कोविड-19

हरियाणा: बीते दो दिनों में कथित तौर पर ऑक्सीजन की कमी से 13 लोगों की मौत

हरियाणा के हिसार में सोमवार को पांच लोगों की मौत हुई है. इसी तरह बीते रविवार को रेवाड़ी के अस्पताल में चार और गुड़गांव के एक अस्पताल में चार लोगों की मौत के मामले सामने आए हैं. परिजनों ने ऑक्सीजन की कमी से मौत का आरोप लगाया है, प्रबंधन ने इससे इनकार किया है. तीनों ही मामलों में जांच के आदेश दे दिए गए हैं.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

हिसार/रेवाड़ी/गुड़गांव: हरियाणा में कथित तौर पर ऑक्सीजन की कमी से बीते दो दिनों में (रविवार और सोमवार) कम से कम 13 लोगों की मौत का मामला सामने आया है. पहली घटना राज्य के हिसार, जबकि दूसरी घटना रेवाड़ी में हुई है और तीसरी घटना गुड़गांव की है.

हिसार में एक निजी अस्पताल में पांच कोविड-19 रोगियों की सोमवार को मौत हो गई, जिसके बाद मृतकों के संबंधी अस्पताल में चिकित्सीय ऑक्सीजन की कथित कमी को उनकी मौत का कारण बताकर विरोध प्रदर्शन करने लगे.

पुलिस ने कहा कि वह ऑक्सीजन की कमी के आरोपों की जांच करेगी. अस्पताल प्रशासन की ओर से इस मामले पर कोई टिप्पणी नहीं की गई है.

अस्पताल में जान गंवाने वाले तीन रोगी हिसार के निवासी थे, जबकि एक व्यक्ति दिल्ली और एक अन्य व्यक्ति पंजाब से संबंध रखता था.

पुलिस के एक अधिकारी ने कहा कि मृतकों के शवों को कोविड-19 से मौत के संबंध में सरकार द्वारा जारी नियमों का पालन करते हुए हिसार के अग्रोहा मेडिकल कॉलेज भेजा गया है.

इस बीच किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए अस्पताल के अंदर और आसपास पुलिस तैनात है. अर्बन एस्टेट पुलिस थाने के प्रभारी जगदीश ने कहा कि वे मृतकों के परिवार के सदस्यों द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच कर रहे हैं.

उन्होंने कहा कि उन्हें किसी मृतक के परिवार के सदस्य की ओर से अस्पताल की कथित लापरवाही के संबंध औपचारिक रूप से शिकायत नहीं मिली है.

उन्होंने यह भी कहा कि हिसार के मुख्य चिकित्सा अधिकारी पूरे मामले की जांच करेंगे. जरूरत पड़ी तो सीएमओ की जांच रिपोर्ट के आधार पर पुलिस कार्रवाई की जाएगी.

रेवाड़ी के अस्पताल में कथित तौर पर ऑक्सीजन की कमी से चार मरीजों की मौत

हरियाणा में रेवाड़ी के एक निजी अस्पताल में रविवार को कथित तौर पर मेडिकल ऑक्सीजन की कमी के चलते चार मरीजों की मौत हो गई. जिला प्रशासन ने मौत के कारणों का पता लगाने के लिए जांच भी शुरू की है.

इस घटना के बाद कोविड अस्पताल की इमारत के बाहर जान गंवाने वाले मरीजों के कुछ रिश्तेदारों ने धरना-प्रदर्शन किया और अस्पताल में ऑक्सीजन की भारी किल्लत का आरोप लगाया.

रेवाड़ी अस्पताल के एक अधिकारी ने कहा, ‘तीन मरीजों की मौत आईसीयू में जबकि एक मरीज की मौत वार्ड में हुई. हमारे पास ऑक्सीजन की सीमित आपूर्ति है. हम लगातार प्रशासन को इस बारे में बता रहे हैं.’

उन्होंने कहा, ‘हम खाली ऑक्सीजन सिलेंडर को दोबारा भरने के लिए वेंडर के पास भेज रहे हैं. सुबह नौ बजे से ही हम अधिकारियों को बता रहे हैं कि हमारे पास अब सीमित ऑक्सीजन उपलब्ध है.’

अधिकारी ने बताया कि अस्पताल में प्रतिदिन 300 मेडिकल ऑक्सीजन सिलेंडर की खपत है और अस्पताल में 114 कोविड मरीज भर्ती हैं.

इस बीच, नारनौल के उपायुक्त और रेवाड़ी जिला उपायुक्त का अतिरिक्त कार्यभार संभाल रहे अजय कुमार ने कहा कि अस्पताल ने ऑक्सीजन की कमी और चार मरीजों की मौत का आरोप लगाया है.

उन्होंने कहा कि रेवाड़ी के उप संभागीय मजिस्ट्रेट, रेवाड़ी के मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं अन्य अधिकारी अस्पताल में मौजूद हैं और वे मरीजों की मौत के कारणों का पता लगा रहे हैं.

कुमार ने कहा कि अस्पताल की तरफ से ऑक्सीजन की कमी का आरोप लगाया जा रहा है, जबकि प्रशासन की तरफ से ऑक्सीजन की नियमित आपूर्ति की जा रही है.

गुड़गांव के अस्पताल में कथित ऑक्सीजन की कमी से चार मरीजों की मौत

इससे पहले रविवार सुबह गुड़गांव के एक अस्‍पताल में भी कथित तौर पर ऑक्सीजन की कमी से चार मरीजों की मौत हो गई थी.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, गुड़गांव जिला प्रशासन ने एक निजी अस्पताल में चार मरीजों की मौत की जांच का आदेश दिया है.

रिपोर्ट में कहा गया कि अस्पताल में कथित रूप से ऑक्सीजन की कमी के कारण मरीजों मौत हुई. हालांकि अस्पताल अधिकारियों ने इन रिपोर्टों का खंडन किया और कहा कि जिनकी मौत हुई है वे गंभीर रूप से बीमार थे.

अधिकारी ने कहा, ‘ये कोविड-19 मरीज गंभीर स्थिति में थे. हालांकि, हम ऑक्सीजन की आपूर्ति की कमी का सामना कर रहे हैं, लेकिन इन रोगियों के मामले में ऐसा नहीं था. गंभीर रूप से बीमार होने के कारण उनके ऑक्सीजन स्तर में तेजी से गिरावट आई. डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन दुर्भाग्य से उनका निधन हो गया.’

अस्पताल के मालिकों ने बताया कि कोविड-19 रोगियों के मामले में, जो गंभीर रूप से बीमार हैं, कोई यह अनुमान नहीं लगा सकता है कि उनका ऑक्सीजन स्तर कब गिर जाएगा.

उन्होंने कहा कि ऑक्सीजन की मांग में वर्तमान उछाल को देखते हुए रोगी के कुछ परिजनों ने स्वयं के कुछ सिलेंडर की व्यवस्था की थी.

हालांकि, गुड़गांव के जिला मजिस्ट्रेट ने इस घटना का संज्ञान लिया और एक जांच का आदेश दिया है. आधिकारिक बयान के अनुसार, सब डिवीजनल मजिस्ट्रेट जितेंद्र कुमार द्वारा जांच की जाएगी.

हरियाणा में इस माह में कोरोना वायरस के मामलों में वृद्धि हुई है और अस्पतालों में मेडिकल ऑक्सीजन की मांग भी बढ़ गई है.

अस्पतालों में ऑक्सीजन की बढ़ती मांग के मद्देनजर हरियाणा सरकार ने रविवार को राज्य में सभी ऑक्सीजन विनिर्माण इकाइयों या ऑक्सीजन के आपूर्तिकर्ताओं को उद्योगों को ऑक्सीजन आपूर्ति करने पर प्रतिबंध लगा दिया है.

राज्य सरकार के एक आदेश में कहा गया है, ‘यह निर्देश दिया जाता है कि ये इकाइयां चिकित्सा उद्देश्यों के लिए ऑक्सीजन का पूरा उत्पादन प्रदान करेंगी. इन इकाइयों को निर्देशित किया जाता है कि वे अपनी अधिकतम क्षमता तक ऑक्सीजन का उत्पादन करें और दैनिक आधार पर विनिर्माण और वितरण का रिकॉर्ड बनाए रखें.’

हालांकि, दवा, पेट्रोलियम रिफाइनरी, स्टील प्लांट, ऑक्सीजन सिलेंडर निर्माता, खाद्य और जल शोधन आदि जैसे उद्योगों को आदेश से छूट दी गई है.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)