कोविड-19

आंकड़े दिखाते हैं कि सरकार को जितने टीके मिले, उससे 6.95 करोड़ अधिक वितरित किए: आरटीआई कार्यकर्ता

आरटीआई कार्यकर्ता लोकेश बत्रा ने अपने आवेदनों पर आए केंद्र के जवाबों और सरकार द्वारा सार्वजनिक की गई जानकारी की तुलना करते हुए सवाल किया है कि यह कैसे संभव है कि 2 मई तक केंद्र ने केवल 16.23 करोड़ टीके प्राप्त किए थे, पर तब उसके द्वारा 23.18 करोड़ टीकों की खुराक वितरित या आपूर्ति की बात कही गई थी.

(फोटो: रॉयटर्स)

(फोटो: रॉयटर्स)

नई दिल्ली: सूचना का अधिकार (आरटीआई) के आवेदनों पर केंद्र सरकार की प्रतिक्रियाओं के बाद एक आरटीआई कार्यकर्ता ने एक अपरिहार्य और बड़ी विसंगति की ओर इशारा करते हुए केंद्र द्वारा वितरित और प्राप्त किए गए वैक्सीनों में 6.95 करोड़ खुराक के अंतर होने का आरोप लगाया है.

आरटीआई कार्यकर्ता कमोडोर लोकेश बत्रा ने कहा, ‘यह कैसे हुआ कि केंद्र द्वारा कोविड-19 टीकों का वितरण या आपूर्ति उसे प्राप्त खुराक से अधिक थी?’

बत्रा ने आरटीआई कानून के तहत तीन सवाल किए थे. उन्हें केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय से जवाब मिला, जिसने उन्हें वैक्सीन खरीद पर डेटा दिया.

बत्रा ने दावा किया कि जवाबों को पढ़ने और इसकी तुलना प्रेस सूचना ब्यूरो और विदेश मंत्रालय द्वारा पहले दी गई जानकारी से करने पर वितरित या आपूर्ति और प्राप्त किए गए टीके की खुराक के बीच का अंतर 6.95 करोड़ था.

तीनों सवालों के जवाब में यह जवाब कॉमन था जिसमें कहा गया, ‘शुरुआत में भारत सरकार पीएम-केयर्स फंड के माध्यम से मेसर्स सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा निर्मित (5.6 करोड़ खुराक की खरीद) कोविड-19 टीकों को 210 रुपये प्रति इकाई की लागत पर खरीद रही थी, जिसमें कर (200 रुपये + 5 फीसदी जीएसटी) शामिल थे और मेसर्स भारत बायोटेक इंटरनेशनल लिमिटेड द्वारा निर्मित (एक करोड़ खुराक की खरीद) कोविड-19 टीकों को 309.75 रुपये प्रति इकाई की लागत पर खरीद रही थी, जिसमें कर (295 रुपये + 5 फीसदी जीएसटी) शामिल थे.’

बत्रा द्वारा 10 अप्रैल को दायर किए गए सवाल के जवाब में, जिसमें उन्होंने केंद्र द्वारा प्रति दिन कोविड-19 टीकों की खुराक की उपलब्धता या खरीद के बारे में पूछा, मंत्रालय ने 22 अप्रैल को अपने जवाब में लिखा कि वर्तमान में भारत सरकार केंद्रीय बजट के माध्यम से कोविड-19 टीकों की खरीद कर रही है.

17 अप्रैल को दायर एक अन्य प्रश्न के लिए मंत्रालय ने 2 मई को इस विषय पर अधिक जानकारी प्रदान करते हुए कहा, ‘हालांकि, वर्तमान में भारत सरकार ने केंद्रीय बजट के माध्यम से 157.50 रुपये प्रति इकाई लागत पर कर सहित (150 रुपये + 5 फीसदी जीएसटी) कोविड-19 टीके (कोविशील्ड 10 करोड़ खुराक और कोवैक्सीन 2 करोड़ खुराक) की खरीद की है.’

आगे कहा, ‘इसके अलावा भारत सरकार केंद्रीय बजट के माध्यम से कोविड-19 टीके (कोविशील्ड 11 करोड़ खुराक और कोवैक्सीन 5.5 करोड़ खुराक) की खरीद कर रही है, जिसमें करों सहित (150 + 5 फीसदी जीएसटी) प्रति इकाई लागत 157.50 रुपये है.’

इसके बाद राज्यवार वैक्सीन वितरण, प्रतिशत अपव्यय, खुराक की खपत और खुराक की उपलब्ध शेष राशि के विवरण के लिए प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो (पीआईबी) पर जाने के लिए कहा गया.

तीनों उत्तरों को देखने के बाद बत्रा ने कहा, ‘यह देखा जा सकता है कि पहले क्रम में कुल 18.6 करोड़ वैक्सीन खुराक की खरीद की गई थी, जिसमें कोविशील्ड की 15.6 करोड़ खुराक और कोवैक्सीन की 3 करोड़ खुराक शामिल थीं.’

उन्होंने आगे बताया कि स्वास्थ्य मंत्रालय ने 2 मई को जारी एक पीआईबी विज्ञप्ति में कहा कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को 16.54 करोड़ टीके की खुराक मुफ्त प्रदान की गई है.

इसके बाद, बत्रा ने कहा, ‘3 मई को पीआईबी विज्ञप्ति में कहा गया, ‘आज की तारीख में कोविशील्ड वैक्सीन की आपूर्ति के लिए 10 करोड़ खुराक के अंतिम आदेश के मुकाबले 03.05.2021 तक 8.744 करोड़ खुराक वितरित किए गए हैं.’

आगे कहा गया, ‘कोवैक्सीन वैक्सीन की आपूर्ति के लिए 02 करोड़ खुराक के अंतिम आदेश के मुकाबले 03.05.2021 तक 0.8813 करोड़ खुराक वितरित किए जा चुके हैं.

बत्रा ने कहा, ‘तो दूसरे शब्दों में इसने स्थापित किया कि पीएम-केयर्स फंड के माध्यम से खरीदे गए सभी 6.6 करोड़ टीकों की खुराक प्राप्त हुई थी, जबकि केंद्रीय बजट के माध्यम से खरीदी गई 12 करोड़ खुराक के मुकाबले केवल 9.6253 करोड़ (8.744 करोड़ + 0.8813 करोड़) टीके की खुराक 2 मई, 2021 तक प्राप्त हुई थी.’

उन्होंने कहा कि इसका मतलब है कि दो मई तक कुल 16.23 करोड़ (6.6 करोड़ + 9.6253 करोड़) वैक्सीन की खुराक प्राप्त हुई.

बत्रा ने कहा कि विदेश मंत्रालय के एक वेबसाइट लिंक ने आगे बताया कि अनुदान, वाणिज्यिक और कोवैक्स की श्रेणी के तहत 95 देशों को आपूर्ति की गई कुल वैक्सीन खुराक 6.63698 करोड़ (6.64 करोड़ तक) थी.

बत्रा ने कहा, ‘इस डेटा के अनुसार 2 मई तक आपूर्ति की गई कुल वैक्सीन खुराक 23.18 करोड़ थी और इसमें राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों को मुफ्त में प्रदान की गई 16.54 करोड़ वैक्सीन खुराक और 95 देशों को आपूर्ति की गई 6.64 करोड़ वैक्सीन खुराक शामिल हैं. यह कैसे हुआ कि वितरण या आपूर्ति, जितनी वैक्सीन मिली थी, उससे 6.95 करोड़ खुराक अधिक थी?’

दिलचस्प बात यह है कि मंत्रालय के इन सवालों के जवाब ने यह भी स्थापित किया कि केंद्र ने अब तक कोविड-19 टीकों की कुल 35.1 करोड़ खुराक 5,974.50 करोड़ रुपये में खरीदी है.

सरकार के जवाब से पता चला कि जहां 3,375.75 करोड़ रुपये की लागत से 18.6 करोड़ वैक्सीन खुराक की खरीद की गई थी, वहीं 2,598.75 करोड़ रुपये की लागत से 16.5 करोड़ खुराक खरीदने के लिए एक और आदेश दिया गया है.

साथ ही जहां पीएम-केयर्स फंड से टीकों की खरीद के लिए 1,485.75 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं, वहीं शेष राशि केंद्रीय बजट के माध्यम से खर्च की गई है.

12 करोड़ खुराक के लिए अग्रिम भुगतान किया गया

इस बीच, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने यह भी दावा किया है कि यह कहना गलत था कि उसने कोविड-19 टीकों के लिए कोई नया आदेश नहीं दिया और आखिरी बार ऐसा मार्च 2021 में कोविशील्ड की 10 करोड़ खुराक और कोवैक्सीन की 2 करोड़ खुराक के लिए किया था.

मंत्रालय ने कहा कि मई, जून और जुलाई के दौरान कोविशील्ड की 11 करोड़ खुराक की आपूर्ति के लिए 28 अप्रैल को सीरम इंस्टिट्यूट (एसआईआई) को 1732.50 करोड़ रुपये (टीडीएस के बाद 1699.50 करोड़ रुपये) 100 फीसदी अग्रिम राशि जारी की गई थी.

कहा गया, अब तक कोविशील्ड वैक्सीन की आपूर्ति के लिए 10 करोड़ खुराक के अंतिम आदेश के मुकाबले, 3 मई तक 8.744 करोड़ खुराक वितरित किए गए हैं.

इसके अलावा मंत्रालय ने कहा कि मई, जून और जुलाई के दौरान 5 करोड़ कोवैक्सीन खुराक की खरीद के लिए 28 अप्रैल को भारत बायोटेक इंडिया लिमिटेड को 787.50 करोड़ रुपये (टीडीएस के बाद 772.50 करोड़ रुपये) का 100 फीसदी अग्रिम भुगतान भी जारी किया गया था.

(इस रिपोर्ट को अंग्रेजी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.)