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बेंगलुरू में लगे योगी सरकार के होर्डिंग की तस्वीर साझा करने पर वकील को क़ानूनी कार्रवाई की धमकी

बेंगलुरू के एक स्थानीय वकील शिशिर रुद्रप्पा ने बेंगलुरू हवाईअड्डे के पास लगे उत्तर प्रदेश सरकार के एक होर्डिंग की तस्वीर ट्विटर पर शेयर की थी, जिसमें राज्य देश में नंबर होने और चार लाख युवाओं को सरकारी  नौकरी देने की बात कही गई थी.

बेंगलुरू में लगाया गया पोस्टर (फोटो साभारः ट्विटर)

नई दिल्लीः बेंगलुरू हवाईअड्डे के पास उत्तर प्रदेश सरकार के एक विज्ञापन होर्डिंग की तस्वीर ट्वीट करने पर एक स्थानीय वकील के खिलाफ उत्तर प्रदेश की साइबर पुलिस ने कानूनी कार्रवाई करने की धमकी दी है.

न्यूज मिनट की रिपोर्ट के मुताबिक, बेंगलुरू के स्थानीय वकील शिशिरा रुद्रप्पा ने सोमवार सुबह उत्तर प्रदेश सरकार के एक विज्ञापन होर्डिंग को ट्वीट किया, जिसमें उत्तर प्रदेश के देश में पहले पायदान पर होने और चार लाख युवाओं को सरकारी नौकरी देने की बात कही गई है. इस होर्डिंग में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तस्वीरें भी लगी है.

इस तस्वीर को ट्वीट करते हुए वकील ने कैप्शन में कहा, ‘कर्नाटक में यूपी चुनाव का प्रचार अभियान शुरू हो गया है.’

वकील ने दिल्ली हवाईअड्डे के पास इसी होर्डिंग की एक और तस्वीर शेयर की है. वकील ने बताया कि उन्हें बेंगलुरू हवाईअड्डे के ठीक बाहर यह होर्डिंग दिखाई दिया.

वहीं, उत्तर प्रदेश सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क निदेशक शिशिर सिंह ने सोमवार शाम को इस ट्वीट को कोट कर इसे फेक न्यूज बताया.

उन्होंने यूपी डीजीपी और साइबर सेल को टैग करते हुए कहा कि कर्नाटक में इस तरह का विज्ञापन कहीं भी नहीं है.

शिशिर ने ट्वीट कर कहा, ‘जिम्मेदार बनिए. कृपया फेक न्यूज मत फैलाएं. कर्नाटक में इस तरह का विज्ञापन कहीं भी नहीं है.’

उत्तर प्रदेश साइबर सेल ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, ‘ध्यान दीजिए. इस ट्विटर हैंडल के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी.’

उत्तर प्रदेश सरकार के आधिकारिक फैक्ट चेकिंग अकाउंट ने भी कहा कि इस ट्वीट में किया गया दावा गलत है.

रुद्रप्पा ने सिंह के दावे को चुनौती देते हुए दो ट्वीट कर कहा कि उन्होंने सिर्फ यूपी सरकार की तस्वीर को शेयर किया है.

उन्होंने एक वीडियो भी शेयर किया, जिसमें होर्डिंग के पास खड़े बेंगलुरू हवाईअड्डे के ट्रक को देखा जा सकता है. उन्होंने पुष्टि करते हुए कहा कि यह होर्डिंग कर्नाटक में ही है. उन्होंने सिंह से अपने ट्वीट को डिलीट करने को कहा.

हालांकि, सिंह का ट्वीट अभी भी मौजूद है लेकिन इस होर्डिंग को हटा लिया गया है. मंगलवार सुबह रुद्रप्पा ने एक अन्य वीडियो शेयर किया जिसमें दिख रहा था कि इस होर्डिंग को हटा लिया गया है.

उन्होंने बताया, ‘इस ट्वीट से किसी को कोई हानि नहीं हुई. मैंने होर्डिंग देखा और इसकी तस्वीर शेयर की. उत्तर प्रदेश सरकार ने स्वीकार किया यह होर्डिंग दिल्ली में लगाया गया था और इसी तरह के होर्डिंग महाराष्ट्र में भी लगाए गए. मुझे लगता है कि बेंगलुरू में गलती से होर्डिंग लगाया गया इसलिए इसे हटा लिया गया.’

होर्डिग की तस्वीर शेयर करने को लेकर वकील के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की धमकी की ट्विटर पर काफी आलोचना की जा रही है. अभिषेक बक्शी नाम के पत्रकार का कहना है कि यूपी मॉडल झूठ और धमकी पर आधारित है.