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जम्मू कश्मीर: सेवा नियमों में बदलाव; 5 साल उपयोग किए गए नंबर और ससुराल वालों की जानकारी देनी होगी

सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार, 15 वर्ष की आयु से शैक्षणिक विवरण, स्वामित्व वाले या उपयोग किए गए वाहनों की पंजीकरण संख्या, ईमेल और सोशल मीडिया या वेब-आधारित पोर्टल खातों, बैंक और डाकघर खाता संख्या, विदेश यात्राओं (पाकिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर सहित), क़र्ज़ आदि के बारे में भी जानकारी प्रदान करनी होगी.

Srinagar: Security personnel stand guard during restrictions and strike called by separatists against Prime Minister Narendra Modi's visit to the state, at Lal Chowk, in Srinagar, on Saturday. (PTI Photo/S Irfan) (PTI5_19_2018_000049B)

श्रीनगर का लाल चौक (प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

जम्मू: जम्मू कश्मीर में नई नियुक्तियों के लिए न केवल 15 वर्ष की आयु से शैक्षणिक विवरण देना जरूरी होगा, बल्कि पिछले पांच वर्षों में उपयोग लाए गए मोबाइल नंबर, कर्ज और ससुराल के लोगों की जानकारियां भी देनी अनिवार्य होंगी. अभ्यर्थी द्वारा प्रदत्त इन जानकारियों का दो महीने के अंदर पुलिस का सीआईडी विभाग सत्यापन करेगा.

पिछले साल मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित समिति ने सीआईडी द्वारा चरित्र और पिछले जीवन के उचित सत्यापन की सिफारिश की थी, जिसके बाद बीते 21 जून को जम्मू और कश्मीर सिविल सेवा (चरित्र और पूर्व जीवन सत्यापन) निर्देश, 1997 में संशोधन जारी किया. इस निर्देश के तहत नियुक्ति आदेश जारी किए जाते हैं.

प्रशासन द्वारा तैयार किए गए विस्तृत प्रारूप के अनुसार चयनित अभ्यर्थियों को अपने अलावा ससुराल सहित अपने परिवार के सदस्यों के बारे में जानकारी उपलब्ध करानी होगी.

इसके अलावा पिछले पांच वर्षों के दौरान उपयोग किए गए मोबाइल नंबर, स्वामित्व वाले या उपयोग किए गए वाहनों की पंजीकरण संख्या, ईमेल और सोशल मीडिया या वेब-आधारित पोर्टल खातों, बैंक और डाकघर खाता संख्या के बारे में जानकारी प्रदान करनी होगी.

सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) द्वारा जारी आदेश में कहा गया है, ‘नियुक्ति प्राधिकारी, उम्मीदवारों से सत्यापन प्रपत्र प्राप्त होने पर इन्हें सरकारी आदेश अनुसार निर्धारित प्रपत्र में एक कवरिंग (सीलबंद और चिह्नित गोपनीय) पत्र के साथ सीआईडी मुख्यालय भेजेंगे, जिसके बाद चरित्र और पूर्ववर्ती जीवन की जानकारियों का सत्यापन किया जाएगा.’

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, ‘सीआईडी चयनकर्ताओं के चरित्र और पूर्व जीवन का सत्यापन करेगा और चयनकर्ताओं की सूची प्राप्त होने की तारीख से एक महीने के भीतर इसे अपेक्षित प्राधिकारी को भेजेगा. यदि कुछ उम्मीदवारों के संबंध में सत्यापन प्रक्रिया में अधिक समय की आवश्यकता होती है, तो सीआईडी इस संबंध में और एक महीने की मांग कर सकता है.’

हालांकि सामान्य प्रशासन विभाग के आयुक्त सचिव मनोज कुमार द्विवेदी द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि सत्यापन प्रक्रिया में पूरी समयवधि किसी भी परिस्थिति में दो महीने से अधिक नहीं होनी चाहिए.

आदेश में कहा गया है, ‘प्रतिकूल रिपोर्ट प्राप्त होने की स्थिति में और राज्य/मंडल/जिला स्तरीय स्क्रीनिंग कमेटी द्वारा इसकी पुष्टि होने पर नियुक्ति बिना किसी नोटिस के स्वतः रद्द हो जाएगी.’

सरकार ने चेतावनी दी है कि सत्यापन प्रपत्र में झूठी जानकारी प्रस्तुत करने या किसी भी तथ्यात्मक जानकारी को छिपाने पर अयोग्य कर दिया जाएगा और आगे उम्मीदवार को सरकार के तहत रोजगार के लिए अयोग्य घोषित करने की भी संभावना है.

इसके अनुसार, ‘यदि किसी व्यक्ति की सेवा के दौरान किसी भी समय किसी तथ्यात्मक जानकारी को छुपाने का पता चलता है तो उसकी सेवाएं बिना किसी और सूचना के समाप्त की जा सकती हैं.’

यह भी कहा गया है, ‘अगर हिरासत में लिया गया है, गिरफ्तार किया गया है, मुकदमा चलाया गया है, रोका (Debarred) गया है, जुर्माना लगाया गया है, दोषी ठहराया गया है, बहिष्कृत किया गया है, बरी किया गया है, आदि तो फॉर्म को पूरा करने और जमा करने के बाद संबंधित विवरण की जानकारी तुरंत उन अधिकारियों को दिया जाना चाहिए, जिन्हें सत्यापन फॉर्म भेजा गया है. ऐसा न करने पर इसे तथ्यात्मक जानकारी का दमन माना जाएगा.’

अन्य बातों के अलावा चयनित उम्मीदवारों को अब शैक्षणिक योग्यता (अकादमिक/तकनीकी) का विवरण प्रस्तुत करना होगा, जिसमें 15 वर्ष की आयु से स्कूल, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में वर्षों के साथ शिक्षा के स्थान दर्शाए जाएंगे.

विदेश में रहने (पाकिस्तान/पाक अधिकृत कश्मीर सहित) के मामले में, चयनित उम्मीदवारों को उन सभी स्थानों का विवरण देना होगा, जहां वे 18 वर्ष की आयु प्राप्त करने के बाद एक वर्ष से अधिक समय तक रहे हैं. पिछले पांच वर्षों के लिए विदेश यात्राओं का विवरण, यात्रा का उद्देश्य, मेजबान का ब्योरा जिसके साथ वह रुका था, की भी जानकारी देनी होगी.

उन्हें विदेशों के सरकारी अधिकारियों के साथ व्यक्तिगत संपर्क, पिछले पांच वर्षों के दौरान पति या पत्नी की विदेश यात्राओं और उनके मेजबान, परिवार के सदस्यों (भारतीय और गैर-भारतीय) का विवरण, विदेशी मिशनों या विदेशी संगठनों में काम करने का विवरण देना आवश्यक है.

उन्हें विदेश में पढ़ने/रहने/काम करने वाले बच्चों के साथ-साथ कॉलेज/विश्वविद्यालय, नियोक्ता विवरण और आवासीय पते के विवरण के साथ पाठ्यक्रम का विवरण देना होगा.

उन्हें निर्धारित या प्रतिबंधित या प्रतिबंधित संगठन जैसे जमात-ए-इस्लामी, क्लब या सोसाइटी या एसोसिएशन या ट्रस्ट या चैरिटी और इसी तरह के निकायों की सदस्यता का विवरण भरना होगा.

उन्हें किसी भी राजनीतिक दल के संगठन की सदस्यता और किसी भी राजनीतिक गतिविधि में भागीदारी, परिवार के सदस्यों या किसी राजनीतिक दल या संगठन के करीबी रिश्तेदारों की सदस्यता और किसी भी राजनीतिक गतिविधि में भागीदारी, परिवार के सदस्यों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही या अभियोजन का विवरण प्रदान करना होगा. साथ ही परिवार के सदस्य या करीबी रिश्तेदार, जो युद्ध के कैदी रहे हैं या किसी दुश्मन देश द्वारा किसी भी अवधि के लिए रखे गए हैं, का भी विवरण देना होगा.

यदि परिवार 1 जनवरी 1990 के बाद पलायन कर गया है तो चयनित उम्मीदवारों को जन्म स्थान, राष्ट्रीयता, धर्म और मूल स्थान के विवरण का उल्लेख करने की आवश्यकता है. इसके अलावा कभी भी गिरफ्तारी, मुकदमा चलाने या हिरासत में लिए जाने का विवरण देना होगा.

उन्हें यह भी बताने के लिए कहा गया है कि क्या उनके पास शस्त्र लाइसेंस है. साथ ही कोई बकाया ऋण, उधार और स्वयं और जीवनसाथी की वित्तीय देनदारियों की भी जानकारी देनी होगी.

उन्हें किसी विदेशी मिशन या संगठन से जुड़े या सहायता प्राप्त सांस्कृतिक या सामाजिक संगठनों की सदस्यता का विवरण, परिवार के सदस्यों की सदस्यता का विवरण और विदेशी मिशन संगठन से जुड़े सांस्कृतिक और सामाजिक संगठन के करीबी रिश्तेदारों का विवरण देना होगा.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)