कोविड-19

स्वास्थ्य मंत्री स्पष्ट करें कि क्या गोमूत्र को कोविड इलाज के लिए स्वीकृति दी गई है: कांग्रेस

मध्य प्रदेश से कांग्रेस विधायक पीसी शर्मा ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन को पत्र लिखकर पूछा है कि क्या रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन तथा भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद ने वैज्ञानिक तौर पर यह मान लिया है कि गोमूत्र पीने से कोरोना वायरस का इलाज हो सकता है, जैसा भाजपा सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने दावा किया है कि गोमूत्र पीने से कोविड नहीं होगा, क्योंकि इससे फेफड़ों का इंफेक्शन दूर होता है.

डॉ. हर्षवर्धन. (फोटो: पीटीआई)

डॉ. हर्षवर्धन. (फोटो: पीटीआई)

भोपाल: पूर्व मंत्री और कांग्रेस विधायक पीसी शर्मा ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन को एक पत्र लिखकर पूछा है कि क्या सरकार ने गोमूत्र की प्रभावशीलता को सत्यापित किया है और कोविड-19 के इलाज के लिए इसकी सिफारिश की है, जैसा कि भाजपा सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने दावा किया है. उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री से इस बारे में स्पष्टीकरण देने की मांग की है.

गोमूत्र पीने से कोविड-19 नहीं होने के भोपाल से भाजपा सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर के दावे के दो दिन बाद बुधवार को मध्य प्रदेश के कांग्रेस विधायक पीसी शर्मा ने स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन को पत्र लिखकर तंज कसते हुए पूछा है कि क्या रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) तथा भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने वैज्ञानिक तौर पर यह मान लिया है कि गोमूत्र पीने से कोरोना वायरस का इलाज हो सकता है?

शर्मा ने हर्षवर्धन को इस पत्र के साथ गोमूत्र की शीशी भी कुरियर से भेजी है.

मालूम हो कि प्रज्ञा ठाकुर ने बीते 16 मई को भोपाल में एक कार्यक्रम में दावा किया था कि गोमूत्र अर्क पीने से हमें कोविड-19 नहीं होगा, क्योंकि इससे फेफड़ों का इंफेक्शन दूर होता है.

उन्होंने कहा था, ‘देसी गाय का गोमूत्र अर्क अगर हम पीते हैं तो उससे हमारे फेफड़ों का इंफेक्शन दूर होता है. मैं बहुत तकलीफ में हूं, लेकिन प्रतिदिन गोमूत्र अर्क लेती हूं और इसी के चलते मुझे कोरोना से बचने के लिए कोई और औषधि की जरूरत नहीं. न तो मैं कोरोना ग्रस्त हूं, न ही ईश्वर मेरे साथ ऐसा करेगा, क्योंकि मैं उस औषधि (गोमूत्र अर्क) का उपयोग कर रही हूं.’

प्रज्ञा के इस बयान के बाद शर्मा ने हर्षवर्धन से पूछा है, ‘सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर भाजपा की वरिष्ठ नेता हैं तो क्या डीआरडीओ एवं आईसीएमआर ने यह वैज्ञानिक तौर पर यह मान लिया है कि गोमूत्र से कोरोना का इलाज हो सकता है?’

उन्होंने आगे लिखा, ‘इसलिए मैं एक शीशी गोमूत्र की आपको भी भेज रहा हूं. उम्मीद है आप कोरोना पीड़ित देश की जनता को वैज्ञानिक प्रमाणिकता के साथ इस संदर्भ में देश की जनता को कोरोना से जान बचाने का सही संदेश देंगे.’

शर्मा कहा, ‘निश्चित ही गोमाता को हम मां मानते हैं तथा गोमता का दूध पौष्टिक है. गाय का गोबर एचं गोमूत्र का धार्मिक महत्व है. पर क्या इस धार्मिक भावना का प्रदेश व देश की गरीब जनता को गुमराह करने के लिए नहीं हो रहा है? क्या केंद्र के स्वास्थ्य विभाग व मध्य प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग ने यह तय कर लिया है कि अब कोरोना एवं ब्लैक फंगस का इलाज, ऑक्सीजन, रेमडेसिविर इंजेक्शन, एम्फोटेरिसिन इंजेक्शन एवं टोसिलिजुमैब इंजेक्शन से न होकर गोमूत्र से होगा? क्या अब टीकाकरण लगवाने की आवश्यकता नहीं होगी?’

उन्होंने आगे लिखा, ‘क्या स्वास्थ्य विभाग, आईसीएमआर एवं डीआरडीओ यह वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित करते हैं कि गोमूत्र पीने से कोविड-19 नहीं होगा?’

इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में कांग्रेस नेता पीसी शर्मा ने कहा, ‘आज कोविड ग्रामीण इलाकों में व्यापक रूप से फैल गया है, जहां लोग गाय को एक पवित्र जानवर मानते हैं और ठाकुर द्वारा दिए गए संदेश का पालन करेंगे. इन परिस्थितियों में डॉ. हर्षवर्धन को स्पष्ट करना चाहिए कि क्या इसे वैज्ञानिक स्वीकृति दी गई है.’

कांग्रेस प्रवक्ता भूपेंद्र गुप्ता ने मांग की है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को ठाकुर की सलाह को गंभीरता से लेना चाहिए और यह देखते हुए कि ठाकुर भोपाल से सांसद हैं, भोपाल मेडिकल कॉलेज में ‘गोमूत्र वार्ड’ स्थापित करना चाहिए.

उन्होंने कहा, ‘भाजपा नेताओं और आरएसएस के जो लोग कोविड से प्रभावित हैं, उन्हें गोमूत्र का उपयोग करके इलाज करना चाहिए, और इस उपचार के परिणाम सभी को देखने चाहिए.’

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)