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अगस्त के आख़िरी दिन गोरखपुर अस्पताल में 13 बच्चों की मौत

गोरखपुर स्थित बाबा राघव दास मेडिकल कॉलेज में अगस्त महीने में मरने वाले बच्चों की संख्या 309 हो गई है और इस साल अब तक 1269 बच्चों की जान जा चुकी है.

Gorakhpur : Women mourn the death of an infant outside the BRD Hospital in Gorakhpur on Wednesday.

बीआरडी मेडिकल कॉलेज में बुधवार को एक बच्चे की मौत के बाद रोते बिलखते परिजन. (फोटो: पीटीआई)

बाबा राघव दास (बीआरडी) मेडिकल कॉलेज में 31 अगस्त को 13 और बच्चों की मौत हो गई. इसके साथ ही इस माह मरने वाले बच्चों का आंकड़ा बढ़कर 309 हो गया. इस साल जनवरी से लेकर अब तक इस मेडिकल कॉलेज में 1269 बच्चे मर चुके हैं.

मेडिकल कॉलेज के नवनियुक्त प्राचार्य डॉ पीके सिंह ने बच्चों की मृत्यु की पुष्टि करते हुए कहा, गत 30 अगस्त की मध्य रात्रि तक 59 बच्चे मेडिकल कॉलेज में भर्ती थे जिनमें से 13 की मौत हो गई है.

इस समय अस्पताल में 354 बच्चों का इलाज चल रहा है. उन्होंने कहा कि बाढ़ का पानी ज्यों-ज्यों कम होगा, बच्चो में संक्रमण की संभावना बढ़ती जाएगी.

सिंह ने बताया कि हमने माता पिता को सलाह दी है कि वह अपने बच्चों को उबला हुआ पानी और दूध दे तथा उन्हें बासी खाना खिलाने से बचें. माता पिता सफाई पर विशेष ध्यान दें और बाबा राघव दास मेडिकल कॉलेज आने के बजाय वह पहले अपने बच्चे को करीब के सरकारी अस्पताल या प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर जाएं.

इस साल के प्रत्येक महीने में बच्चों की मौत का आंकड़ा देते हुए सिंह ने बताया कि जनवरी में 152, फरवरी में 122, मार्च में 159, अप्रैल में 123, मई में 139, जून में 137 और जुलाई में 128 बच्चों की मौत हुई है.

प्राचार्य ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में भर्ती होने वाले बच्चो में अधिकतर समय पूर्व प्रसव, कम वजन, पीलिया, न्यूमोनिया, संक्रामक रोग और इंसेफलाइटिस से पीड़ित होते हैं. इनमें से ज्यादातर बच्चे गंभीर हालत होने पर यहां लाए जाते हैं.

पूर्व प्राचार्य पत्नी समेत न्यायिक हिरासत में

बीआरडी मेडिकल कॉलेज में बड़ी संख्या में बच्चों की मौत के बाद मामले के आरोपी पूर्व प्राचार्य और उनकी पत्नी को 14 दिन के लिए न्यायिक हिरासत में भेजा दिया गया है.

मेडिकल कॉलेज के निलंबित पूर्व प्राचार्य डॉक्टर राजीव मिश्रा और उनकी पत्नी डॉक्टर पूर्णिमा शुक्ला को कड़ी पुलिस सुरक्षा में अपर सत्र न्यायाधीश शिवानंद सिंह की अदालत में पेश किया गया. अदालत ने दोनों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया, जिसके बाद दोनों को गोरखपुर जिला जेल भेज दिया गया.