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मुंबईः भारी बारिश के बाद मकान ढहने की घटनाओं में 25 लोगों की मौत

पश्चिम रेलवे और मध्य रेलवे ने भारी बारिश के चलते मुंबई में उपनगरीय ट्रेन सेवाओं को कुछ समय के लिए स्थगित कर दिया है. इसके साथ ही लंबी दूरी की कई ट्रेनों का या तो मार्ग परिवर्तित कर दिया गया है या उनका अन्य स्टेशनों से परिचालन हो रहा है. मौसम विज्ञान विभाग ने भारी बारिश की पृष्ठभूमि में मुंबई के लिए रेड अलर्ट जारी किया है.

मुंबई में बारिश के बाद हुए हादसों के बाद राहत और बचाव कार्य में लगे कर्मचारी. (फोटो: पीटीआई)

मुंबईः महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में रविवार रातभर हुई भारी बारिश के कारण भूस्खलन और मकान ढहने की घटनाओं में 25 लोगों की मौत हो गई. इसके साथ ही भारी बारिश के कारण जलभराव के चलते लोकल ट्रेन सेवा तथा यातायात भी प्रभावित है.

अधिकारियों ने बताया कि पश्चिम रेलवे और मध्य रेलवे ने भारी बारिश के चलते मुंबई में उपनगरीय ट्रेन सेवाओं को कुछ समय के लिए स्थगित कर दिया है. इसके साथ ही लंबी दूरी की कई ट्रेनों का या तो मार्ग परिवर्तित कर दिया गया है या उनका अन्य स्टेशनों से परिचालन हो रहा है.

दमकल विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि एक पर्वतीय क्षेत्र में भारी बारिश के कारण हुए भूस्खलन में एक परिसर की दीवार ढहने से उसके नीचे दबकर 17 लोगों की मौत हो गई.

अधिकारी ने बताया कि मुंबई में माहुल इलाके के वाशी नाका में देर रात करीब एक बजे एक पेड़ के गिर जाने से उससे सटे एक मकान की दीवार ढह गई.

घटना में सात लोग घायल हो गए, जिन्हें पास के राजावाड़ी अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

उन्होंने बताया कि भारी बारिश के कारण मुंबई के विक्रोली में देर रात करीब ढाई बजे भूस्खलन के चलते छह कच्चे मकानों के ढह जाने से सात लोगों की मौत हो गई और दो लोग घायल हो गए. घायलों को निकटवर्ती अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

वहीं, उपनगर भांडुप में वन विभाग परिसर की दीवार ढह जाने से 16 वर्षीय एक लड़के की मौत हो गई.

रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि रातभर हुई भारी बारिश के कारण पटरियों पर जलभराव के कारण मध्य रेलवे और पश्चिम रेलवे की उपनगरीय ट्रेन सेवाओं को स्थगित कर दिया गया. उन्होंने कहा कि हालांकि, यह सेवाएं सुबह तक बहाल कर दी गई.

इस बारिश ने 26 जुलाई, 2005 को 24 घंटे में 944 मिमी बारिश होने की याद दिला दी.

बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के एक अधिकारी ने बताया कि भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने भारी बारिश की पृष्ठभूमि में मुंबई के लिए रेड अलर्ट जारी किया है.

‘ग्रीन’ अलर्ट का अर्थ है कि ‘कोई चेतावनी नहीं’ यानी अधिकारियों को कोई कार्रवाई करने की आवश्यकता नहीं है और यह हल्की से मध्यम बारिश का पूर्वानुमान होता है. ‘रेड’ अलर्ट ‘चेतावनी’ का संकेत है, जो अधिकारियों को ‘कार्रवाई करने’ के लिए कहता है. ‘ऑरेंज’ अलर्ट बताता है कि अधिकारियों को ‘तैयार रहना’ चाहिए.

आईएमडी ने रविवार सुबह जारी अपने बुलेटिन में बताया कि जलवायु परिस्थितियों में अचानक बदलाव के कारण मुंबई में छह घंटे में 100 मिमी से अधिक बारिश हुई. आईएमडी ने कहा कि रविवार सुबह 6:30 बजे तक मुंबई और आसपास के इलाकों में पिछले 12 घंटों में 120 मिमी से अधिक बारिश हुई.

इसने अनुमान जताया कि मुंबई में कुछ स्थानों पर ‘भारी से बहुत भारी’ वर्षा होगी और अलग-अलग स्थानों पर अत्यधिक भारी वर्षा होगी. आईएमडी के अनुसार, अत्यधिक भारी वर्षा का अर्थ है कि 24 घंटों में 204.5 मिमी से अधिक की वर्षा और भारी वर्षा 115.6 मिमी से 204.4 मिमी वर्षा के बीच होती है.

बीती देर रात तीन बजे जारी बुलेटिन के अनुसार, आईएमडी ने सांताक्रूज में 213 मिमी, बांद्रा में 197.5 मिमी और शहर के कोलाबा में 174 मिमी बारिश दर्ज की.

भारी बारिश के बाद पश्चिम रेलवे ने कई जगहों पर जलजमाव के कारण उपनगरीय ट्रेन सेवाओं को स्थगित करने की घोषणा की.

पश्चिम रेलवे के मुंबई संभाग के संभागीय रेल प्रबंधक ने ट्वीट किया, ‘कई जगहों पर जलजमाव होने के कारण अप और डाउन दोनों दिशाओं में पश्चिम रेलवे की कोई लोकल ट्रेन सेवा इस वक्त नहीं चलेगी.’

मध्य रेलवे ने बताया कि दादर, परेल, माटुंगा, कुर्ला, सायन, भांडुप और अन्य स्थानों पर पटरियों पर जलभराव के कारण मुख्य लाइन पर सीएसएमटी और ठाणे के बीच ट्रेन सेवाएं स्थगित कर दी गईं.

इसके मुख्य प्रवक्ता शिवाजी सुतार ने कहा, ‘बांद्रा/गोरेगांव उपनगरीय सेवाओं सहित सीएसएमटी से वाशी तक सेवाएं भी बंद हैं.’

पटरियों पर पानी भर जाने के कारण मध्य रेलवे और पश्चिम रेलवे की लंबी दूरी की कई ट्रेन प्रभावित हुईं.

महामारी से पहले मध्य रेलवे और पश्चिम रेलवे- दोनों की 3,000 से अधिक उपनगरीय ट्रेन सेवाओं का प्रतिदिन 75 लाख से अधिक यात्री लाभ उठाते थे. महामारी के दौरान उपनगरीय ट्रेन सेवाएं आपातकालीन सेवाओं के कर्मचारियों और सरकारी कर्मचारियों तक ही सीमित हैं.

उद्धव ने मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये देने की घोषणा की

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने मुंबई में भारी बारिश और भूस्खलन की वजह से मकान ढहने की घटनाओं और लोगों की मौत पर रविवार को शोक व्यक्त किया. इसके साथ ही उन्होंने प्रत्येक मृतक के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की.

ठाकरे ने मुंबई के नगर आयुक्त आईएस चहल से बात की और बचाव एवं राहत कार्यों का जायजा लिया. उन्होंने अधिकारियों को बचाव कार्यों के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), नगरपालिका कर्मचारियों, दमकल और पुलिसकर्मियों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.

मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) की ओर से जारी बयान के मुताबिक प्रत्येक मृतक के परिजन को पांच लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी और घायलों का इलाज मुफ्त किया जाएगा.

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं, क्योंकि मौसम विभाग ने रविवार को भी भारी बारिश होने का अनुमान जताया है.

राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने दुख जताया

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी मुंबई में हुई  इन घटनाओं पर शोक जताया है.

उन्होंने ट्वीट कर कहा, ‘मुंबई के चेंबूर और विक्रोली में भारी बारिश के कारण हुए हादसों में कई लोगों के हताहत होने की खबर से अत्यंत दुख हुआ. शोक-संतप्त परिवारों के प्रति मैं संवेदना व्यक्त करता हूं और राहत एवं बचाव कार्य में पूर्ण सफलता की कामना करता हूं.’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारी बारिश के कारण मुंबई में दीवार गिरने की घटनाओं में लोगों की मौत पर रविवार को दुख व्यक्त किया.

प्रधानमंत्री कार्यालय ने मृतकों के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से दो-दो लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये देने की घोषणा भी की.

प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से ट्वीट कर कहा गया, ‘मुंबई के चेंबूर और विक्रोली में दीवार ढहने के कारण लोगों की मौत होने से दुखी हूं. दुख की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं शोकसंतप्त परिवारों के साथ हैं. घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं.’

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)