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ट्विटर के अंतरिम मुख्य अनुपालन अधिकारी ने दिया इस्तीफ़ा, नए आईटी नियमों के तहत हुई थी नियुक्ति

केंद्र सरकार की ओर से इस साल फरवरी में नए आईटी नियम लागू किए गए थे. इसके तहत भारतीय यूज़र्स की शिकायतों पर कार्रवाई के लिए सोशल मीडिया कंपनियों में मुख्य अनुपालन अधिकारी की नियुक्ति ज़रूरी है.

(फोटो: रॉयटर्स)

(फोटो: रॉयटर्स)

नई दिल्लीः ट्विटर के भारत में नियुक्त अंतरिम मुख्य अनुपालन अधिकारी ने नियुक्ति से चार हफ्ते से कम समय में ही  अपने पद से इस्तीफा दे दिया है.

एक स्रोत ने बताया कि हाल ही में भारत में ट्विटर की ओर से नियुक्त किए गए अंतरिम मुख्य अनुपालन अधिकारी धर्मेंद्र चतुर ने पद से इस्तीफा दे दिया है. चतुर की हाल में ही नियुक्ति हुई थी.

हालांकि ट्विटर ने इस संबंध में अभी कोई टिप्पणी नहीं की है, लेकिन इसकी वेबसाइट पर अब धर्मेंद्र चतुर का नाम दिखाई नहीं दे रहा है.

फिलहाल ट्विटर की वेबसाइट पर भारत के लिए अंतरिम मुख्य अनुपालन अधिकारी के नाम की जगह अमेरिका का एक पता और ईमेल एड्रेस दिया गया है.

सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यस्थ के लिए दिशानिर्देश एवं डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियमावली 2021 के तहत प्लेटफॉर्म को अपनी वेबसाइट पर उक्त आधिकारी का नाम और संपर्क के लिए उसका पता देना जरूरी है.

द वायर  ने ट्विटर इंडिया से संपर्क कर यह जानना चाहा कि क्या धर्मेंद्र चतुर ने पद छोड़ दिया है ताकि इस पद पर पूर्णकालिक नियुक्ति हो सके तो इसके जवाब में ट्विटर इंडिया ने कहा कि वह इस मामले में कोई टिप्पणी नहीं कर सकती.

मालूम हो कि चतुर ने ऐसे समय में इस्तीफा दिया है जब नए सोशल मीडिया नियमों को लेकर ट्विटर और केंद्र सरकार आमने-सामने है. सरकार ने ट्विटर पर जान-बूझकर इन नए नियमों का पालन नहीं करने का आरोप लगाया है.

बता दें कि नए आईटी नियमों के तहत भारतीय यूजर्स की शिकायतों पर कार्रवाई के लिए सोशल मीडिया कंपनियों में मुख्य अनुपालन अधिकारी की नियुक्ति जरूरी है.

नए आईटी नियम लागू हो गए हैं, लेकिन ट्विटर ने अतिरिक्त समय समाप्त होने के बाद भी जरूरी अधिकारियों की नियुक्ति नहीं की थी, जिसके बाद उसे सूचना प्रौद्योगिकी कानून संबंधी नए नियमों के अनुपालन का आखिरी मौका दिया गया था.

ट्विटर ने पांच जून को सरकार द्वारा जारी अंतिम नोटिस के जवाब में कहा था कि वह नए नियमों का पालन करना चाहती है और जल्द ही मुख्य अनुपालन अधिकारी की नियुक्ति का ब्योरा साझा करेगी. इस बीच इसने धर्मेंद्र चतुर को भारत के लिए अंतरिम शिकायत अधिकारी नियुक्त किया था.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, चतुर की नियुक्ति को इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) ने नए आईटी नियमों के मानदंडों के अनुपालन के रूप में गैर-संगत बताया था, क्योंकि वह कंपनी के पेरोल पर नहीं हैं.

6 जून को आईटी मंत्रालय को भेजे गए एक पत्र में ट्विटर ने कहा था कि उसने एक नोडल संपर्क व्यक्ति और एक अनुपालन अधिकारी को अनुबंध के आधार पर नियुक्त किया है और इन पदों पर लोगों को स्थायी आधार पर भर्ती करने के लिए काम कर रहा था.

उसने तब यह भी कहा था कि वह एक मुख्य अनुपालन अधिकारी की नियुक्ति के अंतिम चरण में है और जल्द ही मंत्रालय के साथ विवरण साझा करेगा.

फरवरी में नए आईटी नियमों के तहत जारी दिशा-निर्देशों में सभी महत्वपूर्ण सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को 26 मई तक इन भूमिकाओं के लिए अधिकारियों को नामित करने की आवश्यकता थी.

मंत्रालय ने 26 मई को इन कंपनियों को पत्र लिखकर सभी नियुक्तियों का विवरण जल्द से जल्द देने को कहा था.

एक पत्र में मंत्रालय के तहत साइबर कानून के लिए समूह समन्वयक ने सभी महत्वपूर्ण सोशल मीडिया मध्यस्थों को भारत में अपने भौतिक संपर्क पते और इन मानदंडों के अनुपालन पर एक स्थिति रिपोर्ट के साथ इन विवरणों को प्रस्तुत करने के लिए कहा गया था.

मालूम हो कि केंद्र सरकार की ओर से इस साल फरवरी में इनफॉरमेशन टेक्नोलॉजी (इंटरमीडियरी गाइडलाइंस) नियम 2021 नाम से लाए गए, ये दिशानिर्देश देश के टेक्नोलॉजी नियामक क्षेत्र में करीब एक दशक में हुआ सबसे बड़ा बदलाव हैं. ये इनफॉरमेशन टेक्नोलॉजी (इंटरमीडियरी गाइडलाइंस) नियम 2011 के कुछ हिस्सों की जगह भी लेंगे.

नए नियमों के हिसाब से बड़ी सोशल मीडिया कंपनियों को किसी उचित सरकारी एजेंसी या अदालत के आदेश/नोटिस पर एक विशिष्ट समयसीमा के भीतर गैर कानूनी सामग्री हटानी होगी.

इन नए बदलावों में ‘कोड ऑफ एथिक्स एंड प्रोसीजर एंड सेफगार्ड्स इन रिलेशन टू डिजिटल/ऑनलाइन मीडिया’ भी शामिल हैं. ये नियम ऑनलाइन न्यूज और डिजिटल मीडिया इकाइयों से लेकर नेटफ्लिक्स और अमेजॉन प्राइम जैसे ओटीटी प्लेटफॉर्म पर भी लागू होंगे.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)