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छत्तीसगढ़: जादू-टोना करने के आरोप में आदिवासी महिला को ज़िंदा जलाया, पुलिस ने आत्महत्या बताया

छत्तीसगढ़ के मुंगेली ज़िले की घटना. मृतक महिला के परिवार का आरोप है कि संपत्ति को लेकर उनके दूरस्थ संबंधियों और पड़ोसियों ने 14 जून को उन्हें जिंदा जला दिया था, जिसके बाद 19 जून को उनकी मौत हो गई थी. दूसरी ओर पुलिस का कहना है कि यह पारिवारिक समस्याओं की वजह से की गई आत्महत्या है.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

रायपुर: छत्तीसगढ़ के एक गांव में जादू टोना करने के संदेह में एक बुजुर्ग महिला की कथित हत्या के बाद उनके परिवार के सदस्यों का कहना है कि उन्हें धमकियां मिल रही थीं, जिसे लेकर उन्होंने कई बार पुलिस थाने का भी रुख किया, लेकिन उन्हें हर बार अनसुना कर रवाना कर दिया जाता.

मालूम हो कि जादू-टोना करने के संदेह में कथित तौर पर कुछ लोगों ने 14 जून को महिला को जिंदा आग के हवाले कर दिया गया. बुरी तरह से झुलसने के बाद उन्होंने बीते 19 जून को दम तोड़ दिया था.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, 65 साल की पीड़िता सावना ध्रुव मुंगेली जिले के घटोली गांव में अपने माता-पिता के घर मे अकेले रहती थी.

परिवार के सदस्यों का आरोप है कि उनके दूर के संबंधियों और पड़ोसियों ने महिला को जिंदा जला दिया, जबकि पुलिस इसे आत्महत्या का मामला बता रही है और आत्महत्या की धाराओं में एफआईआर दर्ज की है.

मृतक महिला की बहन निर्मला नेताम ने आत्महत्या के आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि उन्हें अभी तक एफआईआर की कॉपी नहीं मिली है.

उनके मुताबिक, ‘उनकी बहन सावना मिल रहीं धमकियों और उत्पीड़न की शिकायत करने कई बार पुलिस के पास भी गई. वह आखिरी बार छह जून को पुलिस के पास गई थी. उन्होंने अपने गांव के सबसे पास छिलफी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की थी, लेकिन उन्हें कथित तौर पर वहां से जाने को कह दिया गया.’

पेशे से सरकारी स्कूल शिक्षिका निर्मला (45) के मुताबिक, अगले दिन सावना की बेटी यशोदा एक बार फिर पुलिस थाने गई.

निर्मला ने कहा, ‘यशोदा सात जून को छिलफी पुलिस थाने गई और पुलिस से हमारे संबंधियों और पड़ोसियों के खिलाफ शिकायत दर्ज करने का अनुरोध किया. जब थाना प्रभारी ने इनकार किया तो मैंने उन्हें फोन कर बात की, जिस पर उन्होंने कहा कि वह अगले दिन मुआयना करने गांव आएंगे, लेकिन कोई भी पुलिसकर्मी गांव नहीं आया.’

निर्मला के अनुसार, 14 जून को लोर्मी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराने के प्रयास के बाद जब उन्होंने और यशोदा ने सावना को गांव से दूर ले जाने का फैसला किया. उसी दिन दोपहर को उन्हें यशोदा के बेटे फोन आया. उन्हें बताया गया कि ग्रामीणों ने सावना को जिंदा जला दिया है.

निर्मला ने कहा, ‘मुझे यशोदा के बेटे ने फोन कर बताया कि लोगों ने सावना को जिंदा जला दिया है. मैंने तुंरत 108 पर एंबुलेंस को फोन किया और यशोदा ने एंबुलेंस का इंतजार करते वक्त रोते-चिल्लाती अपनी मां का बयान रिकॉर्ड किया.’

उन्होंने कहा, ‘मेरी बहन की मौत के बाद एक एफआईआर दर्ज की गई,लेकिन पुलिस ने अपने अनुसार ही उसे दर्ज किया. वे हमें एफआईआर की कॉपी भी नहीं दे रहे. पुलिस का कहना है कि यशोदा ने उन्हें (पुलिस) बताया था कि उनकी मां ने आत्महत्या की है. तभी से आरोपी यशोदा पर दबाव डाल रहे हैं कि वे एफआईआर के खिलाफ न जाए, वरना वे उनके बच्चों को नुकसान पहुंचा सकते हैं.’

मुंगेली के एसपी डीआर अचाला का कहना है कि यह पारिवारिक समस्याओं की वजह से की गई आत्महत्या का मामला है. उन्होंने कहा, ‘हमने महिला के मरने के समय के बयान के आधार पर एफआईआर दर्ज की है. एफआईआर में पांच लोग नामजद हैं, मामले की जांच जारी है.’

एसपी ने कहा, ‘महिला की बेटी के पुलिस थाने पहुंचने के बाद एफआईआर दर्ज की गई. मृतका एक बुजुर्ग महिला थीं, जिनके अपने परिवार के साथ मतभेद थे.’

वहीं, निर्मला का कहना है, ‘यह आत्महत्या नहीं थी. गांव के आसपास रहने वाले मेरे चचरे भाइयों और हमारे पड़ोसियों की मेरे माता-पिता की संपत्ति पर नजर थी. इसी संपत्ति (घर) पर सावना, पति द्वारा घर से निकाले जाने के बाद रह रही थी. उन्होंने मेरी बहन को चुड़ैल कहकर और जादू-टोना करने के आरोप लगाकर कई सालों तक प्रताड़ित किया.’