कोविड-19

कोविड: मोदी की चर्चा के सीधे प्रसारण पर उठे सवाल, केजरीवाल के ऐसा करने पर जताई गई थी आपत्ति

कोविड पर जिलाधिकारियों और अधिकारियों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चर्चा का सीधा प्रसारण करने पर दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने पूछा कि इसका निर्धारण कैसे किया जाएगा कि कौन सी बैठक का सीधा प्रसारण किया जा सकता है. बीते महीने प्रधानमंत्री के साथ बैठक का अरविंद केजरीवाल द्वारा सीधा प्रसारण करने पर मोदी ने आपत्ति जताई थी.

नरेंद्र मोदी और अरविंद केजरीवाल. (फोटो: पीआईबी/पीटीआई)

नरेंद्र मोदी और अरविंद केजरीवाल. (फोटो: पीआईबी/पीटीआई)

नई दिल्ली: दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कोविड पर जिलाधिकारियों और अधिकारियों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चर्चा का सीधा प्रसारण करने पर मंगलवार को सवाल उठाए हैं.

पिछले महीने प्रधानमंत्री के साथ एक बैठक के दौरान मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अपनी टिप्पणी का सीधा प्रसारण करा दिया था, जिसके बाद उनकी आलोचना की गई थी. इसका हवाला देते हुए सिसोदिया ने पूछा कि इसका निर्धारण कैसे किया जाएगा कि कौन सी बैठक का सीधा प्रसारण किया जा सकता है.

सिसोदिया की टिप्पणी पर केंद्र में सत्तारूढ़ भाजपा की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं हो सकी.

सिसोदिया ने ट्विटर पर कहा, ‘आज की बैठक में प्रधानमंत्री जी के वक्तव्य का टीवी पर सीधा प्रसारण हुआ. पिछली बैठक में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के (टिप्पणी का) सीधे प्रसारण पर आपत्ति थी कि प्रोटोकॉल तोड़ा गया है. आज के प्रोटोकॉल में सीधे प्रसारण की अनुमति थी? कैसे पता चले कि कौन सी बैठक से सीधा प्रसारण हो सकता है, कौन सी में नहीं?’

बीते 23 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोविड-19 से सबसे ज्यादा प्रभावित राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ ऑनलाइन चर्चा कर रहे थे.  इस दौरान दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अपनी टिप्पणी का सीधा प्रसारण करा दिया था. मोदी ने ‘प्रोटोकॉल तोड़ने’ के लिए केजरीवाल को झिड़की दी थी और बाद में केंद्र सरकार के अधिकारियों ने आप प्रमुख पर ‘राजनीति’ करने का आरोप लगाया था. घटना का एक वीडियो अब वायरल हो गया था.

इस दौरान अरविंद केजरीवाल द्वारा पिछले चार दिनों से दिल्ली के अस्पतालों में ऑक्सीजन की आपूर्ति के लिए प्रधानमंत्री से अपील करने के तुरंत बाद नरेंद्र मोदी ने केजरीवाल के कार्यालय द्वारा प्रसारित चर्चा पर आपत्ति जताई थी.

प्रधानमंत्री मोदी को यह कहते हुए सुना जा सकता है, ‘गोपनीयता का एक चलन है और एक मुख्यमंत्री के लिए इसका सीधा प्रसारण करना अनुचित है. यह हमारी परंपरा और हमारे प्रोटोकॉल के खिलाफ है.’

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, दिल्ली सरकार ने तीखी प्रतिक्रिया का जवाब देते हुए दावा किया था कि अरविंद केजरीवाल की टिप्पणी को लाइव साझा किया गया था, क्योंकि कभी भी कोई लिखित या मौखिक निर्देश नहीं दिया गया था कि इसकी अनुमति नहीं है.

उसी दिन दिल्ली के मुख्यमंत्री कार्यालय से एक बयान जारी कर कहा गया था, ‘आज मुख्यमंत्री के संबोधन को लाइव शेयर किया गया, क्योंकि केंद्र सरकार की ओर से कभी भी कोई लिखित या मौखिक निर्देश नहीं दिया गया है कि उक्त बातचीत को लाइव साझा नहीं किया जा सकता है. इस तरह की बातचीत के कई मौके आए हैं, जहां सार्वजनिक महत्व के मामले थे, जिनमें कोई गोपनीय जानकारी नहीं थी, को लाइव साझा किया गया था. हालांकि, अगर कोई असुविधा हुई, तो हमें बहुत खेद है.’

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)