कोविड-19

कोविड-19: यूपी कांग्रेस का आरोप, राजधानी लखनऊ भारत का वुहान बन चुका है

उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने कहा कि राजधानी लखनऊ चीन का वुहान बन चुका है. यहां के अधिकांश मोहल्ले मौत के मातम में डूबे हुए हैं. सरकार की अक्षमता ने जनता को घोर संकट में डाल दिया है. विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी ने सरकार ने उत्तर प्रदेश को गिद्धों के हवाले कर दिया है.

(फोटो: रॉयटर्स)

(फोटो: रॉयटर्स)

लखनऊ: कांग्रेस ने कोविड-19 संक्रमण के मामलों की बढ़ोतरी की गवाह बनी उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ की तुलना चीन के वुहान शहर से करते हुए मंगलवार को आरोप लगाया कि प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार की अक्षमता और अनुभवहीनता ने राज्य की जनता को घोर संकट में डाल दिया है.

उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने एक बयान में आरोप लगाया, ‘उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस महामारी से स्थितियां भयावहता की गंभीरतम स्थिति तक पहुंच गई हैं. राजधानी लखनऊ चीन का वुहान बन चुका है. यहां के अधिकांश मोहल्ले मौत के मातम में डूबे हुए हैं. सरकार और उसकी व्यवस्था पंगुता की शिकार है. उसकी अक्षमता और अनुभवहीनता ने प्रदेश की जनता को घोर संकट में डाल दिया है.’

उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सवाल किया, ‘आखिर कोरोना वायरस से हो रही मौतों के लिए कौन जिम्मेदार है और संक्रमण से मौत के तांडव को रोकने की कोई स्पष्ट कार्ययोजना क्यों नहीं है? सरकार में अंशमात्र भी नैतिक बल हो तो संक्रमण के व्यापक फैलाव और मौतों की जिम्मेदारी स्वयं आगे आकर ले.’

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री बताएं कि राज्य में टीकाकरण अभियान सुस्त क्यों है? युद्धस्तर पर टीकाकरण अभियान की शुरुआत क्यों नहीं की गई? कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर की चेतावनी विभिन्न विषेज्ञों द्वारा पहले ही दी जा चुकी थी, फिर इससे लड़ने के लिए आवश्यक प्रबंध क्यों नहीं किए गए, आखिर तथाकथित ‘टीम-11’ कर क्या रही थी?

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कोरोना वायरस संक्रमित मरीजों की भर्ती के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) की रेफरल पर्ची की अनिवार्यता पर सवाल उठाते हुए कहा कि मरीजों को इलाज उपलब्ध कराने के बजाय लंबी प्रक्रिया में उलझा देना सर्वथा अनुचित और अमानवीय है. उन्होंने कहा कि यह बढ़ती मौतों का सबसे बड़ा कारण है.

दरअसल चीन के वुहान शहर में कोरोना वायरस महामारी का पहला मामला सामने आया था जिसके बाद इस महामारी ने पूरे विश्व को अपनी चपेट में ले लिया है.

सरकार ने उत्तर प्रदेश को गिद्धों के हवाले कर दिया है: रामगोविंद चौधरी

उत्तर प्रदेश विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता रामगोविंद चौधरी ने मंगलवार को योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली भारतीय जनता पार्टी सरकार पर मास्‍क न लगाने पर दोबारा पकड़े जाने पर दस हजार रुपये जुर्माना लगाए जाने के फैसले पर करारा प्रहार करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने उत्तर प्रदेश को ‘गिद्धों’ के हवाले कर दिया है.

विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष एवं समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता रामगोविंद चौधरी ने मंगलवार को जारी एक बयान में मास्क को लेकर दस हजार रुपये जुर्माना के फैसले को अंग्रेजी राज की याद दिलाने वाला करार देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस फैसले को तुरंत वापस लेने की मांग की.

चौधरी ने कहा, ‘योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश को गिद्धों के हवाले कर दिया है और ‘गिद्ध’ आम आदमी को अपने-अपने हिसाब से नोच रहे हैं, कहीं मास्क को लेकर दस हजार रुपये का जुर्माना लगाकर तो कहीं जरूरी सामानों की कालाबाजारी करके.’

उन्होंने कहा कि जिस दल के प्रधानमंत्री, गृहमंत्री व मुख्यमंत्री बिना मास्क लगाए चुनावी रैली को संबोधित किए हैं व खुद भी बिना मास्क लगाए मंच सुशोभित किए हैं, उस दल की सरकार को मास्क को लेकर आम आदमी पर जुर्माना लगाने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है.

नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि सूबे में योगी सरकार केवल बयानों तक सीमित रह गई है और आम आदमी का कोई पुरसाहाल नहीं है.

उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश सरकार ने कोरोना महामारी अधिनियम 2020 में आठवां संशोधन किया है. संशोधन के मुताबिक घर से बाहर बिना मास्क या गमछा के निकलने पर पहली बार पकड़े जाने पर एक हजार रुपये और दोबारा पकड़े जाने पर दस हजार रुपये जुर्माना का प्रावधान किया गया है.

बीते 16 मार्च को उत्तर प्रदेश सरकार ने घोषणा की थी कि पूरे प्रदेश में हर रविवार को लॉकडाउन रहेगा. इसके बाद बीते 20 अप्रैल को सरकार ने इसमें संशोधन करते हुए शनिवार और रविवार दोनों दिन के लिए लॉकडाउन घोषित कर दिया है. इसके अतिरिक्त जिन जिलों में 500 से अधिक एक्टिव केस हैं, वहां हर दिन रात 8 बजे से अगले दिन सुबह 7 बजे तक आवश्यक सेवाओं को छोड़कर शेष गतिविधियां प्रतिबंधित रहेंगी.

योगी सरकार ने बदले की भावना से बर्बाद कीं स्वास्थ्य सेवाएं: अखिलेश

समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मंगलवार को राज्य की मौजूदा भाजपा सरकार पर पूर्ववर्ती सपा सरकार के प्रति बदले की भावना से उसके द्वारा शुरू की गई स्वास्थ्य सेवाओं को बर्बाद करने का आरोप लगाया.

अखिलेश यादव ने एक बयान में कोविड-19 महामारी से प्रदेश में हालात बदतर होने का आरोप लगाते हुए कहा, ‘समाजवादी पार्टी सरकार के हर काम से एलर्जी रखने के कारण मुख्यमंत्री कोविड-19 मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ करते रहे. उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं पर ध्यान नहीं दिया.’

उन्होंने कहा, ‘समाजवादी पार्टी ने मांग की थी कि चूंकि भाजपा सरकार नया अस्पताल तो बना नहीं सकी, इसलिए कैंसर अस्पताल को चालू किया जाए. तब भाजपा सरकार कान में तेल डाले रही. अब जब पानी सिर से ऊपर बहने लगा है तो हज हाउस सरोजनी नगर, अवध शिल्प ग्राम और कैंसर अस्पताल को कोविड-19 सेंटर बनाया जा रहा है. इनका निर्माण भी समाजवादी सरकार में ही हुआ था.’

पूर्व मुख्यमंत्री ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा, ‘बदले की भावना से भाजपा ने समाजवादी पार्टी सरकार की स्वास्थ्य सेवाओं को बर्बाद किया, जबकि आज वही काम आ रही हैं. मरीजों को अस्पताल पहुंचाने वाली 108 तथा 102 एंबुलेंस सेवाएं तभी चालू की गई थीं. इनसे काम चलाने की अब भाजपा की मजबूरी है.’

उन्होंने आरोप लगाया, ‘अकर्मण्य भाजपा सरकार ने अपने चार साल के कार्यकाल में ऐसी व्यवस्था का निर्माण किया जिसमें न जीवित की जान बच पा रही है और न ही श्मशानघाट में अंत्येष्टि हो पा रही है. भाजपा सरकार और इसके मुख्यमंत्री की प्राथमिकता सत्ता पाना और चुनाव जीतना भर रह गया है, भले ही उनकी रैलियों और सभाओं से कोरोना वायरस का विस्तार होता रहे. लोगों के जान की कीमत की भी उन्हें परवाह नहीं.’

उन्होंने कहा कि हद तो तब हो गई जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री योगी को उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस महामारी पर विजय हासिल करने के लिए बधाई दे डाली तो बदले में मुख्यमंत्री ने विश्व के अन्य राष्ट्रों की तुलना में भारत में कोरोना वायरस पर सामयिक नियंत्रण के लिए प्रधानमंत्री की प्रशंसा कर दी.

उन्होंने कहा कि दोनों के बधाई संदेशों की स्याही सूखी भी नहीं थी कि भारत और विशेषकर उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस की दूसरी लहर महामारी के रूप में फैल गई.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक अखिलेश यादव ने दावा किया कि राज्य में स्वास्थ्य सेवाएं ध्वस्त हो गई हैं और शहरों की तुलना में गांवों में स्थिति बदतर है.

यादव ने कहा, ‘राज्य में स्वास्थ्य सेवाएं ध्वस्त हो गई हैं. न केवल शहरों में स्थिति खराब है बल्कि गांवों में यह बदतर है, जहां गरीब ग्रामीणों की आवाज सुनने वाला कोई नहीं है.’

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)