राजनीति

तेलंगाना: मतदाताओं को रिश्वत देने के आरोप में टीआरएस सांसद को छह महीने की सज़ा

हाल के दिनों का ये तीसरा मामला है, जब सांसदों/विधायकों से संबंधित मामलों की सुनवाई करने वाली अदालत ने जेल की सज़ा सुनाई है. हालांकि ये पहला मामला है जब एक मौजूदा लोकसभा सांसद को दोषी ठहराया गया है, वो भी चुनाव के दौरान वोटरों को रिश्वत देने के लिए. मार्च 2018 में एक विशेष अदालत ने तेलंगाना के भाजपा विधायक राजा सिंह और टीआरएस विधायक दानम नागेंदर को दोषी ठहराते हुए जेल भेजने का आदेश दिया था.

सांसद मलोथ कविता. (फोटो साभार: फेसबुक)

नई दिल्ली: तेलंगाना के महबूबाबाद से तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) की सांसद मलोथ कविता को 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान मतदाताओं को रिश्वत देने के आरोप में एक स्थानीय अदालत ने शनिवार को छह महीने की कैद की सजा सुनाई.

सांसदों/विधायकों से संबंधित मामलों की सुनवाई करने वाली अदालत ने उन पर 10,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया. टीआरएस सांसद इस मामले में दूसरी आरोपी हैं.

पुलिस ने बताया कि यह मामला चुनाव अधिकारियों की शिकायत के बाद भद्राद्री-कोठागुडेम जिले में बर्गमपहाड़ पुलिस ने दर्ज किया था. यह मामला उनके लिए वोट मांगने वाले पार्टी के एक कार्यकर्ता से संबंधित है.

कविता ने कहा कि उन्हें जमानत मिल गई है और संबंध में वह उच्च न्यायालय में अपील करेंगी.

हाल के दिनों का ये तीसरा मामला है जब सांसदों/विधायकों से संबंधित मामलों की सुनवाई करने वाली अदालत ने जेल की सजा सुनाई हो. हालांकि ये पहला मामला है जब एक मौजूदा लोकसभा सांसद को दोषी ठहराया गया है और वो भी चुनाव के दौरान वोटरों को रिश्वत देने के लिए.

द टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, साल 2019 के लोकसभा चुनाव क दौरान फ्लाइंग स्क्वाड ने सांसद मलोथ कविता के सहयोगी शौकत अली को पैसे बांटते हुए पकड़ा था.

अतिरिक्त लोक अभियोजक जी. नारायण ने कहा, ‘फ्लाइंग स्क्वाड ने अली को रंगे हाथ पकड़ा था. ट्रायल के दौरान अली ने स्वीकार किया था कि उन्होंने सांसद की ओर से पैसे बांटे थे.’

इस मामले में अली को पहला और कविता को दूसरा आरोपी बनाया गया है.

ट्रायल के दौरान पुलिस ने फ्लाइंग स्क्वाड के अधिकारी और उनकी रिपोर्ट को बतौर साक्ष्य पेश किया था. इस बीच अली ने स्वीकार किया कि उन्होंने मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए पैसे बांटे थे.

इससे पहले मार्च 2018 में सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर गठित विशेष अदालत ने भाजपा विधायक राजा सिंह और टीआरएस विधायक दानम नागेंदर को दोषी ठहराते हुए जेल भेजने का आदेश दिया था.

राजा सिंह पर बोलारम पुलिस स्टेशन में एक पुलिस अधिकारी के साथ मारपीट करने का मामला दर्ज किया गया था, जबकि दानम नागेंदर को बंजारा हिल्स पुलिस स्टेशन में एक सरकारी अधिकारी पर हमला करने के लिए अपने सहयोगी को उकसाने देने के लिए दोषी ठहराया गया था.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)