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तमिलनाडु: छात्रा की मौत के बाद पूरे राज्य में प्रदर्शन, 14 छात्र अनिश्चितकालीन हड़ताल पर

नीट परीक्षा के ख़िलाफ़ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने वाली दलित छात्रा अनीता ने 1 सितंबर को कथित तौर पर आत्महत्या कर ली थी.

NEET PROTEST COVER news minute

(फोटो साभार: द न्यूज़ मिनट)

नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट यानी नीट के ख़िलाफ़ सुप्रीम कोर्ट में लड़ाई लड़ने वाली 17 वर्षीय दलित लड़की अनीता के कथित तौर पर आत्महत्या करने के बाद पूरे तमिलनाडु में प्रदर्शन शुरू हो गया है.

एनडीटीवी के मुताबिक चेन्नई में विपक्षी पार्टियों के करीब 1500 कार्यकर्ताओं ने अलग-अलग जगहों पर विरोध प्रदर्शन किया है. इन सभी ने राज्य की पलानीसामी सरकार और केंद्र सरकार के ख़िलाफ़ प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि सरकारें तमिलनाडु को इस परीक्षा से छूट नहीं दिला पाईं.

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इतना ही नहीं लगभग 14 छात्र इसके विरोध में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर भी बैठ गए हैं. खबरों के अनुसार तमिल राष्ट्रवादी संगठन नाम तालीमार काट्ची और स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया जैसे संगठन नीट के ख़िलाफ़ चेन्नई और त्रिची की सड़कों पर उतर आए हैं.

सुपरस्टार रजनीकांत और कमल हसन ने भी अनिता की मौत पर गहरा दुख प्रकट किया. रजनीकांत ने ट्विटर पर लिखा, ‘अनिता के साथ जो भी हुआ वो बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है. इस कदम को उठाने के पहले उस पर क्या बीत रही होगी मैं उस दर्द को समझ पा रहा हूं. मेरी संवेदनाएं उनके परिवार के साथ है.’

इस बीच तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पलानीस्वामी ने अनीता के परिजनों को सात लाख रुपये मुआवजा देने का ऐलान किया.

इसी बीच एआईएडीएमके नेती टीटीवी दिनाकरन ने अनिता की मौत पर शोक व्यक्त किया है. उन्होंने ट्विटर पर लिखा, ‘मैं हैरान हूं कि हम सबकी प्यारी बेटी ने नीट के ख़िलाफ़ संघर्ष करते हुए आत्महत्या कर ली.’

अनिता के परिजन, रिश्तेदार और गांव वालों ने भी राज्य और केंद्र को उसकी मौत का जिम्मेदार ठहराते हुए विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं.