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बंगाल: टीएमसी में शामिल होने से पहले 150 भाजपा कार्यकर्ताओं पर किया सैनिटाइज़र का छिड़काव

मामला बीरभूम ज़िले का है, जहां टीएमसी के एक स्थानीय नेता ने कहा कि जो भाजपा के लिए काम कर रहे थे वे वायरस से संक्रमित थे, उन्हें वापस लेने से पहले यह सुनिश्चित करना पड़ा कि वे संक्रमणरहित हो जाएं. वहीं, भाजपा के जिला अध्यक्ष ने दावा किया कि उनके कार्यकर्ताओं को टीएमसी में शामिल करने के लिए ज़बरदस्ती की गई.

टीएमसी में शामिल होने से पहले भाजपा कार्यकर्ताओं पर सैनिटाइजर का छिड़काव किया (फोटो: एएनआई)

टीएमसी में शामिल होने से पहले भाजपा कार्यकर्ताओं पर सैनिटाइजर का छिड़काव किया. (फोटो साभार: एएनआई)

बीरभूम: पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में गुरुवार को भाजपा के करीब 150 कार्यकर्ताओं पर तृणमूल कांग्रेस के स्थानीय नेताओं द्वारा सैनिटाइजर का छिड़काव किए जाने के बाद उन्हें तृणमूल में शामिल किया गया.

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस के प्रखंड स्तर के सदस्य दुलाल राय ने बताया कि इलामबाजार में एक मंच बनाया गया था जहां भाजपा के कार्यकर्ताओं पर सैनिटाइजर का छिड़काव किया गया, फिर उसके बाद स्थानीय नेताओं ने उन्हें तृणमूल का झंडा थमाया.

राय ने कहा, ‘भाजपा के लिए जो कार्य कर रहे थे वे वायरस से संक्रमित हो गए थे. उन्हें वापस लेने से पहले हमें यह सुनिश्चित करना पड़ा कि वे संक्रमणरहित हो जाएं क्योंकि हमारा लक्ष्य वायरस से मुक्ति पाना है.’

समाचार एजेंसी एएनआई द्वारा साझा किए गए वायरल वीडियो से पता चलता है कि स्थानीय कार्यकर्ताओं को एक कतार में खड़ा किया गया और उनकी आंखें बंद करवाकर उन पर सैनिटाइज़र का छिड़काव किया गया. उसके बाद उन्हें तृणमूल कांग्रेस का झंडा दिया गया.

टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, इससे पहले, नानूर, बोलपुर, इलामबाजार और सैंथिया में भाजपा कार्यकर्ता होने का दावा करने वाले कुछ लोग माफी मांग रहे थे और एक वाहन पर लगे माइक्रोफोन पर तृणमूल में फिर से शामिल होने का अनुरोध कर रहे थे.

इलामबाजार में कुछ ग्रामीण तृणमूल कार्यालय पर धरने पर बैठ गए और वापस लेने की मांग की. हाल ही में बीरभूम में सैंथिया विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बनग्राम में लगभग 300 ऐसे लोगों पर गंगा जल का छिड़काव किया गया था.

दो दिन पहले हुगली जिले में तृणमूल कांग्रेस में शामिल होने से पहले 200 भाजपा कार्यकर्ताओं को विधानसभा चुनाव से पहले ‘भाजपा में चले जाने के पाप से मुक्ति’ के लिए गंगाजल से शुद्ध कर सिर मुड़वाना पड़ा था.

इस इस कार्यक्रम को आरामबाग की तृणमूल सांसद अपरूपा पोद्दार ने आयोजित किया था.

वहीं, भाजपा के जिला अध्यक्ष ध्रुव साहा ने दावा किया कि उनके पार्टी कार्यकर्ताओं को ‘तृणमूल कांग्रेस’ में शामिल करने के लिए उनके साथ जोर-जबरदस्ती की गई. उन्होंने कहा, ‘कोई भी अपनी मर्जी से भाजपा से तृणमूल में नहीं गया है.’

साहा ने कहा कि चुनाव बाद हिंसा के आरोपों से बचने के प्रयास के तहत तृणमूल नेता ऐसे कार्यक्रम आयोजित कर रहे हैं और भाजपा कार्यकर्ताओं को तृणमूल में शामिल होने के लिए मजबूर कर रहे हैं.

बता दें कि हाल ही में पश्चिम बंगाल में चुनावी हार के बाद कई क्षेत्रों में भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा सार्वजनिक माफी मांगने की खबरें आई थीं.

भाजपा कार्यकर्ता राज्य के बीरभूम जिले में लाभपुर, बोलपुर और सैंथिया से लेकर हुगली के धनियाखली में ई-रिक्शा पर लगे लाउडस्पीकर के जरिये घूम-घूमकर ये ऐलान कर रहे थे कि उन्होंने भाजपा को लेकर गलतफहमी हो गई थी.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)