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उत्तर प्रदेश: पटाखा बनाते समय हुआ विस्फोट, पांच लोगों की मौत

घटना बिजनौर के बख्शीवाला गांव की है. मामले में फैक्ट्री संचालक को गिरफ़्तार कर लिया है. पुलिस ने बताया कि उसके पास पटाखे बेचने का लाइसेंस था, लेकिन गांव में एक भीड़भाड़ वाले इलाके में किराए के घर में ऐसे उत्पादों का निर्माण किया जा रहा था.

(फोटो साभार: इंडिया रेल इंफो)

(फोटो साभार: इंडिया रेल इंफो)

बिजनौर: उत्तर प्रदेश के बिजनौर में एक पटाखा फैक्ट्री में रखे ज्वलनशील पदार्थ में विस्फोट हो जाने से वहां काम कर रहे पांच मजदूरों की मौत हो गई. धमाके के सिलसिले में फैक्ट्री संचालक को गिरफ्तार कर लिया गया है. पुलिस ने इसकी जानकारी दी.

पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह ने बताया कि गुरुवार दोपहर जिले के बख्शीवाला गांव में युसुफ नामक व्यक्ति के मकान के कमरे में आतिशबाजी बनाने का काम चल रहा था.

उन्होंने बताया कि नौ मजदूर वहां पटाखे बना रहे थे तभी बारूद में आग लग गई जो कमरे में फैल गई.

सिंह ने बताया कि घटना के बाद चार श्रमिक वहां से निकल गए, लेकिन पांच अन्य आग में घिर गए जिनकी झुलसने से मौत हो गई. उन्होंने बताया कि उनकी पहचान वेदपाल (45), चिंटू (21), प्रदीप (25), सोनू (22) और ब्रजपाल (45) के रूप में की गई है.

उन्होंने बताया कि मरने वाले सभी मजदूर निकटवर्ती बुखारा के रहने वाले थे. अधिकारी ने बताया कि इस सिलसिले में पटाखा फैक्ट्री संचालक युसुफ को गिरफ्तार कर लिया गया है.

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि आग लगने की घटना के लगभग 20 मिनट के भीतर दमकल गाड़ियों ने मौके पर पहुंच कर आग पर काबू पा लिया.

जिलाधिकारी रमाकांत पांडेय ने बताया कि आतिशबाजी वैध लाइसेंस पर बनायी जा रही थी. उन्होने बताया कि आग लगने के कारण की गहनता से जांच करायी जा रही है.

इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, पुलिस ने कहा कि यूसुफ के पास पटाखे बेचने का लाइसेंस है, लेकिन वह बक्शीवाला गांव में एक भीड़भाड़ वाले इलाके में किराए के आवास पर उत्पादों का निर्माण कर रहा था.

एसपी धरमवीर सिंह ने कहा, ‘हमने रिहायशी इलाके में बिना लाइसेंस के पटाखा इकाई चलाने के लिए यूसुफ को गिरफ्तार किया है. नौ श्रमिकों के किराए की जगह में प्रवेश करने के बाद यूसुफ ने बाहर से दरवाजा बंद कर दिया था. केवल शाम को इसे खोला और उन्हें छोड़ने की अनुमति दी थी.’

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की. उन्होंने स्थानीय प्रशासन को अस्पताल में भर्ती घायलों की हर संभव मदद करने का भी निर्देश दिया.

बता दें कि इससे पहले साल 2018 में बिजनौर में एक पेट्रो केमिकल फैक्ट्री में विस्फोट होने से छह मज़दूरों की मौत हो गई थी जबकि दो मज़दूर गंभीर रूप से घायल हो गए.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)