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छत्तीसगढ़: मछली चुराने के आरोप में सात आदिवासी युवकों की बेरहमी से पिटाई, दस गिरफ़्तार

मामला छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के त्रिकुंडा थाना क्षेत्र का है. पुलिस के मुताबिक, बीते 15 जून को गांव के एक तालाब से मछलियां चुराने का आरोप लगाते हुए सात आदिवासी युवकों की पेड़ से बांध कर पिटाई की गई और उन पर 35-35 हज़ार रुपये का जुर्माना लगाया गया. इस मामले में सरपंच के पति समेत 10 लोगों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज कर लिया है.

(फोटो: एएनआई)

पुलिस ने सरपंच के पति समेत दस लोगों को गिरफ्तार किया. (फोटो: एएनआई)

बलरामपुर: छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में मछली चोरी करने के आरोप में ग्रामीणों ने सात आदिवासी युवकों की पेड़ से बांधकर पिटाई कर दी. पुलिस ने इस मामले में सरपंच के पति समेत 10 लोगों को गिरफ्तार किया है.

जिले के पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिले के त्रिकुंडा थाना क्षेत्र के अंतर्गत चेर गांव में तालाब से मछली चोरी करने के आरोप में सात आदिवासी युवकों की पिटाई करने के आरोप में पुलिस ने ग्राम पंचायत के सरपंच के पति सत्यम यादव, जितेंद्र प्रताप यादव, बासदेव यादव, आलोक यादव, जयप्रकाश यादव, बंशीधर यादव, दीनानाथ यादव, देवसाय यादव, जमुना यादव और जितेंद्र यादव को गिरफ्तार कर लिया है.

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पुलिस को जानकारी मिली है कि चेरा गांव में इस महीने की 15 तारीख को सत्यम यादव और उसके साथियों ने आदिवासी युवकों राजकुमार पंडो (22 वर्ष), देवरूप पंडो (30 वर्ष), रामबली पंडो (35 वर्ष), लालबिहारी पंडो (15 वर्ष), मंधारी पंडो (30 वर्ष), राजकुमार पंडो (22 वर्ष) और रामधनी पंडो (35 वर्ष) की पेड़ से बांधकर पिटाई कर दी थी.

उन्होंने बताया कि यादव और उसके साथियों ने आदिवासी युवकों पर गांव के तालाब में पाली गई मछलियों को चोरी करने का आरोप लगाया था.

उन्होंने युवकों पर 35-35 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया था. बाद में जब घटना का वीडियो वायरल हुआ, तब पुलिस को मामले की जानकारी मिली.

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सोमवार को चेरा गांव के निवासी रामधनी पंडो ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कराया, तब पुलिस ने आरोपी ग्रामीणों को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस मामले की जांच कर रही है.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, वाड्राफनगर के पुलिस उपमंडल अधिकारी (एसडीओपी) ध्रुवेश जायसवाल ने कहा कि यह घटना त्रिकुंडा थाना क्षेत्र के चेरा गांव में 15 जून को हुई थी, इस मामले में गांव के सरपंच के पति और अन्य के खिलाफ सोमवार को मामला दर्ज किया गया.

अधिकारी ने प्राथमिकी का हवाला देते हुए कहा कि सातों पीड़ित पंडो आदिवासी समुदाय से हैं. इन पर 15 जून को गांव के एक तालाब से मछलियां चुराने का आरोप लगाया गया था और उन्हें जबरन गांव के सरपंच के पति सत्यम यादव के फार्महाउस ले जाया गया था.

उन्होंने कहा, ‘फार्महाउस में सत्यम यादव और अन्य ने कथित तौर पर एक ‘जन चौपाल’ का आयोजन किया और सभी सात लोगों को लाठियों से बेरहमी से पीटा गया.’

एक वीडियो क्लिप में पीड़ितों को एक पेड़ को पकड़कर एक-एक करके खड़े होने के लिए कहा जा रहा है. एक शख्स उनकी पीठ पर लाठियों से पीटता नजर आ रहा है.

एसडीओपी ने कहा कि विरोध करने पर पीड़ितों को थप्पड़ और गालियां भी दी गईं. साथ ही आरोपियों ने पीड़ितों को पुलिस से संपर्क करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी.

उन्होंने कहा, ‘हालांकि पीड़ितों में से एक ने इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई जिसके बाद आरोपियों पर भारतीय दंड संहिता तथा अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया.’

उन्होंने बताया कि आरोपियों को स्थानीय अदालत में पेश किया गया जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)