राजनीति

यूपी: विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा उपाध्यक्ष बनाए गए नौकरशाह से एमएलसी बने एके शर्मा

एके शर्मा गुजरात कैडर के 1988 बैच के आईएएस अधिकारी हैं, जिन्होंने लंबे समय तक नरेंद्र मोदी के साथ काम किया है. स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेकर भाजपा में आने के बाद उन्हें पार्टी ने उत्तर प्रदेश विधान परिषद का सदस्य बनाया था.

एके शर्मा. (फोटो: पीटीआई)

एके शर्मा. (फोटो: पीटीआई)

लखनऊ: भारतीय जनता पार्टी के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने राज्य में संगठन को मजबूती प्रदान करने के लिए प्रदेश में शनिवार को एक उपाध्यक्ष एवं दो प्रदेश सचिवों को नियुक्त किया है.

भाजपा मुख्यालय से जारी बयान के अनुसार प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने पूर्व नौकरशाह एवं मऊ से विधान परिषद सदस्य एके शर्मा को प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया है .

बयान में कहा गया है कि इसके अलावा अर्चना मिश्रा (लखनऊ) तथा अमित वाल्मीकि (बुलन्दशहर) को प्रदेश मंत्री नियुक्त किया गया है.

गौरतलब है कि एके शर्मा गुजरात कैडर के 1988 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारी थे और लंबे समय तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ काम किया था.

स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की और इसके बाद शर्मा को भाजपा ने उत्तर प्रदेश विधान परिषद का सदस्य बनाया.

माना जा रहा है कि 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव के दृष्टिगत उन्हें संगठन में उपाध्यक्ष का पद सौंपा गया है.

नियुक्ति के बाद शर्मा ने ट्वीट किया, ‘उत्तर प्रदेश भाजपा का उपाध्यक्ष बनाने के लिए राष्ट्रीय एवं राज्य नेतृत्व का कोटिशः धन्यवाद. वरिष्ठों के मार्गदर्शन में कार्यकर्ता मित्रों के सहयोग से समाज, प्रदेश एवं देश की सेवा में रहूंगा.’

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, सूत्रों ने कहा कि मोर्चा प्रमुख के लिए उन नेताओं को महत्व दिया गया जिन्होंने संगठनात्मक पदों पर काम किया है. सूत्रों का कहना है कि इन मोर्चा के प्रमुखों की नियुक्ति दिल्ली के वरिष्ठ नेताओं की हालिया यात्रा के दौरान पार्टी नेताओं द्वारा उठाए गए मुद्दों में से एक थी.

बीएल संतोष के नेतृत्व में वरिष्ठ नेताओं को आयोगों के प्रमुखों की नियुक्तियों से भी अवगत कराया गया था. पिछले दो दिनों में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति आयोग तथा अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग के महत्वपूर्ण पद भरे गए हैं.

फर्रुखाबाद से प्रंशुदत्त द्विवेदी, प्रदेश सचिव, को भाजपा युवा मोर्चा का प्रमुख बनाया गया है. राज्यसभा सांसद और संगठन की पुरानी साथी औरैया से ओबीसी नेता गीता शाक्य महिला मोर्चा की नई प्रमुख हैं.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के करीबी माने जाने वाले गोरखपुर से कामेश्वर सिंह, प्रदेश सचिव, अब पार्टी के किसान मोर्चा के प्रमुख होंगे. कामेश्वर ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) से की थी और वह भाजपा युवा मोर्चा के साथ-साथ राज्य कार्यसमिति के सदस्य भी रहे हैं.

गाजियाबाद से पूर्व राज्यसभा सांसद नरेंद्र कश्यप पार्टी के पिछड़ा वर्ग मोर्चा के नए अध्यक्ष हैं. बसपा के राज्यसभा सांसद रह चुके कश्यप 2017 के विधानसभा चुनावों से पहले भाजपा में शामिल हो गए.

उनकी नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब भाजपा की सहयोगी निषाद पार्टी नाराज है और मंत्री पद की मांग कर रही है. निषाद पार्टी मछुआरों और नाविकों का प्रतिनिधित्व करने का दावा करती है, वही समुदाय जिससे कश्यप ताल्लुक रखते हैं.

मोहनगंज के सांसद कौशल किशोर को भाजपा अनुसूचित जाति (एससी) मोर्चा का अध्यक्ष बनाया गया है.

बता दें कि कोविड की दूसरी लहर के चरम के दौरान किशोर उन नेताओं में से थे जिन्होंने प्रबंधन की कमी और संकट से निपटने की तैयारियों के बारे में शिकायत की थी. लोकसभा सांसद उन नेताओं में शामिल थे जिनके साथ दिल्ली के नेता अपनी यात्रा के दौरान आमने-सामने मिले.

गोरखपुर से संजय गोंड अनुसूचित जनजाति (एसटी) मोर्चा के नए प्रमुख होंगे, जबकि मेरठ से कुंवर बासित अली अब पार्टी के अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रमुख होंगे.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)