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दस दिनों में चौथा रेल हादसा, दूरंतो एक्सप्रेस के नौ डिब्बे पटरी से उतरे

नागपुर-मुंबई दूरंतो एक्सप्रेस के नौ डिब्बे महाराष्ट्र के वासिंद और आसनगांव स्टेशनों के बीच में पटरी से उतर गए.

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(फोटो: पीटीआई)

नागपुर-मुंबई दूरंतो एक्सप्रेस का ईंजन और नौ डिब्बे भूस्खलन के चलते मंगलवार सुबह महाराष्ट्र के वासिंद और आसनगांव स्टेशनों के बीच में पटरी से उतर गए. यह जानकारी रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी और इसी ट्रेन में सफर कर रहे पीटीआई संवाददाता ने दी है. यह दुर्घटना सुबह छह बजकर 36 मिनट पर हुई.

मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सुनील उदासी ने कहा कि इस घटना में अभी तक किसी यात्री के घायल होने की खबर नहीं है. उदासी ने कहा कि ट्रेन भूस्खलन के कारण पटरी से उतरी. उन्होंने कहा, ‘ट्रेन के पटरी से उतरने की वजह भारी बारिश के कारण अचानक हुआ भूस्खलन है. लेकिन चालक ने आपात ब्रेक लगाकर समझदारी भरा काम किया.’

हालांकि रेलवे के एक अन्य अधिकारी ने कहा कि ट्रेन के पटरी से उतरने की सटीक वजह स्पष्ट नहीं है. अधिकारी ने कहा, ‘ऐसा संदेह है कि कसारा घाट सेक्शन में पिछले कुछ दिन से लगातार मूसलाधार बारिश होने के करण पटरी का कुछ हिस्सा बह गया होगा.’ ट्रेन में कुल 18 डिब्बे थे.

यात्रियों की मदद के लिए सीएसएमटी, ठाणे, कल्याण, दादर और नागपुर स्टेशनों पर हेल्पलाइन नंबर शुरू किए गए हैं. पीटीआई के संवाददाता जस्टिन राव खुद ट्रेन में सवार थे. उन्होंने कहा, ‘ईंजन के साथ कम से कम छह डिब्बे पटरी से उतर गए.’

राव ट्रेन के ए-2 डिब्बे में थे और यह डिब्बा भी पटरी से उतर गया था. उन्होंने कहा कि यह दुर्घटना उस समय हुई जब अधिकतर यात्री सो रहे थे.

उन्होंने कहा, ‘हम लोग सो रहे थे. तभी हमें झटका महसूस हुआ और कई यात्री अपनी सीट से गिर गए. जब हम उठे तो देखा कि हमारी ट्रेन के डिब्बे पटरी से उतरे हुए थे.’ राव ने कहा, ‘कुछ लोग शौचालय में फंसे हुए थे. यात्रियों ने उन्हें खिड़की के शीशे तोड़कर निकाला.’

राव ने कहाकि राहत एवं बचाव संबंधी मदद आने में कुछ देर लगी लेकिन मध्य रेलवे का दल पहुंचने के बाद सब कुछ ठीक हो गया. डॉक्टरों का एक दल और वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर मौजूद हैं.

फंसे हुए यात्रियों को घटनास्थल से सीएसएमटी या अन्य स्थानों पर बसों एवं टैक्सियों से ले जाने के लिए उचित प्रबंध किए गए हैं. अधिकारी ने कहा कि प्रभावित सेक्शन में यातायात संचालन रोक दिया गया है और कई ट्रेनों का या तो मार्ग बदल दिया गया है या कुछ समय के लिए उन्हें बीच में ही रोक दिया गया है.

मध्य रेलवे की ओर से जारी बयान में कहा गया, ‘12859 सीएसएमटी-हावड़ा गीतांजलि एक्सप्रेस का मार्ग बदलकर कल्याण-करजात-पुणे-दौंद-मनमाड के रास्ते से कर दिया है.’

उदासी ने कहा, ‘सेक्शन के अधिकारी और रेलवे के कर्मचारी मौके पर पहुंच गए हैं और फंसे हुए यात्रियों को निकालने के लिए एवं प्रभावित सेक्शन में रेल यातायात बहाल करने के लिए पूरा दल जुट गया है.’

उन्होंने कहा, ‘ इंजीनियरिंग स्टाफ वाली दुर्घटना राहत ट्रेन के साथ हमारा राहत दल मौके पर पहुंच गया है.’

पिछले 10 दिन में देश में ट्रेन के पटरी से उतरने की यह चौथी घटना है. उत्तर प्रदेश के औरेया जिले में पटरी पर खड़े एक डंपर से कैफियत एक्सप्रेस टकरा गई थी और उसके 10 डिब्बे पटरी से उतर गए थे. इस घटना में लगभग 100 यात्री घायल हो गए थे.

बीते 19 अगस्त को तेज रफ्तार वाली उत्कल एक्सप्रेस के 14 डिब्बे पटरी से उतर गए थे. इनमें से एक डिब्बा उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर स्थित खतौली में पटरी के पास बने एक मकान में घुस गया था. इस दुर्घटना में 23 लोग मारे गए थे और 60 से अधिक लोग घायल हो गए थे. बीते 25 अगस्त को अंधेरी जा रही लोकल ट्रेन मुंबई में पटरी से उतर गई थी, जिसके कारण छह यात्री घायल हो गए थे.

गौरतलब है कि इन घटनाओं के बाद रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष एके मित्तल ने इस्तीफा दे दिया था. रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने भी इस्तीफे की पेशकश की थी. मगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अभी उन्हें इंतजार करने को कहा है.

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