लिए गुहार लगाने के बावजूद कोई भी व्यक्ति बचाव के लिए नहीं आया और पुलिसकर्मी उस पीटते रहे.

पुलिस अधीक्षक (पूर्वी क्षेत्र) आशुतोष बागरी ने बताया कि वीडियो में दिखाई दे रहे दोनों आरक्षकों को अनुचित बर्ताव के चलते निलंबित कर दिया गया है और एक शहर पुलिस अधीक्षक (सीएसपी) को मामले की जांच का जिम्मा सौंपा गया है.

बागरी ने दावा किया कि वीडियो में दिखाई दे रहे व्यक्ति ने मास्क नहीं पहन रखा था और दोनों पुलिसकर्मियों ने उसे रोका, तो उसने पुलिसकर्मियों से गाली-गलौच की और मारपीट की कोशिश की.

उन्होंने कहा, ‘घटना का जो वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, वह काट-छांटकर तैयार किया गया है ताकि पुलिस की छवि खराब की जा सके.’

पुलिस के एक अन्य अधिकारी ने दावा किया कि जिस व्यक्ति ने पुलिसकर्मियों से कथित विवाद किया वह स्मैक का आदी है और उसके खिलाफ चाकूबाजी तथा जबरिया उगाही के मामले भी दर्ज हैं.

मामले के तूल पकड़ने के बीच बुधवार को बड़ी तादाद में ऑटो रिक्शा चालक परदेशीपुरा पुलिस थाने पहुंचे और मांग की कि कुंजीर को पीटने की घटना की जांच प्रशासन के किसी मजिस्ट्रेट से कराई जाए.

इंदौर ऑटो रिक्शा चालक महासंघ के संस्थापक राजेश बिड़कर ने कहा, “पुलिस कर्मियों की बर्बर पिटाई के शिकार कुंजीर को शरीर के कई भागों पर चोट आई है. लेकिन अब तक उनकी मेडिकल जांच तक नहीं कराई गई है ताकि बाद में मामले पर लीपापोती की जा सके.

इस बीच राज्य मानवाधिकार आयोग ने इंदौर के पुलिस महानिरीक्षक से दो सप्ताह के भीतर मामले में रिपोर्ट तलब की है.

आयोग के एक अधिकारी ने बताया कि आयोग के अध्यक्ष जस्टिस नरेंद्र कुमार जैन ने ऑटो रिक्शा चालक कृष्णकांत कुंजीर के साथ पुलिस कर्मियों के कथित अमानवीय बर्ताव से जुड़ी मंगलवार की घटना का मीडिया की खबरों के आधार पर संज्ञान लिया.

इस बीच, वायरल वीडियो के हवाले से सोशल मीडिया पर लोग पुलिस के रवैये की तीखी आलोचना कर रहे हैं. विपक्षी कांग्रेस के कई नेताओं ने भी इस मामले में राज्य की भाजपा सरकार पर निशाना साधा है.

प्रदेश कांग्रेस ने ट्वीट कर कहा, ‘शिवराज की पुलिस एक गरीब ऑटो चालक का मास्क नाक के नीचे आने पर बेरहमी से पिटाई कर रही है. मंत्री और विधायक बग़ैर मास्क के दमोह में चुनाव प्रचार करें तो ठीक और एक गरीब के साथ इतना अमानवीय व्यवहार..? शिवराज जी, गरीबों को मत रूलाओ, भगवान की अदालत में इस पाप की माफ़ी नहीं है.’

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)