कोविड-19

ओडिशा ने पत्रकारों को अग्रिम मोर्चे का कोविड योद्धा घोषित किया

मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि ओडिशा ने अपनी ड्यूटी करते हुए कोविड-19 से जान गंवाने वाले पत्रकारों के परिवार को 15 लाख रुपये का अनुदान दिया जाएगा. वैश्विक महामारी की शुरुआत से लेकर अब तक ओडिशा में 11 पत्रकारों की जान जा चुकी है.

Chennai: Odisha Chief Minister Naveen Patnaik addresses during the 'Odisha Investors' meet, in Chennai, Wednesday, Sept. 26, 2018. (PTI Photo/R Senthil Kumar)(PTI9_26_2018_000060B)

नवीन पटनायक. (फोटो: पीटीआई)

भुवनेश्वर: ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने राज्य के पत्रकारों को अग्रिम मोर्चे का कोविड योद्धा यानी फ्रंटलाइन वर्कर घोषित किया है.

इस संबंध में एक प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पत्रकार निर्बाध रूप से खबरें देकर और लोगों को कोरोना वायरस से संबंधित मुद्दों से अवगत कराकर राज्य की बहुत सेवा कर रहे हैं.

मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया, ‘कोविड-19 के खिलाफ हमारी जंग में वे (पत्रकार) बहुत बड़ा सहयोग हैं.’

सरकार के इस फैसले से 6,500 से अधिक पत्रकारों को लाभ पहुंचेगा.

बयान में कहा गया, ‘राज्य के 6,944 श्रमजीवी पत्रकार गोपबंधू संबादिका स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत शामिल किए गए हैं. उन्हें दो लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा मिल रहा है.’

इसमें कहा गया कि ओडिशा ने अपनी ड्यूटी करते हुए कोविड-19 से जान गंवाने वाले पत्रकारों के परिवार को 15 लाख रुपये का अनुदान देने की घोषणा की है.

सूत्रों ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा अग्रिम मोर्चे का कर्मचारी घोषित किए जाने के बाद पत्रकारों को अब टीकाकरण कार्यक्रम में प्राथमिकता मिलेगी.

सूत्रों के मुताबिक वैश्विक महामारी की शुरुआत से लेकर अब तक ओडिशा में 11 पत्रकारों की जान जा चुकी है.

इस बीच मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर जारी बयान में कहा गया है कि ओडिशा में पांच से 16 मई तक कोरोना वायरस के मद्देनजर लॉकडाउन की घोषणा की गई है. इस दौरान कोविड टीकाकरण का काम जारी रहेगा और जरूरी सेवाओं को भी लॉकडाउन से छूट दी गई है.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)