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यूपी पंचायत चुनावः भाजपा ने बलात्कार के दोषी कुलदीप सेंगर की पत्नी को टिकट दिया

भाजपा के पूर्व विधायक कुलदीप सेंगर को एक नाबालिग लड़की के बलात्कार और उनके पिता की हत्या के मामले में दोषी ठहराया जा चुका है. अब भाजपा द्वारा उन्नाव से निवर्तमान ज़िला पंचायत अध्यक्ष और सेंगर की पत्नी संगीता सेंगर को ज़िला पंचायत सदस्य के लिए फतेहपुर चौरासी तृतीय सीट से टिकट दिया गया है.

विधायक कुलदीप सिंह सेंगर. (फोटो साभार: फेसबुक)

विधायक कुलदीप सिंह सेंगर. (फोटो साभार: फेसबुक)

लखनऊः भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पंचायत चुनाव के लिए गुरुवार को पांच और जिलों में उम्मीदवारों की सूची का ऐलान किया. इस सूची में बलात्कार के दोषी भाजपा के पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की पत्नी संगीता सेंगर का नाम भी शामिल है.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्नाव से निवर्तमान जिला पंचायत की अध्यक्ष संगीता को जिला पंचायत सदस्य के लिए फतेहपुर चौरासी तृतीय सीट से टिकट दिया गया है.

उन्नाव में अलग-अलग जिला पंचायत वॉर्ड के लिए 51 उम्मीदवारों के नाम जारी किए गए.

संगीता सेंगर 2016 में उन्नाव जिले से जिला पंचायत अध्यक्ष बनी थीं. उस समय पंचायत चुनाव राजनीतिक पार्टी के चिह्न पर नहीं लड़े जाते थे लेकिन इस बार भाजपा सहित राजनीतिक दलों ने अपने उम्मीदवारों के नाम आधिकारिक तौर पर ऐलान करने का फैसला किया ताकि जमीनी स्तर पर समर्थन में किसी तरह का भ्रम या संदेह नहीं हो.

बता दें कि चुनिंदा जिलों से प्रतिदिन उम्मीदवारों के नाम का ऐलान किया जा रहा है. गुरुवार को उन्नाव, मऊ, बलरामपुर, बस्ती और कुशीनगर से उम्मीदवारों के नाम का ऐलान किया गया था.

संगीता सेंगर ने बांगरमऊ विधानसभा क्षेत्र में उपचुनावों के दौरान भाजपा उम्मीदवार श्रीकांत कटियार के लिए प्रचार किया था और इस बार पार्टी के वरिष्ठ नेता उनके लिए और अन्य उम्मीदवारों के लिए चुनाव प्रचार करेंगे.

भाजपा उम्मीदवार के तौर पर कुलदीप सेंगर ने 2017 में उन्नाव की बांगरमऊ विधानसभा सीट से विधानसभा चुनाव जीता था. हालांकि, बलात्कार मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद यह सीट खाली हो गई थी.

इसके बाद सेंगर को पार्टी से भी निष्कासित कर दिया गया था.

भाजपा के पूर्व विधायक कुलदीप सेंगर ने चार जून 2017 को पीड़िता का बलात्कार किया था. उस समय पीड़िता की उम्र 17 साल थी. उत्तर प्रदेश के बांगरमऊ से चार बार भाजपा के विधायक रह चुके सेंगर को अगस्त 2019 में पार्टी से तब निकाल दिया गया जब पीड़िता और उसका परिवार सड़क हादसे का शिकार हो गया था.

बता दें कि कुलदीप सेंगर को नाबालिग का बलात्कार करने और पीड़िता के पिता को गलत मामले में फंसाने के लिए षडयंत्र रचने के आरोप में चार्जशीट दायर की गई थी.

मालूम हो कि पीड़िता के पिता की कथित तौर पर पिटाई की गई थी और अवैध हथियार रखने का मामला दर्ज किया गया था. न्यायिक हिरासत के दौरान 29 अप्रैल 2018 को उनकी मौत हो गई थी. इस आरोप में अदालत ने सेंगर और 10 अन्य के खिलाफ आरोप तय किए थे.

सेंगर के भाई और अन्य के खिलाफ पीड़िता के पिता की हत्या के आरोप में चार्जशीट दाखिल की गई थी.

उन्नाव बलात्कार पीड़िता के पिता की हत्या के मामले में दिल्ली की एक अदालत ने कुलदीप सिंह सेंगर और छह अन्य लोगों को दस साल कैद की सजा सुनाई थी.

इन छह अन्य लोगों में सेंगर के भाई और दो पुलिसकर्मी भी शामिल हैं. कुलदीप सेंगर और उसके भाई जयदीप सेंगर पर 10-10 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया था.