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तमिलनाडु: पीरियड्स को लेकर शिक्षिका की डांट से आहत छात्रा ने की आत्महत्या

पलायमकोट्टाई की 12 वर्षीय स्कूली छात्रा ने सुसाइड नोट में पीरियड्स के दाग को लेकर टीचर द्वारा पूरी क्लास के सामने अपमानित किए जाने की बात लिखी है.

School Girl Reuters

प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स

समाज में मासिक धर्म (पीरियड्स) और यौन शिक्षा को लेकर जागरूकता लाने के लिए स्कूलों को इस बारे संवेदनशील रवैया रखने और बच्चों को इस बारे में समुचित ज्ञान देने की बात कही जाती है. पर तमिलनाडु के एक स्कूल से पीरियड से जुड़े रवैये को लेकर एक शर्मनाक ख़बर सामने आई है.

एनडीटीवी के मुताबिक तमिलनाडु के तिरुनेलवेली ज़िले के पलायमकोट्टाई इलाके में एक छात्रा ने पीरियड के दाग को लेकर डांटने के बाद आत्महत्या कर ली.

सेंथिल नगर स्कूल की 7वीं कक्षा में पढ़ने वाली इस छात्रा को शिक्षिका ने यूनिफॉर्म पर पीरियड्स के दाग लग जाने को लेकर डांटा था, जिसके बाद 12 साल की इस छात्रा ने 30 अगस्त को सुबह 3 बजे अपने पड़ोस की एक इमारत से कूदकर आत्महत्या कर ली.

इंडिया टुडे की ख़बर के अनुसार छात्रा के माता-पिता उसकी आत्महत्या की वजह नहीं जान सके थे, फिर उन्हें एक सुसाइड नोट मिला.

इस नोट में उसने लिखा था कि क्लास में उसकी स्कूल यूनिफॉर्म और बेंच पर पीरियड्स में का दाग लग गया था, जिसके बाद उसने शिक्षिका से रेस्टरूम जाने की इजाज़त मांगी. इस पर शिक्षिका ने उसे सभी के सामने डांटते हुए क्लास से निकल जाने को कहा.

इसके बाद ये शिक्षिका उसे प्रिंसिपल के पास ले गई, जहां छात्रा को और डांट-फटकार का सामना करना पड़ा. अपने नोट में छात्रा ने इस घटना का ज़िक्र करते हुए सवाल लिखा है, ‘मैं नहीं जानती क्या कहूं? आज से पहले कभी किसी ने मेरी कोई शिकायत नहीं सुनी थी, तो फिर उन्होंने इस तरह क्यों किया?’

इस घटना के बाद गुस्साए परिजनों ने स्कूल के सामने प्रदर्शन किया और उचित कार्रवाई की मांग की. पुलिस ने आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया है, लेकिन अब तक कोई गिरफ़्तारी नहीं हुई है.

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने एनडीटीवी से बात करते हुए बताया कि जांच के आदेश दिए जा चुके हैं. उन्होंने कहा, ‘अभी हमारे पास (इस घटना के) कई वर्ज़न हैं. जांच पूरी होने के बाद ही हम इस बारे में कुछ स्पष्ट कह सकेंगे.’