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असमः पेड़ से लटके मिले दो नाबालिग बहनों के शव, मुख्यमंत्री ने दिए जांच के आदेश

असम के कोकराझार ज़िले के अभयाकुटी गांव की घटना. 14 और 16 साल की दो नाबालिग बहनों के शव बीते 11 जून को पेड़ से लटके मिले थे. पीड़ित परिवार का आरोप है कि बलात्कार के बाद लड़कियों की हत्या की गई है. वहीं, पुलिस प्रथमदृष्टया आत्महत्या का मामला मानकर जांच कर रही है.

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने बीते रविवार को कोकराझार में पीड़ित परिवार से मुलाकात की. (फोटो साभार: ट्विटर)

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने बीते रविवार को कोकराझार में पीड़ित परिवार से मुलाकात की. (फोटो साभार: ट्विटर)

कोकराझार: असम के कोकराझार जिले के एक गांव में दो नाबालिग बहनों के शव पेड़ से लटके मिले हैं. उनके परिवार ने दावा किया है कि दोनों लड़कियों की बलात्कार के बाद हत्या की गई है.

पुलिस ने बताया कि एक संयुक्त परिवार की ये लड़कियां राज्य के जातीय समुदाय से ताल्लुक रखती थीं. केस दर्ज करने के बाद पुलिस इस संबंध में पांच लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है.

वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बीते 12 जून को बताया कि यह घटना अभयाकुटी गांव स्थित छोटे जंगल में हुई है. उन्होंने बताया कि दोनों बहनों के शवों को 11 जून की शाम को बरामद किया गया.

पुलिस अधिकारी ने बताया कि दोनों शवों को कोकराझार सिविल अस्पताल पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है. उन्होंने बताया, ‘मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है. प्राथमिक जांच में संकेत मिले हैं कि दोनों लड़कियों ने संभवत: आत्महत्या की है. हम सही वजह की जानकारी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही दे सकेंगे.’

इस घटना से ग्रामीण स्तब्ध हैं. वहीं परिवार के सदस्यों और रिश्तेदारों ने दावा किया है कि बलात्कार के बाद दोनों लड़कियों की हत्या की गई है. स्थानीय लोगों का कहना है कि दोनों बहनें 11 जून की दोपहर से ही लापता थीं. उनकी उम्र और 14 और 16 साल थी.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने जनजातीय समुदाय की इन दो नाबालिग बहनों की मौत की जांच के आदेश दिए हैं.

बीते 13 जून को बच्चियों के परिवार के घर पहुंचे शर्मा ने ट्वीट कर कहा, ‘हम कोकराझार के अभयाकुटी में हुई इस त्रासद घटना से दुखी हैं. दो नाबालिग लड़कियों के परिवार को आश्वस्त करने के लिए, जिनके शव शुक्रवार (11 जून) को रहस्यमय स्थिति में पेड़ से लटके मिले थे, मैं आज उनके परिवार से मिला और उनका दर्द साझा किया. असम सरकार उनके साथ मजबूती से खड़ी है.’

उन्होंने यह भी कहा, ‘मैंने मौत के कारणों का पता लगाने के लिए असम पुलिस को त्वरित जांच के आदेश दिए हैं. अगर कोई गड़बड़ी हुई तो सरकार कड़ी कार्रवाई करेगी. अगर पीड़ितों को आत्महत्या के लिए मजबूर किया गया है तो पुलिस इसके पीछे के कारणों का पता लगाएगी.’

इस दौरान सरमा के साथ बोडोलैंड प्रादेशिक परिषद के प्रमुख प्रमोद बोरो और कोकराझार पूर्व के विधायक लॉरेंस इस्लेरी भी थे. कोकराझार जिला बोडोलैंड प्रादेशिक क्षेत्र (बीटीआर) के तहत आता है.

स्थानीय लोगों के मुताबिक, पीड़ित परिवार कृषि से जुड़ा हुआ है और आर्थिक रूप से कमजोर है. परिवार ने पुलिस को बताया कि नाबालिग लड़कियों द्वारा आत्महत्या करने का कोई कारण नजर नहीं आता है.

इस्लेरी ने बताया, ‘परिवार ने मौत को लेकर कई सवाल उठाए हैं. जैसे परिवार में किसी तरह की कोई समस्या नहीं थी तो दोनों आत्महत्या क्यों करेंगी? संदेह के कई कारण हैं, जिनकी जांच किए जाने की जरूरत है और पुलिस यह कर रही है.’

कोकराझार के एसपी थुबे प्रतीक विजय कुमार ने कहा, ‘प्रथमदृष्टया यह आत्महत्या का मामला लगता है लेकिन हम सभी पहलुओं से जांच कर रहे हैं. अगर यह आत्महत्या है तो हम इसके कारण का पता लगाएंगे और अगर यह हत्या है तो जल्द ही आरोपियों को पकड़ लेंगे.’

उन्होंने बताया कि शवों का पोस्टमार्टम पूरा हो चुका है और नतीजों का इंतजार है.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)