नॉर्थ ईस्ट

त्रिपुराः भाजपा समर्थित हमलावरों को रोकने की पोस्ट करने पर वाम नेताओं पर कई एफआईआर

लेफ्ट फ्रंट के संयोजक बिजन धर ने अगरतला में हुए कुछ हमलों को लेकर सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखी थीं, जिसके बाद त्रिपुरा पुलिस ने उन पर कथित तौर पर हिंसा भड़काने के लिए मामला दर्ज किया है. धर के अलावा माकपा के पूर्व सांसद जितेंद्र चौधरी और विधायक भानु लाल साहा के ख़िलाफ़ भी उनकी कई पोस्ट को लेकर एफआईआर दर्ज हुई है.

त्रिपुरा के पास अमताली पुलिस थाने में वाम नेता (फोटोः स्पेशल अरेंजमेंट)

त्रिपुरा के पास अमताली पुलिस थाने में वाम नेता (फोटोः स्पेशल अरेंजमेंट)

अगरतलाः त्रिपुरा पुलिस ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिये कथित तौर पर हिंसा के लिए उकसाने के लिए दर्ज कई एफआईआर के बाद लेफ्ट फ्रंट के संयोजक बिजन धर को चार जून को तलब किया.

धर ने कहा कि दर्ज एफआईआर और पूछताछ भाजपा शासित प्रदेश में विपक्षी पार्टी को प्रताड़ित करने की साजिश है.

धर से अगरतला से सात किलोमीटर दूर अमताली पुलिस थाने में सुबह 11 से दो बजे तक लगभग तीन घंटे तक पूछताछ की गई. धर की सोशल मीडिया पोस्ट के लिए उनके खिलाफ दर्ज कई एफआईआर में से अमताली में दर्ज मामला भी एक है.

धर ने कहा, ‘मेरी पहली पोस्ट में मैंने कहा था कि अगरतला के बधारघाट में कई घरों पर हमले किए गए. मैंने कहा था कि अगर पुलिस कोई कदम नहीं उठाएगी तो स्थानीय पुलिस को हमले के विरोध में आगे आना चाहिए. मेरी दूसरी पोस्ट में मैंने कहा कि जहां कहीं भी हमले होते हैं, लोगों को आगे आकर उसका विरोध करना चाहिए. मुझे नहीं लगता कि इस तरह की पोस्ट से राज्य में अशांति फैल सकती है. मैंने पुलिस को बताया कि मैं अपनी पोस्ट का समर्थन करता हूं और आगामी दिनों में भी मैं उन पर अडिग रहूंगा.’

जांचकर्ता अधिकारी जयंत कुमार डे ने कहा कि भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 120बी, 153, 153ए, 506 और 109ए के तहत तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया और बिजन धर को नोटिस जारी किया गया.

डे ने कहा, ‘मामले में आगे की जांच के लिए शनिवार और रविवार को दो और लोगों को तलब किया जाएगा.’

सिर्फ धर ही नहीं बल्कि सीपीआईएम के पूर्व सांसद जितेंद्र चौधरी और पूर्व वित्त मंत्री और विपक्षी विधायक भानु लाल साहा के खिलाफ भी उनकी कई पोस्ट को लेकर एफआईआर दर्ज की गई.

30 मई को भानु लाल साहा ने फेसबुक पोस्ट कर लोगों से ईंट, लातों और पेट्रोल बमों का विरोध करने के लिए लाठी और लोहे के पाइप को संभालकर रखने के लिए कहा.

साहा ने लिखा, ‘बाहरी हमलावरों का सामना करने के लिए साहस जुटाएं. आत्मरक्षा में हथियार उठाना अपराध नहीं है. बिना किसी विरोध के जीवन और संपत्ति बचाना असंभव है. युवाओं आग में बदल जाओ. हजारों की संख्या में युवा तैयार हो जाएं. गुंडागर्दी और सत्ताधारी दल के गुंडों का साहस के साथ विरोध करें. स्थानीय लोगों के साथ जुड़े और अगुवाई करें.’

जितेंद्र चौधरी ने कहा कि उन्हें पुलिस से नोटिस मिला तो वह अपने खिलाफ दर्ज शिकायत की प्रकृति से वाकिफ नहीं थे लेकिन वह शनिवार को पुलिस स्टेशन में पूछताछ के लिए पेश होंगे.

भाजपा समर्थकों का हमला

सीपीआईएम नेताओं की सोशल मीडिया पोस्ट सीपीआईएम नेताओं की ये सोशल मीडिया पोस्ट भाजपा समर्थकों द्वारा कई लेफ्ट समर्थकों और नेताओं के घरों पर हमले के आरोपों के बीच की गईं.

पार्टी ने अपने बयान में कहा कि मेडिकल सहायता मुहैया कराने और कुछ इलाकों को सैनिटाइज करने गए वाम समर्थकों पर भाजपा समर्थित शरारती तत्वों ने हमले किए.

सीपीआईएम की राज्य इकाई के सचिव हरिपदा दास ने बयान में कहा, ‘स्थानीय लोगों का आरोप है कि ये हमले एक विधायक की अगुवाई में किए गए. हमारी राज्य सचिवालय समिति हैरान है कि कैसे सत्ताधारी पार्टी के गुंडे मोटरसाइकिलों, कारों पर सवार होकर आए और कर्फ्यू के दौरान हमले किए.’

द वायर  से बातचीत में सहायक पुलिस महानिरीक्षक (कानून एवं व्यवस्था) सुब्रत चक्रवर्ती ने कहा, ‘कई लोगों ने सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट के लिए बिजन धर, जितेंद्र चौधरी और भानु लाल साहा सहित माकपा के तीन नेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई.’

हालांकि, सूत्रों का कहना है कि राज्य की भाजपा इकाई के युवा मोर्चा के अध्यक्ष नबादल बानिक सहित भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा एफआईआर दर्ज कराई गई.

माणिक सरकार ने पार्टी नेताओं का समर्थन किया

राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और विपक्ष के नेता माणिक सरकार उनकी पार्टी के नेताओं द्वारा की गई सोशल मीडिया पोस्ट के समर्थन में आगे आए.

सरकार ने कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि उन्होंने कोई अपराध किया है. सीपीआईएम नेताओं ने मौजूदा स्थिति पर सिर्फ अपनी राय रखी है. बयान से जो मैं समझा हूं वह यह है कि उन्होंने लोगों से किसी पर हमला करने को नहीं कहा. उनकी पोस्ट का मतलब है कि लोगों को हमलों के दौरान खुद को बचाना है और इसलिए उनसे इसके लिए तैयार होने को कहा गया.’

उन्होंने यह भी कहा कि सीपीआईएम हिंसा में विश्वास नहीं करती और विपक्ष को दबाने के लिए लोगों को गुमराह कर अपनी नाकामी छिपाना भाजपा का प्रयास है.

राज्य के कानून मंत्री रतन लाल नाथ ने कहा कि भाजपा जब विपक्ष में थी तो उसने कभी सोशल मीडिया पर इस तरह की पोस्ट नहीं की.

उन्होंने कहा, ‘निर्वतमान विधायक भानुलाल साहा ने सबसे खतरनाक पोस्ट की है. अन्य विपक्षी नेताओं और विधायकों ने भी ऐसा किया. उन सभी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. पूर्व मुख्यमंत्री माणिक सरकार न्याय नहीं कर सकते. पुलिस निष्पक्ष तरीके से काम कर रही है कि किसे गिरफ्तार करना है और किसे नहीं, यह पूरी तरह से उनका मामला है.’

(इस रिपोर्ट को अंग्रेजी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.)