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कांग्रेस नेताओं के ट्रैक्टर से संसद पहुंचने के बाद दिल्ली पुलिस ने मामला दर्ज किया

बीते सोमवार को कृषि क़ानूनों को वापस लेने की मांग करते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी कुछ कांग्रेसी नेताओं और सांसदों के साथ ट्रैक्टर चलाकर संसद पहुंचे थे. कांग्रेस महासचिव रणदीप सुरजेवाला ने दावा किया था कि इसके बाद उन्हें और कुछ अन्य पार्टी नेताओं को दिल्ली पुलिस ने सात घंटे से अधिक समय तक हिरासत में रखा.

किसानों की मांगों के समर्थन में संसद तक ट्रैक्टर लेकर जाते राहुल गांधी. (फोटो: ट्विटर/राहुल गांधी)

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी समेत पार्टी के कुछ नेताओं के केंद्र के तीन कृषि कानूनों के विरोध में ट्रैक्टर से संसद पहुंचने के संबंध में एक मामला दर्ज किया है. अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी.

हालांकि पुलिस ने मामले के संबंध विस्तृत जानकारी देने से इनकार कर दिया और कहा कि मामले में जांच जारी है. घटना सोमवार को हुई थी.

राहुल गांधी ऐसे समय पर कृषि कानूनों के विरोध में ट्रैक्टर चलाकर संसद भवन परिसर के नजदीक पहुंचे, जब किसान जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं.

कांग्रेस महासचिव रणदीप सुरजेवाला ने सोमवार को दावा किया कि तीन कृषि कानूनों के खिलाफ उनके विरोध के बाद उन्हें और पार्टी के कुछ अन्य नेताओं को दिल्ली पुलिस ने सात घंटे से अधिक समय तक हिरासत में रखा था.

पिछले साल सितंबर में बने इन कानूनों के विरोध में सुबह ट्रैक्टर चलाकर संसद के बाहर पहुंचे कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लिया गया था.

सुरजेवाला के साथ अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के सचिव प्रणव झा और भारतीय युवा कांग्रेस के अध्यक्ष बीवी श्रीनिवास भी शामिल थे.

पुलिस ने बताया था कि मंदिर मार्ग पुलिस थाने में 10 लोगों को हिरासत में लिया गया है. बाद में सभी को छोड़ दिया गया.

कृषि कानूनों का विरोध और उन्हें वापस लेने की मांग करते हुए गांधी, कुछ अन्य कांग्रेसी नेताओं और सांसदों के साथ ट्रैक्टर चलाकर संसद पहुंचे थे.

राहुल गांधी जो ट्रैक्टर चला रहे थे उस पर उनके साथ राज्यसभा सदस्य दीपेंद्र हुड्डा, प्रताप सिंह बाजवा और पार्टी के कुछ अन्य सदस्य बैठे थे. इस ट्रैक्टर के आगे एक बैनर भी लगा था जिस पर ‘किसान विरोधी तीनों काले कृषि कानून वापस लो’ लिखा हुआ था.

तीनों कृषि कानून वापस लिए जाने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे किसानों के प्रति समर्थन जताने वाले राहुल गांधी ने कहा था, ‘सरकार के मुताबिक आंदोलन कर रहे किसान आतंकवादी हैं. किसानों की बात नहीं सुनी जा रही है. दो-तीन बड़े उद्योगपतियों के लिए ये कानून लाए गए हैं. यह बात पूरा देश जानता है. इन कानूनों को वापस लेना पड़ेगा.’

बाद में उन्होंने ट्वीट किया था, ‘अगर खेत बेचने पर मजबूर करोगे, तो ट्रैक्टर संसद में चलेगा- सत्य की फ़सल उगाकर रहेंगे!कृषि-विरोधी क़ानून वापस लो.’

गौरतलब है कि दिल्ली से लगे टिकरी बॉर्डर, सिंघू बॉर्डर तथा गाजीपुर बॉर्डर पर किसान पिछले साल नवम्बर से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. उनकी मांग है कि तीनों कृषि कानूनों को वापस लिया जाए और न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी दी जाए.

हालांकि सरकार का कहना है कि ये कानून किसानों के हित में हैं. सरकार और प्रदर्शन कर रहे किसानों के बीच कई दौर की वार्ता हुई जो बेनतीजा रही है.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)