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किमिन शहर का नाम बदलने को लेकर अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज

ऑल अरुणाचल प्रदेश अबो तानी स्टूडेंट्स यूनियन ने 24 जून को दर्ज प्राथमिकी में कहा है कि पेमा खांडू ने अरुणाचल प्रदेश के किमिन-पोटिन हिस्से को असम को सौंपने के लिए सीमा सड़क संगठन के साथ मिलीभगत की. विभिन्न संगठनों ने सीमा सड़क संगठन द्वारा राज्य की राजधानी ईटानगर से 75 किलोमीटर दूर एक छोटे से शहर किमिन का नाम बदलकर बिलगढ़ करने और इसे असम के हिस्से के रूप में दिखाने पर आपत्ति जताई है.

अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू. (फाइल फोटो: पीटीआई)

अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू. (फाइल फोटो: पीटीआई)

गुवाहाटी: अरुणाचल प्रदेश में एक युवा संगठन ने किमिन शहर को लेकर उपजे विवाद के संबंध में राज्य के मुख्यमंत्री पेमा खांडू के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है.

द हिंदू की रिपोर्ट के अनुसार, विभिन्न संगठनों ने सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) द्वारा राज्य की राजधानी ईटानगर से 75 किलोमीटर दूर अरुणाचल प्रदेश के एक छोटे से शहर किमिन का नाम बदलकर बिलगढ़ करने और इसे असम के हिस्से के रूप में दिखाने पर आपत्ति जताई है.

यह तब हुआ जब रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 17 जून को बीआरओ द्वारा संचालित 20 किमी किमिन-पोटिन और 11 अन्य सड़क परियोजनाओं का उद्घाटन किया.

ऑल अरुणाचल प्रदेश अबो तानी स्टूडेंट्स यूनियन ने 24 जून को दर्ज प्राथमिकी में कहा कि पेमा खांडू ने अरुणाचल प्रदेश के किमिन-पोटिन हिस्से को असम को सौंपने के लिए बीआरओ प्राधिकरण के साथ मिलीभगत की.

इसने किसी भी सक्षम अदालत में मुख्यमंत्री के खिलाफ आगे बढ़ने के लिए सबूत होने का भी दावा किया.

दूसरी ओर, सेव अरुणाचल यूथ एसोसिएशन ने पापुम पारे के उपायुक्त पिगे लिगू को नाम बदलने के प्रकरण में उनकी कथित संलिप्तता के लिए निलंबित करने की मांग की. किमिन अरुणाचल प्रदेश के पापुम पारे जिले में हैं.

एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री को उपायुक्त को निलंबित करने या आंदोलन का सामना करने के लिए 10 दिन की समय सीमा भी दी.

इसने दावा किया कि बीआरओ ने लिगू को किमिन-पोटिन सड़क के उद्घाटन से पहले सूचित किया था, जिसमें स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया था कि कार्यक्रम बिलगढ़, असम में आयोजित किया जा रहा था. इसने कहा कि उपायुक्त ने बीआरओ की जान-बूझकर या अनजाने में की गई गलती को सुधारने का कोई प्रयास नहीं किया.

एसोसिएशन ने अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल बीडी मिश्रा को एक पत्र सौंपकर उनसे किमिन घटना की जांच की मांग की.