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केरल: पिनराई विजयन लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री बने, मंत्रिमंडल में 20 मंत्री शामिल

मुख्यमंत्री पिनराई विजयन समेत पंद्रह मंत्रियों ने संविधान के नाम पर शपथ ली, वहीं पांच ने ईश्वर के नाम पर शपथ ली. नए कैबिनेट में 75 फीसदी नेता पहली बार मंत्री और दस पहली बार विधायक बने हैं. साथ ही मंत्रिमंडल में पहली बार तीन महिलाओं को जगह मिली है.

पिनारई विजयन को मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाते केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान. (फोटो: ट्विटर/@vijayanpinarayi)

पिनारई विजयन को मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाते केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान. (फोटो: ट्विटर/@vijayanpinarayi)

तिरुवनंतपुरम: केरल में छह अप्रैल को हुए विधानसभा चुनाव में वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) को एक बार फिर जीत दिलाने वाले माकपा नेता पिनराई विजयन ने बृहस्पतिवार को लगातार दूसरे कार्यकाल के लिए केरल के मुख्यमंत्री के रूप में 20 मंत्रियों के साथ शपथ ली.

राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने यहां सेंट्रल स्टेडियम में आयोजित समारोह में 77 वर्षीय विजयन को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई. समारोह में कोविड-19 के प्रोटोकॉल का पूरी तरह पालन किया गया था.

मुख्यमंत्री समेत 15 मंत्रियों ने संविधान के नाम पर शपथ ली, वहीं पांच ने ईश्वर के नाम पर शपथ ली.

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राज्यपाल 3.30 बजे समारोह स्थल पर पहुंचे जिसके बाद समारोह शुरू हुआ और 4.50 बजे समाप्त हो गया.

विपक्षी कांग्रेस नीत यूडीएफ के नेता कोविड-19 की वजह से समारोह में शामिल नहीं हुए. शपथ-ग्रहण समारोह से पहले वरिष्ठ कांग्रेस नेता रमेश चेन्नितला ने विजयन को फोन कर बधाई दी.

उन्होंने विजयन से कहा कि कोरोना वायरस संक्रमण के मद्देनजर यूडीएफ के विधायक डिजिटल तरीके से समारोह को देखेंगे.

केरल हाईकोर्ट ने बुधवार को सरकार को निर्देश दिया था कि महामारी के मद्देनजर समारोह में सीमित संख्या में लोग भाग लें.

समारोह में माकपा महासचिव सीताराम येचुरी, पार्टी के पोलित ब्यूरो के वरिष्ठ सदस्य, भाकपा के राज्य सचिव कणम राजेंद्रन और अनेक धार्मिक संगठनों के नेताओं ने भाग लिया.

विधायकों के परिजनों और एलडीएफ के कार्यकर्ताओं ने भी अदालत के निर्देश के मद्देनजर टीवी पर ही समारोह देखा.

समारोह में 54 गायकों की एक ऑनलाइन संगीत प्रस्तुति भी हुई. इसमें राज्य में अनेक वामपंथी सरकारों के दौरान केरल की उपलब्धियों को गिनाया गया.

‘नव केरल गीतांजलि’ नामक इस कार्यक्रम में केजे येशुदास, हरिहरण, शंकर महादेवन, अमजद अली खान, पी. जयचंद्रन, केएस चित्रा और एमजी श्रीकुमार समेत जाने-माने गायकों ने भाग लिया. इस प्रस्तुति में संगीतकार एआर रहमान और जानेमाने अभिनेता मोहन लाल की भी भूमिका रही.

विजयन को बधाई देते हुए, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया, ‘पिनराई विजयन जी को मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने और दूसरा कार्यकाल शुरू करने पर बधाई.’

गौरतलब है कि 77 वर्षीय विजयन ने छह अप्रैल को विधानसभा चुनाव में वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) को लगातार दूसरी बार जिताकर इतिहास रचा था. राज्य के इतिहास में 40 साल बाद ऐसा हुआ है कि किसी मोर्चे को लगातार दूसरे कार्यकाल के लिए विधानसभा चुनाव में जीत मिली है. गठबंधन ने 140 में से 99 सीटों पर जीत हासिल की.

एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, विजयन अपनी गठबंधन सरकार में 20 कैबिनेट मंत्रियों की टीम का नेतृत्व करेंगे. मंत्रिमंडल में विजयन समेत माकपा के 12 सदस्य होंगे. एलडीएफ सरकार में शामिल अन्य घटक दलों भाकपा के चार तथा केरल कांग्रेस (एम) के एक सदस्य को मंत्री बनाया जाएगा.

मंत्रिमंडल में विजयन के दामाद पीए मोहम्मद रियास भी शामिल हैं. वह डीवाईएफआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं और माना जा रहा है कि यह मंत्रिमंडल में युवा चेहरों को शामिल करने का प्रयास है.

वीना जॉर्ज और माकपा की राज्य इकाई के कार्यकारी सचिव ए. विजयराघवन की पत्नी आर. बिंदु नए मंत्रिमंडल में शामिल होने वाली महिला सदस्य हैं.

इस बीच भाकपा ने भी मंत्रिमंडल में नए चेहरों को मौका दिया है. भाकपा ने बताया कि नव निर्वाचित विधायक के. राजन, पी. प्रसाद, जे. चिंचू रानी और जी. आर अनिल गठबंधन सरकार में पार्टी की ओर से मंत्री बनेंगे.

इस तरह केरल के नए मंत्रिमंडल में तीन महिला मंत्री डॉ. आर. बिंदु, चिंचु रानी और वीना जॉर्ज होंगी, जो पहले कभी नहीं हुआ था.

माकपा की वीना जॉर्ज पहली महिला पत्रकार-राजनेता बनने वाली हैं, जो केरल की मंत्री बनेंगी. उम्मीद जताई जा रही है उन्हें केके शैलजा की जगह स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी.

थ्रिसूर की पूर्व मेयर डॉ. बिंदु को उच्च शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी दिए जाने की चर्चा है. नए कैबिनेट में 75 फीसदी पहली बार मंत्री बने हैं और 10 पहली बार विधायक बने हैं.

हालांकि, केरल में कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में अहम भूमिका निभाने के लिए चर्चित निवर्तमान स्वास्थ्य मंत्री केके शैलजा को मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिलने से विवाद पैदा हो गया है. हालांकि ख्यमंत्री विजयन ने इसे पार्टी का फैसला बताया है.

शैलजा ने कन्नूर की मत्तनूर सीट से 60,963 मतों के सर्वाधिक अंतर से जीत हासिल की थी. चुनाव के दौरान मीडिया ने उन्हें भविष्य में राज्य की पहली महिला मुख्यमंत्री के रूप में भी पेश किया था.

सेवानिवृत्त स्कूल शिक्षक शैलजा ने पिछले साल राज्य में कोरोना महामारी को रोकने में उल्लेखनीय काम किया था. उन्होंने साल 2018 और 2019 में निपाह वायरस के फैलने के समय भी अच्छा काम किया था.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)