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लाल किला मामले में दीप सिद्धू ने कहा- झंडा फहराना अपराध नहीं, लेकिन फेसबुक लाइव करके गलती की

केंद्र के तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ 26 जनवरी को किसानों के ट्रैक्टर परेड के दौरान बहुत से प्रदर्शनकारी ट्रैक्टर चलाते हुए लाल किले तक पहुंच गए थे और वहां एक धार्मिक झंडा लगा दिया था. आरोप है कि ऐसा करने के लिए पंजाबी अभिनेता दीप सिद्धू ने उकसाया था.

New Delhi: Actor Deep Sidhu, accused in the violence on Republic Day during a farmers tractor rally, arrested by Delhi Police special cell in New Delhi, Tuesday, Feb. 9, 2021. (PTI Photo/Ravi Choudhary)(PTI02 09 2021 000137B)

पंजाबी एक्टर दीप सिद्धू. (फाइल फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली: इसी साल 26 जनवरी को ट्रैक्टर रैली के दौरान लाल किले की घटना में कथित भूमिका के चलते गिरफ्तार किए गए पंजाबी एक्टर दीप सिद्धू ने दिल्ली कोर्ट को बताया है कि ‘झंडा फहराना कोई अपराध नहीं है’. हालांकि इसके साथ सिद्धू ने कहा कि उन्होंने लाल किले से फेसबुक लाइव करके ‘गलती’ की थी.

पुलिस के अनुसार, साल 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के सनी देओल के लिए प्रचार करने वाले सिद्धू को ट्रैक्टर रैली और लाल किले पर हिंसा के दौरान भीड़ को भड़काते हुए पाया गया था. गणतंत्रत दिवस के मौके पर किसानों ने विवादित कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली में ट्रैक्टर रैली निकाली थी.

इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक सिद्धू के वकील अभिषेक गुप्ता ने कोर्ट से कहा, ‘मैंने न तो झंडा फहराया था और न ही किसी को झंडा फहराने के लिए कहा था. झंडा फहराना कोई अपराध नहीं है. इस मामले को लेकर विवाद है और मैं इसमें नहीं पड़ना चाहता हूं. मैंने गलती की है. लेकिन हर गलती अपराध नहीं होता है. मैंने फेसबुक लाइव करके गलती की है और इसके लिए मुझे देशद्रोही कहा गया है.’

गुप्ता ने कहा कि ये बेहद चौंकाने वाली बात है कि सिद्धू को इस मामले में मुख्य षड्यंत्रकारी बना दिया गया है.

गुप्ता ने न्यायालय से कहा, ‘मैं किसी हिंसा में शामिल नहीं था. मैं हिंसा शुरू होने से पहले निकल गया था. जांच एजेंसी के साथ दो वीडियो साझा किए गए हैं, जहां मैं भीड़ को शांत करा रहा हूं. मैं 2003-2015 के दौरान वकील रहा हूं. मैं एक प्रसिद्ध पंजाबी अभिनेता हूं और छह फिल्मों में अभिनय किया है और बहुत सारे प्रोजेक्ट लंबित हैं.’

उन्होंने आगे कहा, ‘प्रदर्शन करने का अधिकार मौलिक अधिकार है. मेरे खिलाफ सिर्फ ये आरोप है कि मैंने फेसबुक लाइव करके नारे लगाए. ये नारे गुरुद्वारे में लगाए जाने वाले नारे थे, जिसे सिख समुदाय लगाता है. ये धार्मिक नारे हैं. ये कैसे लोगों को भड़का सकते हैं?’

हालांकि पुलिस ने कहा कि दीप सिद्धू मुख्य आरोपी हैं, जिन्होंने लाल किले पर निशान साहिब झंडा फहराने के लिए उकसाया था.

इस मामले की अगली सुनवाई 12 अप्रैल को होगी.

सिद्धू को आईपीसी के तहत कई अपराधों के लिए गिरफ्तार किया गया है, जिसमें दंगा (147 और 148), गैरकानूनी ढंग से इकट्ठा होना (149), हत्या के प्रयास (120 बी), आपराधिक साजिश (120 बी), लोक सेवक पर हमला (152) ), डकैती (395) इत्यादि धाराएं शामिल हैं.