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आगजनी से हुए नुकसान की भरपाई के लिए डेरा प्रमुख की संपत्ति होगी जब्त: हाईकोर्ट

डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख राम रहीम सिंह को बलात्कार मामले में दोषी करार दे दिया गया है. सजा का ऐलान 28 अगस्त को होगा.

Panchkula: Vehicles burn during arson following Dera Sacha Sauda chief Gurmeet Ram Rahim’s conviction in Panchkula on Friday. PTI Photo / TV GRAB AAJ TAK(PTI8_25_2017_000124B)

(फोटो: पीटीआई)

बलात्कार के मामले में डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को अदालत द्वारा दोषी ठहराये जाने पर उनके हजारों समर्थक तोड़फोड़ पर उतर आए. इसे देखते हुए पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है. हाई कोर्ट ने आदेश दिया है कि आगजनी से हुए नुकसान की भरपाई के लिए डेरा प्रमुख की संपत्ति जब्त होगी.


वहीं, डेरा सच्चा सौदा के प्रवक्ता दिलावर इंसान ने कहा है कि हमारे साथ अन्याय हुआ है. हम इसकी अपील करेंगे. हमारे साथ वही हुआ है जो इतिहास में गुरुओं के साथ हुआ. उन्होंने समर्थकों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि डेरा सच्चा सौदा मानवता की भलाई के लिए है. सभी शांति बनाए रखें.

जिस मामले में सीबीआई की एक विशेष अदालत ने डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम को बलात्कार के मामले में दोषी करार दिया. वह घटनाक्रम कुछ इस प्रकार हैं:

अप्रैल, 2002: पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को लिखे एक बेनामी पत्र में सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा में महिला अनुयायियों के यौन उत्पीड़न की शिकायतें की गयीं. सिरसा में डेरा सच्चा सौदा का मुख्यालय है.

मई, 2002: उच्च न्यायालय ने सिरसा की जिला एवं सत्र अदालत के न्यायाधीशों को पत्र में लगाए गए आरोपों की जांच करने का निर्देश दिया.

सितंबर, 2002: उच्च न्यायालय ने जिला अदालत से यौन उत्पीड़न की संभावना के संकेत मिलने के बाद मामला सीबीआई को सौंपा.

दिसंबर, 2002: सीबीआई ने डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम के खिलाफ बलात्कार और आपराधिक धमकी का मामला दर्ज किया.

जुलाई, 2007: सीबीआई ने अंबाला की एक अदालत में डेरा प्रमुख के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया. आरोपपत्र में 1999 से 2001 के बीच दो साध्वियों के यौन उत्पीड़न का उल्लेख किया गया.

सितंबर, 2008: विशेष सीबीआई अदालत ने गुरमीत के खिलाफ आईपीसी की धारा 376 बलात्कार और 506 आपराधिक धमकी के तहत आरोप तय किए.

2009 से 2010 के बीच: दो शिकायतकर्ताओं ने अदालत के सामने बयान दर्ज कराए.

अप्रैल, 2011: विशेष सीबीआई अदालत का अंबाला से पंचकुला स्थानातंरण हुआ. डेरा प्रमुख के खिलाफ मामला भी पंचकुला सीबीआई अदालत में पहुंचा.

जुलाई, 2017: विशेष सीबीआई अदालत ने रोजाना सुनवाई का आदेश दिया.

17 अगस्त, 2017: अभियोजन और बचाव पक्षों की बहस पूरी हुई. विशेष सीबीआई न्यायाधीश जयदीप सिंह ने फैसला सुनाने के लिए 25 अगस्त का दिन तय किया. गुरमीत से इस दिन अदालत में व्यक्तिगत रूप से पेश होने को कहा गया.

25 अगस्त, 2017: विशेष सीबीआई अदालत ने गुरमीत को दोषी करार दिया. सजा 28 अगस्त को सुनायी जाएगी.

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)